Only Congress party can strengthen the country. And he is the one who gave us freedom. Follow and Support Indian National Congress.. Follow Congress & Congressi
राहुल गांधी ने प्रेस के सामने जैसे ही साहिल को पेश कर बताया कि किस तरह सुरक्षा बलों ने पैलेट गन का इस्तेमाल किया है, सी आर पी एफ ने जांच के आदेश दे दिए। बीते 4 दिन से दिल्ली पुलिस व सुरक्षा बल इस बात से इनकार कर रहे थे कि उन्होंने पैलेट गन का प्रयोग किया। अब पता चल रहा है कि आर ए एफ ने 12 बोर पम्प गन का इस्तेमाल किया था।
पिस्तौल निकालनेवाले ये भूल गये कि अगर उनकी पढ़ाई बीच में रुक जाती, तो ये पुलिस की नौकरी इनके हाथ न आती।
विश्वविद्यालय हमेशा आक्रांताओं ने तोड़े हैं, और कुछ नहीं कहना है।
#जौहर_यूनिवर्सिटी_रामपुर_उप्र
How dare you threaten students for exercising their democratic rights?
Please note, you are the ones that will be held accountable when the time comes.
नेहरू की पहली कैबिनेट//मोदी की कैबिनेट
तब ना कोई विश्वगुरु, ना साइंटिस्ट्स, ना डिप्लोमैट,
ना कोई धार्मिक गुरू था…सिर्फ देश गढ़ने का विजन था
अब सब महान है जो 2047 के लिए कार्यरत है…
इथेनॉल का मामला बहुत बड़ा है और केवल गडकरी तक सीमित नहीं है बल्कि पूरी सरकार तक फैला हुआ है।
इथेनॉल का उत्पादन बढ़ाने के लिए मोदी सरकार ने घाटे में अपने चावल बेचने का फैसला किया है।
जिस कीमत पर किसान से खरीदा था उससे 49 रुपए प्रति क्विंटल कम पर इथेनॉल बनानेवालों को दिया जाएगा।
सरकार ने 2369 रुपए प्रति क्विंटल की MSP पर खरीद की थी।
और अब से 2320 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से फैक्ट्रियों को दिया जाएगा।
सरकार को घाटे के साथ इसका एक और परिणाम सस्ता बचने के कारण किसानों को धान का बेहतर मूल्य में भी बाधा आएगी।
मगर सरकार इथेनॉल के लिए कुछ भी करेगी!
उसे न किसान की परवाह है ना गाड़ियों की।
देखिए @ruralvoicein
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मोहन यादव के चचेरे भाई निलेश यादव पहले अतिरिक्त जिला न्यायाधीश थे। पिछले वर्ष उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया और मोहन यादव ने उन्हें मध्य प्रदेश का अतिरिक्त महाधिवक्ता बना दिया गया।
कुछ महीने पहले नेता प्रतिपक्ष @UmangSinghar के पास कुछ किसान आए थे जिनकी करोड़ों की ज़मीन नीलेश यादव ने हड़प ली।
अब रिपोर्टों में यह दावा सामने आया है कि उनके नाम पर लगभग 108 एकड़ जमीन है।
इंडियन एक्सप्रेस का बड़ा खुलासा.
एमपी के मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार ने बीते पांच सालों में 253 एकड़ ज़मीन खरीदी है . ये ज़मीनें उज्जैन के उन इलाकों में खरीदी गई हैं , जहां मध्यप्रदेश सरकार Infrastructure Development का जबरदस्त काम कर रही है .
मुख्यमंत्री मोहन यादव, उनकी पत्नी सीमा यादव , बेटा वैभव यादव, बहू शालिनी यादव बड़े भाई नारायण यादव समेत पूरे कुनबे ने सस्ती जमीनें खरीदकर बहुत बड़ा लैंड बैंक बनाया है . सरकारी खजाने से इलाके के विकास की कई गुना कीमत वसूलने की तैयारी की गई है .
पढ़िए और सोचिये कि ये लोग कितने बड़े खिलाड़ी हैं .
ऐसे ही बड़े बड़े लोगों ने अयोध्या में ज़मीन खरीदी थी .
आज देखना है कि कौन चैनल इस खुलासे पर मोहन यादव को घेरता है ?
कई साथियों ने INDIA गठबंधन की बैठक में मेरे भाषण का हिंदी अनुवाद मांगा था - यह रहा, ज़रूर सुनें।
8 जून को INDIA गठबंधन की बैठक में 20 से भी ज़्यादा नेताओं के भाषणों और बातों को सुनने के बाद आखिर में मैंने इस भाषण से उन्हें संबोधित किया।
जब भारत की सोच, देश की आत्मा पर संकट हो... जब संस्थाओं पर कब्ज़ा हो... जब जनता की आवाज़ दबाई जाए...तब सिर्फ़ एकता के साथ प्रतिरोध काम आता है।
मैं फिर से कह रहा हूँ - 2024 का चुनाव हम हारे नहीं थे और 2029 का चुनाव हम जीत चुके हैं।
हम एकजुट रहेंगे, जन-जन को संगठित करेंगे और प्रतिरोध की ताकत से BJP और उसके भारत के संस्थानों पर कब्ज़े को हराएंगे।
https://t.co/JkKgow6pi7
लो फाड़ दिए तुम्हारे बैनर, उठा ले जाओ🔥
राहुल जी और INDIA गठबंधन की बैठक से घबराई भाजपा ने लुटियंस दिल्ली में NDMC की मिलीभगत के साथ प्रोपेगैंडा बैनर लगाए थे। जो अब IYC कार्यकर्ताओं ने उखाड़ फेंके है।
सुधर जाओ संघियों..
डीएमके नहीं आ रही।
गोदी मीडिया के लिए बहुत बड़ी खबर।
जबकि इंडिया गठबंधन को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
राजनीतिक दल मीडिया की तरह हवा हवाई नहीं सोचते।
सबको मालूम है कि अगर कांग्रेस तमिलनाडु में डीएमके को सपोर्ट देता भी रहती तो भी उसकी सरकार नहीं बन सकती थी।
जो मोदी चाहते थे वह राष्ट्रपति शासन लग जाता।
और उसके बाद विजय की पार्टी तोड़कर वे अपने समर्थन की सरकार बनवा लेते। डीएमके भी टूट जाती।
जब टीएमसी टूट सकती है तो डीएमके तो पहले कई बार टूट चुकी है।
स्टालिन नहीं समझ रहे हैं तो अपना नुकसान करेंगे।
कहां उनके सरकार रिपीट करने की बात हो रही थी कहां एआईडीएमके उनके बराबर सीटें ले आया।
गोदी मीडिया को खुश होने दें। इंडिया गठबंधन को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
8 जून की इस बैठक में सारे विपक्षी दल आ ही इसीलिए रहे हैं कि वह समझ गए हैं की उनके अस्तित्व को राहुल ही बचा सकते हैं।
सारे दल टूट गए मगर ना राहुल टूटे ना कांग्रेस को टूटने दिया।
बल्कि अब यह कहकर की आपकी सारी खबरें मेरे पास आ रही हैं मोदी के साथ डायरेक्ट मुकाबले में हैं।
इंदिरा गांधी इसी तरह फैसला करती थीं।
काम करना है तो आइए!
जितने नए मुख्यमंत्री उन्होंने बनाए किसी ने नहीं।
और आधार एक ही था जो भी काम करना चाहता है उसे मौका देना।
राजीव गांधी के समय भी यह सिलसिला चला।
अब राहुल इसे लागू कर रहे हैं।
इस फैसले की सबसे खास बात होती है खुद जांच परख करना और अपना आदमी बनाकर भेजना।
इंदिरा और राजीव के बनाए जितने मुख्यमंत्री थे सब जानते थे कि यह उनके आदमी है।
मगर बाद में सोनिया गांधी के विश्वास का लोगों ने बहुत फायदा उठाया।
उनके आसपास के लोगों ने भी और जो एक बार मुख्यमंत्री बन गया उसने भी।
असम में गोगोई और दिल्ली में शीला दीक्षित को 15- 15 साल।
हरियाणा में हुड्डा को 10 साल।
महाराष्ट्र में पृथ्वीराज चौहान को मुख्यमंत्री बनाना।
मध्य प्रदेश में सुरेश पचौरी को कांग्रेस अध्यक्ष बनाना।
यह सारे फैसले अब तक कांग्रेस को नुकसान पहुंचा रहे हैं। और ऐसे और कई फैसला भी बताए जा सकते हैं।
राहुल ने कमान संभाल ली है।
और अगर ऐसे ही संभाले रहे तो पार्टी को बहुत फायदा होगा।
यथास्थितिवाद से निकलकर इंदिरा के समय जो आगे बढ़ती हुई पार्टी दिखती थी वह दिखने लगेगी।
खबर ये नहीं है कि सर्वोच्च न्यायालय ने आज चुनाव आयोग के SIR को संवैधानिक बता दिया है।
असली खबर ये है कि अब इस देश में भाजपा तय करेगी कि कौन वोट कर सकता है और कौन नहीं।
खबर ये है कि इस देश के संविधान को बचाने का जो शायद अंतिम स्तंभ था, उसके कुछ हिस्से आज टूटकर गिर गए। #KhabarYehNahiHai