देश में शिक्षा सरकार की जिम्मेदारी होती है, लेकिन आज शिक्षा को कमजोर किया जा रहा है।
⦿ UPA सरकार में बजट का 4.6% शिक्षा में जाता था, जिसे अब 2.6% कर दिया गया है
⦿ पिछले 10 साल में 1.5 करोड़ स्कॉलरशिप छीन ली गई है
⦿ आज हिंदुस्तान में 10 लाख टीचरों की पोस्ट खाली पड़ी है
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
📍 इंदौर
#ChhatronKiGoonj
देश पर एक system का कब्ज़ा है - परत दर परत।
कौन है ये सिस्टम?
RSS और "हम दो, हमारे दो" की अगुवाई में गिनती के लोगों ने मिल कर भारत की हर संस्था पर अपना नियंत्रण कर लिया है।
सरकार हो, व्यापार हो, शिक्षा हो, स्वास्थ्य हो, खेल हो, मीडिया हो, न्यायपालिका हो, चुनाव आयोग हो या bureaucracy - इस सिस्टम में हुनर नहीं, पैसा और पहुंच मायने रखता है।
इस क़ब्ज़े के खिलाफ, भ्रष्टाचार के खिलाफ, अन्याय के खिलाफ छात्रों की आवाज़ ही सिस्टम के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।
इसीलिए system को students से खतरा है - क्योंकि वो सवाल पूछते हैं, जवाबदेही मांगते हैं।
इसी डर से सिस्टम छात्र नहीं, अंधभक्त चाहता है - छात्रों को प्रताड़ित करता है, अंधभक्त को बढ़ावा देता है, ताकि कोई सवाल न उठे और मनमानी चलती रहे।
#ChhatronKiGoonj
जिम्मेदार तान रहे चादर, सड़क पर नारे लगा रहे मासूम और बहरी बनी सरकार!
कन्नौज के गुगरापुरा में मासूम बच्चों का यह सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करना किसी एक स्कूल की बानगी नहीं, बल्कि भाजपा सरकार के उस खोखले प्रशासनिक तंत्र की पोल खोलता है जहां भ्रष्टाचार और तानाशाही का बोलबाला है। जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए, उस उम्र में उन्हें अपनी बुनियादी हक की लड़ाई के लिए प्रिंसिपल के खिलाफ सड़कों पर नारे लगाने पड़ रहे हैं।
डबल इंजन की सरकार के नुमाइंदे एसी कमरों में बैठकर विकास के झूठे आंकड़े गढ़ रहे हैं, और जमीनी हकीकत यह है कि सरकारी विद्यालयों के बच्चे भगवान भरोसे जीने को विवश हैं।