यह स्टेज पर इतना फेंक रहे थे कि ख़ुद मुख्यमंत्री सहित सब लोग हँसने लगे
रवि किशन जी आप सांसद हैं, कोई मसखरे थोड़े ही हैं!
और यह जो जनता को अंधा बुलाने की हिमाक़त की है आपने - उसका हिसाब होगा
इस पोस्ट में 1% भी सच्चाई है
भर्ती कैलेंडर फेल ,
बजट घोषणा का वर्गीकरण तक नहीं
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना शुरू होने से पहले ही बंद
युवाओं का बेरोजगारी भत्ता बंद
खेल में कोई विशेष योजना नहीं ,स्कूल कॉलेज लेवल वाले गेम भी लगभग बंद
युवाओं के लिए एक भी कार्य और योजना ऐसी नहीं जो धरातल पर शुरू हुई हो और 15 युवाओं को भी लाभ मिला हो ।।
झूठ पर झूठ और गुमराह करने से युवा वोट नहीं देंगे
अधिकारियों का स्वर्णकाल चल रहा है उनको आगे बढ़ाने की जरूर कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है बाकी वास्तविकता क्या है लोकल चुनाव में पता चल जाएगी
स्कूल ठीक करो अभियान के तहत आम आदमी पार्टी की टीम ब्रज प्रांत पहुंची तो यहां के हालात चौंकाने वाले थे।
फिरोजाबाद, आगरा , हाथरस... हर जिले की हालत आप खुद देखिए।
@myogiadityanath, @CMOfficeUP#SchoolThikKaro
आरक्षण से ‘मेरिट’ खतरे में बताने वालों, इधर भी थोड़ा ज्ञान दीजिए!
यूपी में मंत्री-विधायकों के रिश्तेदारों को नौकरियाँ बाँटने का मामला सामने आया था। भास्कर की पड़ताल के मुताबिक इनमें 55% ठाकुर बताए गए थे। यहां तक कि जांच करने आए अफसर के भतीजे को भी नौकरी मिलने की बात सामने आई थी।
आरक्षण से नौकरी पाने वाला दलित-पिछड़ा आपको तुरंत दिख जाता है, उसकी योग्यता पर सवाल भी उठ जाता है। लेकिन सत्ता, रसूख और रिश्तेदारी के सहारे नौकरी मिले तो ‘मेरिट’ के सारे ठेकेदार अचानक मौन क्यों हो जाते हैं?
सवाल आरक्षण का नहीं, अवसरों पर कब्ज़े और मेरिट के इस दोहरे पैमाने का है।
#SchoolThikKaro मुहिम के तहत सबसे ज्यादा चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई जब आम आदमी पार्टी की टीम काशी प्रांत के वाराणसी में पहुंची, जहां से खुद प्रधानमंत्री मोदी सांसद बनकर प्रधानमंत्री बने... अब आप खुद देखिए मोदी के क्षेत्र के सरकारी स्कूलों की हालत...
अपने नजदीकी बदहाल स्कूलों की वीडियो बनाकर 8382928009 पर व्हाट्सएप करें।
@myogiadityanath@narendramodi@deo_varanasi@CMOfficeUP
बिहार के नालंदा में मिड डे मील के खाने में बच्चों ने नमक मांगा तो उसकी जगह डिटरजेंट पाउडर दे दिया गया। जिससे 35 बच्चे बीमार होकर अस्पताल पहुँच गए।
सोचिए, इससे ज्यादा शर्मनाक क्या होगा?
दूसरों को गौमूत्र और गोबर से इलाज की सलाह देने वाले कथावाचक खुद अमेरिका के अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा लेते नजर आ रहे हैं। यह मनुवादी पाखंडियो का दोहरा मापदंड नहीं तो और क्या है?
ISRO साइंटिस्ट सैलरी— ₹56,100
DRDO साइंटिस्ट सैलरी— ₹56,100
अग्निवीर जवान की सैलरी— ₹21,000
सरकारी डॉक्टर सैलरी— ₹80,000
IAS अफसर सैलरी— ₹56,100
लेकिन सुधीर चौधरी को प्रति माह लगभग 1.3 करोड़ रुपए सैलरी मिलती है सिर्फ सरकार की चाटुकारिता करने के लिए।
भारतीय के मेहनत का TAX का पैसा कुछ इस तरह से बर्बाद किया जा रहा है।
दिलावर जी,
ये फालतू का तर्क मत दो . आपको बच्चों की निजता की चिंता नहीं , स्कूलों की दुर्दशा के खुलासे की चिंता है .
स्कूलों को ठीक करो वरना आपकी तमाम पाबंदियों को ठेंगा दिखाकर बच्चे ही स्कूलों का वीडियो बना -बनाकर वायरल करने लगेंगे.
आपकी सरकार को बच्चे ही एक्सपोज करेंगे .
यूपी के महोबा में गड्ढा-मुक्त सड़क का हक मांगने सड़क पर उतरे स्कूली बच्चों पर पुलिस की लातें और बदसलूकी!
सड़कों के बड़े-बड़े दावों की पोल महोबा के स्कूली बच्चों ने खोल दी, तो जवाब में पुलिस की बर्बरता मिली!
जो हाथ कलम और किताबें थामने के लिए बने हैं, उन मासूम छात्र-छात्राओं को सड़क से लात मारकर हटाना बेहद शर्मनाक है।
यह कैसी व्यवस्था है जहां अपने भविष्य के लिए आवाज उठाने वाले मासूमों को इंसाफ के बजाय पुलिस का अत्याचार मिल रहा है?
सत्ता के अहंकार में चूर सरकार बच्चों की सुरक्षा करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है।
#SchoolThikKaro
हैदराबाद की एनएएलएसएआर यूनिवर्सिटी के छात्रों ने सीजेआई सूर्यकांत को दीक्षांत समारोह का मुख्य अतिथि बनाए जाने पर आपत्ति जताई है. छात्रों ने उनके हालिया बयानों और छात्र आंदोलनों के दौरान सुप्रीम कोर्ट के रुख का हवाला देते हुए विश्वविद्यालय से फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है.
मेरी मम्मी ने जमीन बेचकर मुझे B.Ed. कराया, लेकिन पिछले 4 साल से कोई वैकेंसी नहीं आई है।
मैं पटना में रहकर पढ़ाई करता हूं। हर महीने 10–12 हजार रुपये का खर्च आता है। आखिर मेरी मम्मी कहाँ से इतने पैसे देगी?
आज B.Ed, PG और CTET क्वालिफाइड होने के बाद भी मुझे 20 हजार रुपए की नौकरी नहीं मिलेगी। ऊपर से जब हम आंदोलन करते हैं, तो पुलिस हमें लाठी से मारती है, डिटेन कर लेती है।
📍 प्रयागराज
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जी... ये तो पता था कि मोदी जी और भाजपा के लोग आदिवासियों से नफ़रत करते हैं, लेकिन ये कल्पना नहीं थी कि एक प्रदेश के मुखिया आदिवासी दिवस पर आदिवासी भाई-बहनों को बधाई तक नहीं देंगे।
आज पूरा प्रदेश में धूमधाम से आदिवासी दिवस मना रहा है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल जी आदिवासी दिवस की बधाई देने तक से परहेज कर रहे हैं। आदिवासी समाज से RSS-BJP की नफ़रत में आप पूरे समाज को भूल जाएंगे, इस बेरुखी की कल्पना कभी नहीं की थी।
सच्चाई यही है कि भाजपा दलितों एवं आदिवासियों से घृणा करती है। इनके मंत्री आदिवासियों का DNA चेक कराते हैं, सत्ता में बैठकर ये लोग आदिवासी महापुरुषों के इतिहास को किताबों से मिटाते हैं, और मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने से इनकार करते हैं।
मुख्यमंत्री जी... RSS और BJP की असली सोच और सच्चाई आदिवासी समाज देख रहा है। ये सिर्फ एक बधाई का सवाल नहीं है, ये आदिवासी समाज के सम्मान और पहचान की बात है।
जय जोहार, जय आदिवासी 🙏
एससी एसटी आरक्षण कैटगरी में क्रीमी लेयर नही होना चाहिए.
भूतपूर्व चीफ जस्टिस बीआर गवाई ने अपने आसपास के सवर्ण लॉबी को न्यूट्राल बनकर खुश करने के लिए एससी एससी आरक्षण में क्रीमी लेयर जोड़ने की वकालत की थी.
सुप्रीम कोर्ट में अक्सर एक पारसी जज होता है. भारत में पारसी समाज की लाखों करोड़ों की संपत्ति है. उनके मौलिक अधिकारों के खिलाफ आज तक किसी पारसी जज ने फैसला नही दिया.
बहुजन समाज की विडंबना है कि समाज का ही व्यक्ति समाज के खिलाफ फैसला सुनाता है. जो बीज बीआर गवाई बो कर गए और उसी को बुनियाद बनाकर एससी एसटी आरक्षण में क्रीमी लेयर जोड़ने की बहस कर रहे हैं.
भारत का राष्ट्रीय मुद्दा सवर्ण जातियों का ओवर रिप्रजेंटेशन है. प्राइवेट सेक्टर की व्हाइट कॉलर की 80% नौकरियां बिना किसी लिखित परीक्षा के इंटरव्यू और जाति बिरादरी के सहारे बांटी जा रही है. इस पर आरएसएस या आरक्षण विरोधी संगठनों का मुंह नही खुलता.