प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं - इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते।
152 पेपर लीक। 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित। और सज़ा एक दोषी को भी नहीं। सजा किसे मिली? मेहनती युवाओं को।
और जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज़ सवाल उठाए - तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत। लीक करने वाले अपराधी आज़ाद - और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं।
यह सरकार सिर्फ़ युवाओं को नाकाम नहीं कर रही - उनपर टूट पड़ी है।
पुलिस की नौकरी भी अपने आप में जीवन का फुल सर्कल है। पहले भर्तियों के लिए खुद लाठियां खाते हैं।
फिर खुद की भर्ती होने के बाद नई भर्ती माँगने वालों को लाठियों से छीलते हैं।
उद्धव ठाकरे की ओर से सोनम वांगचुक के लिए बुलाए आंदोलन को खत्म हुए एक घंटा हो चुका है, लेकिन अब भी शिवाजी पार्क के पास युवाओं का आंदोलन जारी है.. युवा बीजेपी से नाराज़ हैं और यह उसका सबूत है.. एक घंटे बाद भी जनता का आंदोलन इसका सबूत है कि युवाओं को बीजेपी का असली चेहरा का पता चल गया है!
किसी भी अवार्ड से बढ़कर है ये, अजित अंजुम जी ने कमाया है
असल मे लोग जंतर मंतर पर मार्च मे शामिल होने मुंबई से आए मगर जो प्यार अजित जी के लिए लुटा रहे है वाकई ये यू ही तो संभव नही है
इसके लिए स्टूडियो मे बैठकर चाटूकारिता से काम नही चलता बल्कि ये सब धरातल पर उतरकर सच दिखाने से संभव हो पाया है
I have covered every major mass movement of the past decade, but nothing comes close to what I witnessed at the CJP today. Every road leading to Sansad Bhawan.
Watch these two minutes. Live Lathi charge, tear gas
Recorded at 4 pm today,within a 1 km radius of Jantar Mantar.
ये नया भारत है,
नए भारत में पेपर लीक पर छात्र सवाल नहीं पूछ सकते !
विरोध करने पर लाठियाँ मारी जाती हैं,आँसू गैस के गोले छोड़े जाते हैं,निरंकुश सत्ता पत्थर मारती है,इंटरनेट बंद कर दिया जाता है।
नए भारत में सवाल पूछने पर आपको पाकिस्तानी कह दिया जाता है !
ये नया भारत है !
पिछले कई दिनों से कह रहा हूँ की इस आंदोलन को मात्रा जंतर मंतर पर आ रही भीड़ से नहीं आंकिये! यहाँ की आवाज बहुत दूर तक जा चुकी है!
आज सिर्फ संकेत और ट्रेलर भी है! चेतिये! संवाद कीजिये! समाधान कीजिए! मुद्दों पर बात कीजिये! हिन्दू-मुस्लिम,भारत-पाकिस्तान वाले नैरेटिव से बाहर निकालिये खुद को! टीवी स्टूडियो के फीडबैक पर भरोसा नहीं कीजिये! खुद से रियलिटी चेक लीजिये और कोर्स करेक्शन कीजिये!
नहीं तो जंतर मंतर से जो आवाज निकली है अभी हर शहर गाँव में पसरेगी! या यूँ कहें पसरने लगी है! पुलिस के डंडे से समाधान निकालने की कोशिश मत कीजिये! ये अपने लोग हैं!
मैंने भी डिम्पल यादल को इतने गुस्से में नहीं देखा। डिम्पल जो बात कह रही हैं किसी का भी सब्र जवाब दे सकता है मगर वे आपे से बाहर नहीं हैं। अपनी बात मज़बूती से रख रही हैं। एक युवा लड़की जिस भरोसे के साथ महिला सांसद से शिकायत करती है, महिला सांसद उस भरोसे को बनाए रखती हैं।