अपनी मातृभाषा पर हर व्यक्ति को गर्व होता है - होना भी चाहिए
लेकिन अंग्रेज़ी समझना और बोलना शर्म की बात कैसे है?
BJP के अधिकांश मंत्रियों के बच्चे विदेश में पढ़ेंगे - धाराप्रवाह अंग्रेज़ी बोलेंगे
लेकिन आम आदमी को अंग्रेज़ी बोलने में शर्म आनी चाहिए?!
स्विस बैंक में भारत का पैसा तीन गुना बढ़कर 37,600 करोड़ रुपए हो गया है.
नरेंदी मोदी ने 2014 में कहा था, विदेशी बैंकों में जमा काला धन लाऊंगा, सबको 15-15 लाख रुपए दूंगा. न काला धन आया, न 15-15 लाख मिले.
खैर... आप ये मस्त वाला जुमला सुनिए 👇
पाकिस्तान आतंकियों को पनाह देता है
उनकी मदद करता है, उन्हें ट्रेन करता है, उन्हें असलहे बारूद सब देता है
देखिए कैसे पाकिस्तान की सेना मसूद अज़हर के आतंकियों के जनाज़े में शामिल हो रही है
किसको चाहिए पाकिस्तान की आतंकी हरकतों का सबूत?
सिंधिया जी ने 2018 में मोदी
सरकार से कुछ सवाल पूछे थे.
ये सवाल आज भी कायम हैं.
देश पूछता है 👇
• आतंकवादी हमारी सीमा में घुसे कैसे?
• एक सिर के बदले 10 सिर लाने का क्या हुआ?
• लाल आंख का क्या हुआ?
• मुंहतोड़ जवाब का क्या हुआ?
@digvijaya_28@INCMP
अत्यंत ही दुखद 😭
थोड़ी सी लापरवाही के कारण 12 लोगों की जान चली गई एक भाई ने हिम्मत दिखाकर लोगों को बचाना चाहा और उनको बचाते हुए खुद की भी जान चली गई धन्य है ऐसे भाई को
सभी दिवंगत आत्माओं को #भावपूर्ण_श्रद्धांजलि😭
@Vipinjain_@JagdishDevdaBJP
मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले के थाना बड़ागांव में दलित समाज के आत्मसम्मान पर हुआ खुला जातंकी हमला।
जातीय आतंकवाद — का जीवित प्रमाण है।
हम सरकार, प्रशासन और पूरे समाज से सवाल पूछते हैं –
प्रशासन ऐसे मामलों में त्वरित और सार्वजनिक कार्रवाई करे
@CMMadhyaPradesh@digvijaya_28
मध्य प्रदेश के मंदसौर में हुई सड़क दुर्घटना में अनेक लोगों की मृत्यु का समाचार बहुत ही दुखद है। मैं मृतकों के परिवारजनों के प्रति गहन शोक संवेदना व्यक्त करती हूं तथा घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं।
सवाल था - क्या पहलगाम हमले में कश्मीरियों का भी हाथ हो सकता है❓
अब प्रयागराज से बीजेपी विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी का उम्मीद से अच्छा जवाब सुनिए...
जिस तरह का माहौल बन गया है उसमें ये बात हर किसी तक पहुंचनी चाहिए।
मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले के थाना बड़ागांव में दलित समाज के आत्मसम्मान पर हुआ खुला जातंकी हमला।
दलित युवक जितेंद्र अहिरवार की बारात का रास्ता रोककर पूरी बारात पर हमला करना और पथराव करना — यह दलित समाज के सम्मान की बेरहमी से की गई हत्या है। यह घटना अत्यंत पीड़ादायक और दण्डनीय है।
यह सिर्फ जातीय घृणा नहीं, बल्कि भारतीय इतिहास के सबसे प्राचीन आतंकवाद — जातीय आतंकवाद — का जीवित प्रमाण है।
हम सरकार, प्रशासन और पूरे समाज से सवाल पूछते हैं –
क्या यह आतंकवाद से भी अधिक भयावह नहीं है?
क्या दलितों की बारातें अब भी जातीय आतंकवाद की ‘इजाज़त’ की मोहताज हैं?
हम @MP_MyGov से माँग करते हैं:-
मामले में SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम की सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए
पीड़ित युवक को सुरक्षा, मुआवज़ा और सम्मान प्रदान किया जाए
प्रशासन ऐसे मामलों में त्वरित और सार्वजनिक कार्रवाई करे।
@CMMadhyaPradesh@DrMohanYadav51
जब नरेंद्र मोदी जी मुख्य मंत्री थे,और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी थे तब आतंकवादी हमलों पर उनके खिलाफ गाल बजाते रहते थे
अब जब खुद केंद्र की सत्ता में आए तो आतंकवाद पर सांप सूंघ गया है।