🔥 देश को गोदी मीडिया नहीं, ऐसे ही बेखौफ पत्रकारों की जरूरत है।
जो निडर होकर जनता के टैक्स के पैसों का हिसाब पूछें और सत्ता की आँखों में आँख डालकर सवाल करें।
क्योंकि पत्रकारिता सत्ता की चापलूसी नहीं, जनता के प्रति जवाबदेही है। 🇮🇳
परेल, मुंबई में ईद मिलादुन्नबी ﷺ के जुलूस के बाद जिन दो युवकों के साथ गुंडों ने मारपीट की और जबरन JSR के नारे लगवाए, उन सभी के खिलाफ़ सख़्त से सख़्त कार्रवाई की जाए और उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाए: AIMIM राष्ट्रीय प्रवक्ता @warispathan की मांग
हम पहले 16 रुपए में CNG भरवाते थे, लेकिन आज CNG की कीमत 90 रुपए हो गई है।
हमें इस सरकार की नीति सही नहीं लग रही है। CNG के दाम बढ़ने से हमें बहुत परेशानी हो रही है।
BJP-RSS वालों का एजेंडा फेल होता हुआ दिख रहा है दिन रात इतनी नफरत फैलाने के बाद भी प्यार मोहब्बत और ज्यादा बढ़ रही है! 😂
अंधभक्तों को अब नींद नहीं आएगी! 🤡
“🚨 ब्रेकिंग: सुबह 6 बजे इज़राइल के
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कथित तौर पर कहा—‘हम एक महान राष्ट्र हैं, कोई हमें छू नहीं
सकता।’ सुबह 10 बजे ईरान ने इज़राइल पर बड़े पैमाने पर बमबारी/मिसाइल हमला किया,
जिससे पूरे इज़राइल में घबराहट और अफरा-तफरी फैल गई।”
फिलिस्तीनी बच्चों के मुंह से निकलते लफ़्ज। उनकी इस मुश्किल भरी जिंदगी में भी अपने ईमान, अपने नबी ﷺ से मुहब्बत और सब्र की गवाही देते है।
वहीं उनकी आंखें बता रही है कि या रसूलल्लाह ﷺ आपकी उम्मत के जिम्मेदार लोगों ने गैर जिम्मेदाराना काम किए और हमे अकेला छोड़ दिया।🥹
बॉलीवुड ड्रामा क्वीन राखी सावंत उर्फ़ राखी फातिमा ने उमराह के दौरान मक्का शहर में सैकड़ो की संख्या में बेशकीमती जानमाज बाँटी ,
राखी सावंत इस समय सऊदी अरब उमराह करने गयी हुई है ,
आदरणीय भजनलाल जी ,
आदरणीय योगी जी ,
आपने अपने -अपने राज्य के स्कूलों में पत्रकारों की एंट्री पर पाबंदी लगा दी है .
स्कूलों की बदहाली दिखाने वालों पर FIR हो रही है . यूपी में तो आठ FIR हो चुकी है .
अब एक सवाल है -
हम अगर स्कूल में दाखिल हुए बगैर ड्रोन से स्कूल परिसर और शौचालय की तस्वीरें
दिखाएंगे तब तो FIR नहीं होगी न?
स्कूलों को No fly zone तो घोषित नहीं करने वाले हैं न?
वैसे राजस्थान के पत्रकारों ने इस पाबंदी का तोड़ निकाल लिया है . स्कूल के पास की दीवार या छत से हकीकत दिखा रहे हैं .
क्या डर है जो इतना छिपा रहे हो सर?
पूरा वीडियो मेरे यूट्यूब चैनल पर
आज की पीढ़ी के नौजवानों को यह जानना चाहिये 👇
वियतनाम युद्ध के दौरान प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने वियतनाम के पक्ष और अमेरिका की नीतियों के खिलाफ मुखर होकर बयान दिए। उस समय भारत खाद्यान्न संकट से जूझ रहा था और राशन की दुकानों के जरिए मिलने वाले अमेरिकी पीएल-480 योजना के घटिया दर्जे के गेहूं पर निर्भर था।
श्रीमती इंदिरा गांधी के बयानों से नाराज अमेरिका ने भारत को गेहूं की आपूर्ति रोकने का फैसला किया। लेकिन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गाँधी ने अमेरिका के सामने घुटने नहीं टेके.
इस गंभीर संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री ने देश के प्रमुख वैज्ञानिकों की एक आपातकालीन बैठक बुलाई और कृषि व्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने के निर्देश दिए। वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया कि इसके लिए कृषि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर वित्तीय निवेश की आवश्यकता है। उस समय देश के सभी बैंक निजी हाथों में थे और कृषि के लिए आवश्यक पूंजी केवल बैंकों के माध्यम से ही जुटाई जा सकती थी।
तब एक दूरदर्शी सोच के तहत 1969 में बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया, जिससे कृषि क्षेत्र के लिए पर्याप्त ऋण और निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ। इसी नीतिगत बदलाव और हरित क्रांति के प्रयासों से भारत न केवल खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर बना, बल्कि उसके बाद से देश में कभी भी अनाज की कमी का सामना नहीं करना पड़ा।