[ लुटेरों के आगे नतमस्तक काकोरी पुलिस ]:
राजधानी लखनऊ @lkopolice@LkoCp में बीते पिछले क़रीब तीन हफ़्ते पहले काकोरी थाना क्षेत्र अंतर्गत एक बड़ी #वारदात को अंजाम दिया गया था #अपराधी अभिषेक राजपूत द्वारा एक व्यापारी एवं व्यापार मंडल के #महामंत्री को जान से मारने की नीयत के उद्देश्य से व्यापारी से #पिस्टल की #लूट की गई एवं व्यापारी पर सामने से कई राउंड #गोलियां चलायी गई।
अपराधी अभिषेक राजपूत जो #बेख़ौफ़ होकर के इंस्टाग्राम पर लखनऊ पुलिस को #सलामी दे रहा है ऐसा लग रहा है जैसे पुलिस को कहना चाह रहा है कि क़ानून के हाथ छोटे होते हैं लगातार अभिषेक राजपूत बेख़ौफ़ होकर घूम रहा है रील बना रहा है लूटी हुई पिस्टल आजतक #बरामद नहीं हुई है व्यापारियों के अंदर भय का माहौल है।
सूत्रों द्वारा पता चला है कि अपराधी अभिषेक राजपूत पर कई मुक़दमे दर्ज होने की सूचना प्राप्त हो रही है आख़िर अपराधी इतना बेख़ौफ़ क्यों है ये #रिश्ता क्या कहलाता है ?
लखनऊ पुलिस सूत्रों द्वारा पता चला है कि आपके नाक के नीचे अपराधी #सरेंडर करने की #योजना बना रहा है आंखें खोल लीजिए मिल जाएगा अभी अपराधियों की इतनी औक़ात नहीं हुई है की अपराध करके #सिस्टम के साथ खिलवाड़ कर सके यह तभी मुमकिन है जब सिस्टम में बैठे लोग या तो आँख बंद कर लें या………समझदार के लिए इशारा ही काफ़ी है:
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बंधा के नाम पर 'पीला सोना' बेच रहे खनन माफिया, कुंभकर्णी नींद में सोया लखनऊ प्रशासन !!
राजधानी लखनऊ के काकोरी क्षेत्र में सरकार के नियमों और आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए मिट्टी खनन माफियाओं का नंगा नाच जारी है !!
काकोरी के बिगहू गांव में प्रशासन से मिट्टी खनन की अनुमति इस शर्त पर ली गई थी कि इस मिट्टी का उपयोग बंधा (तटबंध) निर्माण के लिए किया जाएगा, लेकिन धरातल पर सच इसके ठीक उलट है !!
सरकारी आदेशों को ठेंगे पर रखकर माफिया बंधा के नाम पर निकाली जा रही मिट्टी को ऊंचे और निजी दामों पर खुले बाजार में बेच रहे हैं !!
शासन के अरमानों पर पानी फेरते इस महाघोटाले ने स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है !!
सवाल यह उठता है कि जब बिगहू गांव से लगातार डंपर अवैध रूप से मिट्टी को बाजार में खपा रहे हैं, तो क्षेत्रीय पुलिस, राजस्व विभाग और खनन अधिकारी आंखें मूंदकर क्यों बैठे हैं?
क्या अधिकारियों की शह पर ही इस 'पीले सोने' की लूट मची है, या माफियाओं के रसूख के आगे प्रशासन ने घुटने टेक दिए हैं?
बंधा निर्माण के नाम पर हो रही यह खुली डकैती सीधे तौर पर सरकारी राजस्व को चूना लगा रही है, अगर प्रशासन अब भी इस गंभीर मामले पर गहरी नींद से नहीं जागा और इन बेखौफ माफियाओं पर बुल्डोजर वाली सख्त कार्रवाई नहीं की गई !!
तो यह साफ हो जाएगा कि लखनऊ में कानून का नहीं, बल्कि खनन माफियाओं का राज चल रहा है !!
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@firoz__shekh खनन विभाग को सख्त से सख्त कार्यवाई करनी चाहिए
कहीं न कहीं खनन विभाग के लोग खनन माफिया से मिले हुए हैं तब ही तो मलहा ब्लैक लिस्ट होने के बावजूद भी परमीशन मिल गयी है
🚨 लखनऊ में फिर अवैध खनन का खेल!
🔹 NOC गाटा संख्या 1290 व 1398 के लिए जारी।
🔹अवैध खनन गाटा संख्या 1391स में।
👉 किसान पथ को तोड़ कर खनन वाहनो के लिए रास्ता बनाया गया है
🔹 18,548 घन मीटर मिट्टी निकालने की अनुमति।
🔹 10 फुट से अधिक गहराई तक खुदाई का आरोप।
🔹 खनन स्थल पर न बोर्ड, न सीमांकन।
🔹 शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप।
🔹 लेखपाल का दावा—“अब तक ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली।”
मलिहाबाद, लखनऊ। राजधानी लखनऊ में अवैध खनन के मामलों पर अंकुश लगता नहीं दिख रहा है। थाना दुबग्गा क्षेत्र के मल्हा गांव में एक बार फिर खनन नियमों की अनदेखी का गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन से प्राप्त NOC की आड़ में अनुमति प्राप्त गाटा संख्याओं को छोड़कर दूसरे गाटा में बड़े पैमाने पर मिट्टी का अवैध खनन किया जा रहा है।
उपलब्ध अनुमति पत्र के अनुसार SHREE ENTERPRISES को 16 जून 2026 से 24 जुलाई 2026 तक 18,548 घन मीटर साधारण मिट्टी निकालने की अनुमति गाटा संख्या 1290 (रकबा 0.2970 हेक्टेयर) तथा गाटा संख्या 1398 (रकबा 0.6090 हेक्टेयर) के लिए प्रदान की गई है। इसके बावजूद ग्रामीणों का आरोप है कि वास्तविक खनन गाटा संख्या 1391स में किया जा रहा है, जो अनुमति में शामिल नहीं है।
ग्रामीणों के अनुसार उक्त गाटा में 10 फुट से अधिक गहराई तक मिट्टी निकाली जा चुकी है। किसान महेंद्र कुमार पुत्र बेचा लाल, विजय कुमार पुत्र बेचा लाल एवं अन्य ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी भूमि पर भी अवैध खनन किया जा रहा है। उनका कहना है कि खनन स्थल पर न तो निर्धारित सूचना बोर्ड लगाया गया है और न ही अनुमति प्राप्त क्षेत्र का सीमांकन किया गया है, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि खनन किस भूमि पर किया जा रहा है।
NHAI द्वारा निर्मित लखनऊ किसान पथ को तोड़ कर मिट्टी डाल कर वाहनों को निकालने का रास्ता बनाया गया है
अगर आप आम इंसान है NHAI आपके खेत के सामने तार लगा कर हाईवे का रास्ता बंद कर देगी लेकिन खनन माफिया कहीं से भी हाईवे तोड़ मरोड़ कर रास्ता बना सकते है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पूरे मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की गई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इतना ही नहीं, जांच के नाम पर वास्तविक स्थिति के विपरीत रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि खनन स्थलों का निरीक्षण राजस्व एवं खनन विभाग के अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से किया जाता है। यदि निरीक्षण लगातार हो रहा है, तो फिर अनुमति प्राप्त गाटों के बजाय किसी अन्य गाटा में कथित खनन कैसे जारी रहा? यदि शिकायतें पहले से थीं, तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई? यदि जांच में यह तथ्य सामने आता है कि अनुमति की शर्तों का उल्लंघन कर अन्य भूमि पर खनन किया गया, तो यह केवल अवैध खनन का मामला नहीं रहेगा, बल्कि सरकारी अनुमति के दुरुपयोग और निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करेगा।
इस संबंध में जब क्षेत्रीय लेखपाल मनमीत सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि “अब तक इस तरह की कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई है।”
वहीं ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, खनन विभाग एवं राजस्व विभाग से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, राजस्व अभिलेखों एवं सीमांकन के आधार पर वास्तविक खनन स्थल का सत्यापन कराने, अवैध खनन तत्काल बंद कराने तथा दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने यह भी मांग की है कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही अथवा मिलीभगत जांच में सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए। @myogiadityanath@CMOfficeUP@Uppolice@MinesMinIndia@AdminLKO@LkoDevAuthority@brajeshpathakup@dgpup@UPGovt@khurpenchh@YTKDIndia@raavan_india
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