जैसे 8 साल पहले युवाओं को हर साल 2 करोड़ नौकरियों का झांसा दिया था, वैसे ही अब 10 लाख सरकारी नौकरियों की बारी है।
ये जुमलों की नहीं, 'महा जुमलों' की सरकार है।
प्रधानमंत्री जी नौकरियां बनाने में नहीं, नौकरियों पर 'News' बनाने में एक्सपर्ट हैं।
ज़ुबैर लगातार सही सवाल उठाते रहते हैं, इसलिए सत्ता पक्ष की आँख में खटकते हैं।
@zoo_bear जैसे पत्रकार आज के दौर में बेहद ज़रूरी हैं
न जाने कितनी खबरें आपको पता भी नहीं चलती अगर रिस्क लेकर ज़ुबैर उन्हें नहीं उठाते
ऐसे पत्रकारों का साथ दें
#IStandWithZubair
जो विपक्ष 2014 से पहले संसद में हो हल्ला करना अपना अधिकार समझता था
वो सरकार में आते ही संसद की गरिमा स्पीकर की गरिमा जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने लगता है
ये हर विपक्ष के लिए है जो कभी सत्ता में आता है इसलिए भक्त ज़्यादा सेंटी न हों
All the best to @ChennaiIPL & @mipaltan for today’s match. Wishing all the players to be healthy and have a good game. Do well @ImRo45 & @msdhoni Can’t wait to watch you boys! Big hug from 6 feet away.
पीर सिराजुल हसन मुजद्दीदी साहब के निधन के समाचार को सुनकर गहरा दु:ख हुआ।
मानवता की सेवा और कल्याण के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन होम कर देने वाले पीर साहब की शिक्षाएं सदैव हम सबको जनसेवा एवं लोक कल्याण के लिए प्रेरित करती रहेंगी। चरणों में विनम्र श्रद्धांजलि!
भारत में 50 साल ‘धार्मिक कट्टरता’ को आधार बनाकर शासन करने वाले ऑरंगज़ेब का इतिहास ने क्या हश्र किया बताने की ज़रूरत नहीं
अहंकार में डूबा ऑरंगज़ेब खुद को कभी न मिटने वाला बादशाह समझ बैठा था
पर इतिहास किसी को नहीं छोड़ता
सनद रहे बस! शुभरात्रि 😊
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम सर्वोत्तम मानवीय गुणों का स्वरूप हैं। वे हमारे मन की गहराइयों में बसी मानवता की मूल भावना हैं।
राम प्रेम हैं
वे कभी घृणा में प्रकट नहीं हो सकते
राम करुणा हैं
वे कभी क्रूरता में प्रकट नहीं हो सकते
राम न्याय हैं
वे कभी अन्याय में प्रकट नहीं हो सकते।
Remember for the great Mahatma Gandhi, Ram Rajya was an article of personal faith that spoke of a world of justice, harmony and compassion; today, even faith becomes a tv event in an age of political marketing! The values of Ram are bigger than any idol! #JaiShreeRam
इस इंटरव्यू को देखिए-सुनिए।
पत्रकार के बॉडी लैंगुएज, तेवर और तीखे सवालों के सामने दुनिया में सबसे ताक़तवर माने जाने वाले देश के राष्ट्रपति को भी काग़ज़ दिखाना पड़ रहा है।
चाहे जेब में बटुआ हो या नहीं या ये टॉनिक पीने की वजह से थकते नहीं हों, पत्रकार झटके पर झटका दिए जा रहा है।
राम मंदिर का उद्घाटन प्लस एक आपराधिक स्थान पर मोदी का जाना बताता है कि मोदी सिर्फ हिंदुओं के प्रधानमंत्री हैं। दलित, पिछड़े, आदिवासी, मुसलमान, ईसाई और सिखों को दोयम दर्जे का नागरिक बना दिया गया। भारत के इतिहास में इसे दाग की तरह देखा जाएगा।