'जम्मू-कश्मीर में तैनात हूँ, बेटे के इलाज़ के लिए छुट्टी लेकर आया हूँ' -
एम्स के बाहर 4 बजे लाइन में लगे मिले आर्मी के जवान।
@Saurabh_Unmute
Full Video Link
https://t.co/fLTozL4GK3
सम्भल हिंसा के बाद से शहर में धारा 144 BNS 163 लागू है। शाही जामा मस्जिद में नमाज़-ए-जुमा अदा करने के लिए कई सारी प्रक्रिया से गुज़रना पड़ता है। ऐसे में कर्नाटक के किष्किंधा से एक रथ यात्रा संभल पहुंच जाती है। इस यात्रा में सम्भल के सीओ अनुज चौधरी हाथ में गदा लेकर आगे-आगे चलते हैं। एक तरफ धारा 144 दूसरी ओर ऐसा आयोजन।
अब सीओ की ड्यूटी यही है। वर्दी पहेन कर इसने यही कसम खाई थी। इससे न्याय की बात करना भूल जाइए!
किसलिए? क्या सवाल नहीं होना चाहिए?
इलाज से पहले ठंड से मर जाएंगे’
Appointment के लिए मरीज़ रात भर खुले आसमान में बर्फ़ बन चुकी ज़मीन पर लेटे हैं
मंदिर बनाइए पर शहरों में अस्पताल भी बनाइए ताकि इन लोगों को दिल्ली न आना पड़े
Link of Full report from AIIMS Delhi👇
https://t.co/J0c1Lc33KO
संभल की जामा मस्जिद के सामने पुलिस चौकी बनाई जा रही है। मुल्क के किसी भी कोने में चले जाइए, वहाँ की सरकार ना तो स्कूल खुलवाती है, ना अस्पताल। अगर कुछ बनाया जाता है तो वो है पुलिस चौकी और शराब खाने। सरकार के पास किसी और चीज़ के लिए पैसे नहीं होते, बस पुलिस चौकी और शराब खाने के लिए पैसे होते हैं। डेटा खुद ये कहता है कि मुसलमानों के इलाकों में सबसे कम सरकारी सुविधाएँ फ़राहम की जाती हैं।
MVS Films की नफरत की दुकान पुरानी है, बस पोल खुलने में जरा देर हुई, अब खुली है तो क्यों न पूरी तरह एक्सपोज किया जाए!
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आदाब दोस्तों,
पिछले कुछ दिनों से हम सबने मिलकर MVS FILMS की मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैलाने वाली हरकतों के खिलाफ एक मजबूत मुहिम छेड़ी थी। ये वही लोग हैं, जो सोशल मीडिया पर झूठे और अपमानजनक वीडियो बनाकर मुस्लिम समुदाय के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे थे।
इनकी नफरत की दुकान पुरानी है, लेकिन अब इनकी पोल खुल चुकी है, इनके पुराने वीडियो देखें तो साफ समझ आता है कि ये जानबूझकर मुसलमानों को बदनाम करने और समाज में नफरत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
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2 साल पुराने वीडियो अथवा लोकगीत में मुसलमानों को दंगाई बताने, पत्थर बाज दिखाने,पंचर वाला कहकर अपमानित करने, देशद्रोही दिखाने की भरपूर कोशिश की गई है, मुसलमानों का चरित्र हनन करते हुए मजाक बनाया गया है।
ये लोक गीत संभवतः कुछ साल पहले हुए नूपुर शर्मा द्वारा हजरत मुहम्मद PBUH पर की गई अपमानजनक एवं अपत्तिजनक टिप्पणी खिलाफ प्रदर्शन के बाद आंदोलनकारी मुसलमानों पर हुई बर्बरता का असंवेदनशील होकर मज़ाक बनाते हास्यास्पद रूप से प्रस्तुत किया गया है
खुद देखिए इस आपत्तिजनक वीडियो को [आपत्तिजनक वीडियो लिंक https://t.co/n3pqSnJG5P…]
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@biharpolice और @Buxarpolice से पुनः हमारी मांग है कि इस मामले की गहराई से निष्पक्ष जांच हो और इन लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए। ऐसे लोग सिर्फ मुसलमानों के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे समाज के खिलाफ काम कर रहे हैं। इनके नफरत भरे एजेंडे को अब और फैलने नहीं दिया जा सकता।
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MVS FILMS और उनके जैसे लोगों को हमारा साफ संदेश, नफरत के जरिए मशहूर होने की कोशिश छोड़ें, कलाकार हैं तो समाज को जोड़ने वाले कंटेंट बनाएं, नफरत का ज़हर नहीं, मुसलमानों और उनके धर्म पर हमला करके आप न तो समाज में जगह बना सकते हैं, न ही इतिहास में।
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हम सब मिलकर इस नफरत की दुकान को बंद कराएंगे। दोस्तों, यह लड़ाई सिर्फ एक समुदाय की नहीं, बल्कि इंसानियत और अमन की है। आइए, अपनी आवाज़ उठाएं और ऐसे लोगों को सख्त संदेश दें।
#MVSFilms
पाली राजस्थान निवासी राकेश प्रजापति द्वारा इंस्टाग्राम के माध्यम "तकबीर अल्लाह हुअकबर पर की गई अभद्र एवं अमर्यादित टिपण्णी।
आरोपी से से जुड़ी जानकारी @PaliPolice के इनबॉक्स में ,
@RajPoliceHelp@IgpPali कृप्या मामले को संज्ञान में लें।
लोकेशन : फतेहपुर, उत्तरप्रदेश
180 साल पुरानी नूरी जामा मस्जिद में नमाज अदा की गई वो मस्जिद अवैध कैसे कमेटी बोली मस्जिद सरकारी जमीन पर नहीं।
मोहम्मद तय्यब नूरी का कहना है 2.5 लाख का सोलर प्लान लगा और 1.5 लाख के कालीन हटाने का मौका नहीं दिया गया।
आखिर इसकी भरपाई कौन करेगा ।
डियर @amazon और @amazonIN,
यह बेहद अफसोसजनक और तकलीफदेह है कि इस्लाम के सबसे पवित्र ग्रंथ "क़ुरआन-ए-मजीद" को आपके प्लेटफॉर्म के जरिए इतनी लापरवाही और बेअदबी के साथ डिलीवर किया गया।
क़ुरआन मुसलमानों के लिए महज़ एक किताब नहीं है, बल्कि हमारी आस्था, हमारे दिल और हमारी रूह का हिस्सा है। लेकिन जिस हाल में इसे डिलीवर किया गया, उसने हमारे जज्बात को ठेस पहुंचाई और आपकी संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े किए।
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जब कोई ग्राहक धार्मिक चीज़ें ऑर्डर करता है, तो वो सिर्फ एक सामान नहीं मंगाता, बल्कि वो उम्मीद करता है कि इसे पूरे एहतराम के साथ भेजा जाएगा।
आपकी इस लापरवाही ने न केवल भरोसा तोड़ा है, बल्कि यह दिखाया है कि पवित्र चीज़ों को लेकर आपकी टीम का रवैया कितना असंवेदनशील है।
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हमारी मांग है कि, धार्मिक चीजों की पैकेजिंग और डिलीवरी के लिए एक सख्त प्रोटोकॉल बनाया जाए, ताकि ऐसी चीजों को पूरे अदब और देखभाल के साथ हैंडल किया जाए। माफी मांगें और यह भरोसा दिलाएं कि ऐसा भविष्य में दोबारा नहीं होगा। आपकी लॉजिस्टिक्स और पैकेजिंग टीम को इस्लाम सहित सभी धर्मों के पवित्र ग्रंथों और वस्तुओं की अहमियत समझाई जाए।
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आपकी कंपनी को एक ग्लोबल ब्रांड होने का गर्व है, लेकिन धार्मिक चीज़ों को लेकर यह लापरवाही उस भरोसे और सम्मान को खतरें में डाल रही है, जो ग्राहक आप पर करते हैं।
उम्मीद है, आप इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत ध्यान देंगे और अपनी गलती सुधारेंगे। आस्था और सम्मान से बढ़कर कुछ नहीं। #Amazon