जुनैद भाई आप बहुत अच्छे इंसान हो,
आपने ख़िदमत किया है लोग आपको मानते हैं।
पिछली बार के जंतर मंतर प्रोटेस्ट खतम होने के बाद आप के घर पर पुलिस गई थी।
आप रो रो कर अपनी आप बीती बता रहे थे। बहुत बुरा लगा था।
2 अक्टूबर प्रोटेस्ट के लिए कहीं पर भी परमिशन नहीं मिला है और आप अपील कर रहे हैं की इधर आओ उधर आओ।
भाई धर लिए जाओगे तो कोई बचाने नहीं आयेगा।
बिहार दरभंगा;
मुस्लिम व्यक्ति की मौत हो जाने पर जनाज़ा लेकर कब्रिस्तान जाना था;
पानी की वजह से ले जा नहीं सके; लेकिन जिस दूसरे रास्ते से जाना था वो रास्ता की ���गह पासवान समाज की है
पासवान समाज ने वहां से जनाज़ा नहीं निकलने दिया फिर जनाज़े को खेतों और नदी से निकाल के ले जाना पड़ा। क्या ऐसा करना सही था?
बिहार दरभंगा; मुस्लिम व्यक्ति की मौत हो जाने पर जनाज़ा लेकर कब्रिस्तान जाना था;
पानी की वजह से ले जा नहीं सके; लेकिन जिस दूसरे रास्ते से जाना था वो रास्ता की जगह पासवान समाज की है
पासवान समाज ने वहां से जनाज़ा नहीं निकलने दिया फिर जनाज़े को खेतों और नदी से निकाल के ले जाना पड़ा