अद्भुत शौर्य, त्याग और स्वाभिमान के प्रतिमूर्ति, महान योद्धा, वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप सिंह जी की जयंती पर उन्हें कोटिश: नमन...!🙏🏻🌺
#MaharanaPratapJayanti
प्रातः स्मरणीय, वीर शिरोमणि महाराणा सांगा केवल एक महान योद्धा नहीं, बल्कि साहस, स्वाभिमान और अदम्य पराक्रम के प्रतीक थे। उनकी वीरता ऐसी थी कि अनेकों घाव सहने के बावजूद उनका हौसला कभी नहीं टूटा। एक भुजा, एक आँख और एक टांग खोने के बाद भी वे युद्धभूमि में पूरी दृढ़ता से डटे रहे। उनके शरीर पर युद्ध के दौरान 80 से अधिक घावों के निशान थे, इसीलिए उन्हें "सैनिकों का भग्नावशेष" कहा जाता था।
महाराणा सांगा का चरित्र केवल वीरता तक सीमित नहीं था वे न्यायप्रिय और उदार शासक भी थे। इसका उदाहरण तब देखने को मिला जब उन्होंने सुल्तान मोहम्मद शाह माण्डु को युद्ध में पराजित कर बंदी बनाया, लेकिन अपनी विशाल हृदयता का परिचय देते हुए उसका राज्य उसे लौटा दिया। यह उनकी नीति, नैतिकता और नेतृत्व क्षमता को दर्शाता था।
उन्होंने बाहरी आक्रांताओं के विरुद्ध कड़ा प्रतिरोध किया और अपनी सैन्य कुशलता से कई निर्णायक युद्ध लड़े। बाबर जैसे आक्रांता को चुनौती देने का साहस भी केवल महाराणा सांगा में था। बाबर ने अपनी आत्मकथा में भी स्वीकार किया है कि –
"राणा सांगा भारत के सबसे वीर शासक है और उन्होंने अपनी वीरता और तलवार के बल पर ये गौरव प्राप्त किया है।"
महाराणा सांगा की नेतृत्व क्षमता और पराक्रम ने उन्हें एक महान योद्धा के रूप में अमर बना दिया। खानवा के युद्ध में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने अपने शौर्य से आक्रांताओं की बढ़ती शक्ति को चुनौती दी। उनका लक्ष्य केवल अपने धरा की रक्षा करना नहीं था, बल्कि बाहरी आक्रमणकारियों को रोककर स्वाभिमान और स्वतंत्रता को बनाए रखना भी था।
महाराणा सांगा जी जैसे महान व्यक्तित्व पर अपमानजनक टिप्पणी करना न केवल एक वीर योद्धा का अपमान है, बल्कि इतिहास में दर्ज उनके बलिदान और साहस का भी अपमान है। ऐसे महापुरुषों की गौरवशाली गाथा आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।
मैं सरकार से मांग करता हूं कि राष्ट्र नायकों की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाले गैर-जिम्मेदाराना वक्तव्य देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी हमारे महापुरुषों के सम्मान को ठेस पहुंचाने का दुस्साहस न कर सके।
मुम्बई: रविंद्र भाटी की लोकप्रियता देखने लायक है,, 😍❤
गरबा कार्यक्रम में बारामती सांसद सुप्रिया सुले जी का भाषण रविंद्र सिंह भाटी को दे दिया न्यौता ....?
सुप्रिया सुले ने राजस्थान और राजस्थान वासियों को लेकर कह दी इतनी बड़ी बात....😱✊
#Mumbai#RavindraSinghBhati
जब एक सिविलियन को अशोक चक्र दिया जा सकता है तो कैशियर नरेन्द्र सिंह को ना दिए जाने का कारण क्या है ?
@DainikBhaskar की इस मुहीम में सबको आवाज मिलाने की जरूरत है। सभी साथी आवाज को मजबूत करें...
यह कौई खतरनाक अपराधी नही है जो पुलिस ने आज फेक एनकाउंटर करने की कोशिश की हैं..? राजस्थान मे जिस तरह राजपूतो के खिलाफ जिहाद छेड़ा जा रहा है इसके परिणाम भयंकर होंगे।
कल एक राजपूत फौजी के साथ शिप्रापथ थाने मे मारपिट हुई।
कल ही थोई निमकाथाना मे पानी पतासी खा रहे राजपूत बच्चे को पुलिस जबरन उठा कर ले जाती है और मारपिट करके पैसे ऐंठे और आज यह विभत्स घटना है , गुंडे चेलेंज देकर एक राजपूत की ईज्जत को तार तार करेंगे और जब राजपूत बदला लेगा तो प्रशासन मे बैठे गुंडो के भाईबंध एंकाउंटर करेंगे.?
हद हो रही हद ,इस हद की मर्यादा पार हो गई तो सरकारे ना हिल जाए।
तुच्छ राजनीतिक फायदे के लिए ठाकुरों को गाली देना आज का फैशन बन गया है,जबकि इन्ही तथाकथित शोषकों ने आम जन के कल्याणार्थ हमेशा बड़ा मन रख के अपने कर्तव्य का बखूबी निर्वहन किया है,किसान केसरी आदरणीय बलदेव राम जी मिर्धा जोधपुर के स्वर्गीय महाराजा उम्मेद सिंह जी के वित्तीय मामलों के सलाहकार थे,सन 1942 में जब महाराज कुमार हनुवंत सिंह जी के विवाह समारोह का आयोजन हुआ तब आदरणीय मिर्धा जी के आग्रह पर महाराज साहब ने शादी के ख़र्चों में कटौती करके 11 लाख रुपये जन कल्याण के कार्यों के लिए समर्पित किए,उसी धनराशि में से जोधपुर में उस वक्त जाट समाज के बालकों की पढ़ाई के लिए छात्रावास बना,उसी संबंध में स्वर्गीय मिर्धा जी के हाथ की लिखी चिट्ठी सलंग्न है,हम अहसानफ़रामोश बनकर इतिहास को नहीं बदल सकते,इस राष्ट्र के लिए जिन्होंने अपनी पीढ़ियाँ बलिदान कर ली उनका महत्व राजनेताओं की ओछी बयानबाज़ी से कम नहीं हो जाता
चूल्हा मिट्ठी का , मिट्ठी रणभूमि की , रणभूमि ठाकुर की , युद्ध देश का , देश सबका ,तलवार की मुठिया ठाकुर कि , सर कटा ठाकुर का , माँ की कोख सुनी हुई ठाकुर कि , पत्नी विधवा हुई ठाकुर की , बच्चे अनाथ हुए ठाकुर के ………
जय-जय राजस्थान
पीड़िता का परिवार,पुलिस की अभी तक की हुई कार्यवाही से बेहद नाराज नजर आ रहा है, पिताजी का रो रो कर बुरा हाल है, क्षेत्र वासियों का कहना है दिल्ली में हुए निर्भया कांड से भी मार्मिक कांड है,यह उसके बाद भी प्रशासन इसको दबाने का कार्य कर रहा है।
#नवीनगर_श्रेया_हत्याकांड
भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मंत्रिमंडल में सम्मिलित राजस्थान से सांसद श्री गजेंद्र सिंह जी शेखावत, श्री भूपेंद्र जी यादव, श्री अर्जुनराम जी मेघवाल एवं श्री भागीरथ जी चौधरी
को हृदयपूर्वक बधाई एवं शुभकामनाएं।
समस्त प्रदेशवासियों को आशा एवं उम्मीद है कि प्रदेश के हितों के लिए आप सदैव अग्रसर रहेंगे।
@gssjodhpur@byadavbjp@arjunrammeghwal@mpbhagirathbjp
नहीं रहूं परतंत्र किसी का',
तेरा घोष अति प्रखर है,
राणा तेरा नाम अमर है।"
त्याग, स्वाभिमान, अप्रतिम शौर्य व पराक्रम के प्रतीक, मातृभूमि एवं धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी की जन्म जयंती पर प्रणाम नमन।
‘जो दृढ़ राखै धर्म को तिहि राखै करतार’
उगता हुआ सूरज अंधेरी रात के अंत और एक उज्ज्वल नए दिन की शुरुआत का प्रतीक है। महाराणा प्रताप हमेशा सूर्य की वह पहली किरण है, जो मेवाड़ के गौरवशाली साम्राज्य पर पड़ती है।
आज, ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया को, हम अपने राष्ट्र के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती मनाते हैं।
जय महाराणा प्रताप!
जय मेवाड़!
जय हिंद!
क्या महाराणा प्रताप के योगदान के बिना हमारा इतिहास पूरा हो सकता है?
‘The Almighty protects those who stand Steadfast in upholding righteousness.’
The rising sun signifies the end of the dark night and the beginning of a bright new day. Maharana Pratap will always remain that first ray of sunlight, that falls on the proud kingdom of Mewar.
Today, on the Jyeshtha Shukla Tritiya, we celebrate the birth of the first freedom fighter of our nation Veer Shiromani Maharana Pratap.
Jai Maharana Pratap!
Jai Mewar!
Jai Hind!
Would our history be complete without the contributions of Maharana Pratap?
महाराणा प्रताप स्मारक समिति उदयपुर के अध्यक्ष के रूप में, मुझे देश भर में विभिन्न स्थानों पर महाराणा प्रताप की प्रतिमाओं का उद्घाटन करके उनके जीवन और मूल्यों को दुनिया के साथ साझा करने का सौभाग्य मिला है।
1. दिनांक: 7 दिसंबर 2019
स्थान: मंगलवाड़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान।
2. दिनांक: 10 मई 2022
स्थान: सुनेल, झालावाड़, राजस्थान।
3. दिनांक: 23 मई 2023
स्थान: नाथद्वारा, राजसमंद, राजस्थान।
4. दिनांक: 2 अक्टूबर 2023
स्थान: भोपाल चौराहा, देवास, इंदौर, मध्य प्रदेश।
5. दिनांक: 3 जनवरी 2024
स्थान: पोसिंतरा, रेवदर, सिरोही, राजस्थान।
6. दिनांक: 11 फरवरी 2024
स्थान: कन्नौज, चित्तौड़गढ़, राजस्थान।
7. दिनांक: 25 फरवरी 2024
स्थान: खातेगांव, देवास, इंदौर, मध्य प्रदेश।
8. दिनांक: 1 मार्च 2024
स्थान: राजोदा, देवास, मध्य प्रदेश।
9. दिनांक: 11 मार्च 2024
स्थान: खण्डवा, मध्य प्रदेश।
10. दिनांक: 2 जून 2024
स्थान: फिनिक्स टाउन देवास नाका, इंदौर, मध्य प्रदेश।
As the President of Maharana Pratap Smarak Samiti Udaipur, I have been fortunate to share the life and values of Maharana Pratap with the world by inaugurating the statues at various locations across the country.
1. Date: 7th December 2019
Venue: Mangalwad, Chittorgarh, Rajasthan.
2. Date: 10th May 2022
Venue: Sunel, Jhalawar, Rajasthan.
3. Date: 23rd May 2023
Venue: Nathdwara, Rajsamand, Rajasthan.
4. Date: 2nd October 2023
Venue: Bhopal Chauraha, Devas, Indore, Madhya Pradesh.
5. Date: 3rd January 2024
Venue: Positara, Revdar, Sirohi, Rajasthan.
6. Date: 11th February 2024
Venue: Kannoj, Chittorgarh, Rajasthan.
7. Date: 25th February 2024
Venue: Khategaon, Devas, Indore, Madhya Pradesh.
8. Date: 1st March 2024
Venue: Rajoda, Devas, Madhya Pradesh.
9. Date: 11th March 2024
Venue: Khandwa, Madhya Pradesh.
10. Date: 2nd June 2024
Venue: Finix Town Devas Naka, Indore, Madhya Pradesh.
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