इस लड़की ने जंतर मंतर पर सबस�� ज्यादा गंदी-गंदी गालियां दी थी
न सिर्फ नरेंद्र मोदी जी को उनके स्वर्गीय मां को बल्कि इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी को भी गंदी-गंदी गालियां दी थी
यह पढ़ाई नहीं करती है इसने जिंदगी में नीट का एग्जाम नहीं दिया दसवीं पास कर��े के बाद इसने दो फर्जीवाड़ा के भी मामले किए हैं
इतना ही नहीं यह नोएडा के जिस सैलून में काम सीखने जाती थी वहां भी इसने फर्जीवाड़ा किया अपना नाम गलत बताया और जब सैलून वालों ने इसे आधार कार्ड मांगा तब एक हफ्ते काम सीखने के बाद इसने बगैर आधार कार्ड दिए चली गई
और इसने सैलून में जो अपना एड्रेस दिया था वह एड्रेस भी गलत था
अब जो वामपंथी सूअर या कांग्रेसी कुत्तों को इस तरह की गंदी-गंदी गालियां देती लड़कियां बोल्ड लगती है जागरूक लगती है तो हो सकता है वामपंथी सुअरों कांग्रेसी कुत्तों के घर में उनकी बेटियां उनके साथ ऐसे ही गंदी-गंदी गालियां देकर बात करती होगी
आपका नाम खान सर है ,कुछ लोग आपको नक्शा विशेषज्ञ भी कहते हैं ,आपकी कोचिंग में रेलवे फाटक मैन से लेकर राजदूत बनाने तक के कोर्स बेचे जाते हैं , आपकी ब्रांडिंग और PR इतना जबरदस्त हुआ कि पूरे देश में आप कोरोना काल में वायरल हो गए , फिर आपके हिसाब से आपको 107 करोड़ का ऑफर भी मिल गया , जो व्यक्ति ग्रुप D के बच्चों को पढ़ता था एकाएक UPSC और BPSC के मॉक इंटरव्यू भी लेने लगा , लेकिन आज हमारे हांथ आपका एक वीडियो लगा है , जिसमें आप कैबिनेट मंत्री , राज्य मंत्री और राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार के बीच अन्तर बता रहे हैं , कोई भी सरकारी परीक्षा की तैयारी करने वाला बच्चा ये वीडियो देख कर आपको बुड़बक कह देगा ।
ये वीडियो भी डिलीट हो चूका है महान खान सर के यूट्यूब चैनल से l
जिस तरह से एक के बाद एक फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है खान सर का और उनके यूट्यूब चैनल से वीडियो हटाने की प्रक्रिया भी तेज हो गयी है l
किसी को कहाँ पता था की जिस झूठ को बेच - बेच के चच्चा करोड़पति हुए है उसी को एक दिन ��से डिलीट करना पड़ेगा l
बस उस दिन का इंतजार है जिस दिन ये खुद या कोई और इसके BPSC वाले सबूत का भी पोल खोल दें l
पहले झूठ बोल कर BPSC टॉपर के नाम पर बैच बेचा उसके बाद income tax officer बता कर बैच बेचा, और महान खान सर गरीबों को गरीबी का लालच देकर हॉस्पिटल खोला उसकी भी जांच होनी चाहिए l
और जितने भी बड़े बड़े मंत्री, अधिकारी इससे मिले हुए है सबकी जांच होनी चाहिए इसको किसका संरक्षण प्राप्त है कौन इसे बचा रहा है सबको मा��ूम है, इसे तो ब्लैक मनी को white मे करना बहोत अच्छे से आता है l
और आखिर क्या कारण है की रोशन सर के भाई प्रिंस यादव का FIR नहीं लिखा जा रहा एक टीचर के पास इतना पॉवर कैसे..??
@Sudhir_mish गलती इसमे गाँव वालो का भी हैं क्योंकि इसने धमकी भी दिया था एक हफ्ते पहले पूरे परिवार को खत्म करने का और लड़की से अफ़ेयर था मिलकर प्लानिंग बनाया था बाकी up police मात्र 12 घण्टो में ढेर कर दिया
जब चाचा ही भतीजे की पूरी कुंडली खोलने लगें, तो विपक्ष की ज़रूरत ही क्या है ..🤣🤣
ये जो फैजल (खान सर) हैं दरअसल ये नटवरलाल हैं ..😒
जो उत्तर प्रदेश के देवरिया के रहने वाला, खुद फैजल के चाचा इमरान बता रहे हैँ कि,फैजल नें गाँव में लोगों की जमीन पर कब्जा कर रखा ...
बहुत ही गंदी प्रवृति का आदमी है, शुरू से ही उसका विवादों का नाता रहा है, कुल मिलाकर पूरा दुच्चा आदमी है .. इसके चाचा नें कहा कि ह���ारी पुस्तैनी जमीन को खान अकेले हड़पना चाहता है ..
अब मामला कोर्ट में चल रहा है, ये लोग पैसा और राजनीतिक पावर का इस्तेमाल करके उस पर कब्जा कर लिए हैं ..
"मां को बेच दो, बहन को नाचने भेज दो"
:- यह भाषा है फैजल खान सार का।
छात्र ने बस इतना बोला था कि यह नोट्स व्हाट्सएप ग्रुप में ��ी डाल दीजिए।
इसके बाद ऑनलाइन पढ़ रहे बच्चे को गाली देने लगता है फैजल खान सर
बोलता है अपनी माँ बहन को कोठे पर भेजो।
बोलता है कि अपनी बहन को नाचने भेजो।
एक शिक्षक से अपनी मां बहन के बारे में यह सुनने के बाद आप क्या करेंगे ?
अगर @bihar_police के अधिकारी यह सुनने के बाद भी शांत रहें तो फिर धिक्कार है।
हम अपनी मां बहन का ऐसा अपमान नहीं सह सकते हैं। अगर सरकार और पुलिस फैजल खान को गिरफ्तार नहीं करेगी तो कल होकर हथियार के बल पर फैजल खान महिलाओं और बहनों को उठाने लग जाएगा।
#ArrestKhanSir
असम के चाय के बगीचे से… एक व्यक्ति जिसका बचपन दरिद्रता में बीता, पर उसने पुरुषार्थ चुना। चाय की केतली, रेलवे प्लेटफॉर्म की खुरदरी जमीन और आते-जाते यात्रियों की सेवा के भाव से विश्��� के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधानमंत्री तक। यह यात्रा भारत के हर घर में बनती चाय के स्वाद की विविधता की ही तरह, प्रधानमंत्री को वैविध्य के साथ स्वीकार्य बनाती है।
पश्चिम का मोदी, पूरब का बेटा बन कर, इन महिलाओं के लोकगीत सुनते हुए, कम से कम दस पोस्टों में उनके विचारों को रखते हुए, वीडियो में उनसे आत्मीय वार्तालाप करते हुए, केवल औपचारिकता नहीं निभा रहे, वह उनके परिजन हो चुके हैं।
बेटा कैसा है, कहाँ पढ़ रहा है, स्पोर्ट्स खेलता है क्या? ऐसे प्रश्न कोई टीम तैयार नहीं करती, वह अपनेपन से उपजता है। लोकगीतों को वीडियो के माध्यम से हम तक पहुँचाना, कोई ब्रांडिंग नहीं है, बल्कि यह बताना है कि चाहे चाय बागान हो या धान के खेत, पूरब से पश्चिम तक और उत्तर से दक्खिन तक, भारत कार्य करते समय अपनी संस्कृतियों के प्रवाह में नए पुष्प अर्पित करता रहता है।
और प्रधानमंत्री क�� स्वागत के लिए महिलाओं ने असम की संस्कृति को स्वयं पर ओढ़ लिया है। लाल और धवल… लाल बलिदान का रंग है, अहोम साम्राज्य की वीरता, लचित बुरफुकान के दुस्साहस और जगतजननी माँ कामख्या का प्रतीक…
उस पाँच मिनट के वीडियो में संगीत है, गीत है, सामयकिता है, संस्कृति है, संस्कार है। हम बैठे-बैठे प्रधानमंत्री के माध्यम से यह देख पाते हैं कि भगवान कृष्ण के राज्य और सोमनाथ के शिव से असम की शक्ति तक, भारत का हिन्��ू एक है।
कौन प्रधानमंत्री पूरब की ओर देखने भी जाता था? शेरवानी में पश्चिमी गुलाब खोंसे घूमने वाले, शौकीन पीएम की छवि याद कीजिए जिसमें अभिजात्यता के काँटे होते थे, आज पीएम मोदी ने कुर्ते की बटन के छिद्र में चाय की पत्ती लगाई है। इसीलिए, यह छवि बहुत कुछ कहती है!
नमन है @narendramodi जी आपको!
ट्रांसजेंडर्स के साथ रूह कंपा देने वाली घटना
इंदौर, जहां एक तरफ धर्म के नाम पर लड़ाई हो रही थी, वहीं कुछ शरारती तत्वों ने नैतिकता की सारी हदें पार कर दीं। लड़ाई के दौरान कुछ युवक जान बचाने और मदद मांगने के बहाने ट्रांसजेंडर कैंप/घर पहुंचे। लेकिन मदद मांगने आए इन दरिंदों ने वहां मौजूद ट्रांसजेंडर के साथ रेप जैसी घिनौनी हरकत की। हद तो तब हो गई ���ब आरोपियों ने इंसाफ मांगने के बजाय पीड़िता को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। 🚨 लगातार हो रही इस मानसिक और शारीरिक परेशानी से तंग आकर, इंसाफ न मिलता देख, कुछ ट्रांसजेंडर्स ने फार्नेल पी लिया।🥛
क्या हमारा समाज इतना गिर गया है कि उनकी मदद करने वालों पर भी ऐसे अत्याचार किए जाएं?👹
#JusticeForIndoreVictims #StopViolence #HumanityInDanger #IndorePolice #KinnarRights #communitynews
कर्नाटक में एक ट्रांसपोर्ट है V.R.L. विजयानंद रोड़ लाइन्स. भारत की सबसे बड़ी फ्लीट ओनर कंपनी. लगभग 7000 ट्रक बस ह��ं कंपनी के पास. पूरे भारत में शाखाएं.
इस कंपनी में ड्राइवर लगना है तो चाहे आपके पास 15 साल का अनुभव भी है, आपको पूरे कागज़ जमा करवाने पड़ेंगे. अपने इलाके के पंच सरपंच या MC और पुलिस स्टेशन से करेक्टर सर्टिफिकेट.
फिर आप का टेस्ट होगा, उसके बाद एक महीने की ट्रेनिंग. इन सबमें पास होने के बाद आपको साल दो साल second ड्राइवर रहना होगा. फिर आपको अपनी गाड़ी मिलेगी.
सारे बेनेफिट, एक्सीडेंटल डेथ में घर वालों को ���्रुप इंश्योरेंस, बच्चों की पढ़ाई, लड़कियों की पढ़ाई पोस्ट ग्रेजुएशन तक, पैंशन. 10 में 3-4 ड्राइवर ही पास होते हैं.
कभी कोई गाड़ी ओवर स्पीड नहीं देखी. ड्राइवर भी वर्दी में सीट बेल्ट के साथ.
कारण....???
गाड़ियों में कैमरे, GPS और कंपनी के सख्त कानून.
रात को चलने वाली बसों के केबिन का कैमरा हैड आफिस से कनेक्ट. हर 10-15 बसों पर एक टीवी, उसपर एक आपरेटर. ज़रा सा नींद का झोंका या लापरवाही या ओवरस्पीडिंग की तो तुरंत फोन आ जाता है. सिंगल ड्राइवर के साथ कोई भी बस नहीं.
एक्सीडेंटल रेशो दूसरों के मुकाबले आधे से भी कम.
अगर एक प्रायवेट आपरेटर कर सकता है तो आप तो सरकार हो.
ट्रांसपोर्टर के लिए चीजो को लागू कर दो, सड़क पर भी लागू कर दो, टैक्नोलॉजी पहले.
कानून बाद में लें आना जनता में सही से मैसेज देने के बाद