@MalikAhesam@DMBahraich नमस्ते, क्या आप कल लखनऊ में एक न्यूज़ बाइट रिकॉर्ड करने के लिए उपलब्ध हैं? काम एक संघ के नेता का इंटरव्यू लेना है। इसके लिए मैं 150 रुपये दे सकता हूँ। क्या आप इसके लिए इच्छुक हैं?
@MalikAhesam@pandyapradeep नमस्ते, क्या आप कल लखनऊ में एक न्यूज़ बाइट रिकॉर्ड करने के लिए उपलब्ध हैं? काम एक संघ के नेता का इंटरव्यू लेना है। इसके लिए मैं 150 रुपये दे सकता हूँ। क्या आप इसके लिए इच्छुक हैं?
@mukulmedia 150 रुपये का मानदेय देने के लिए तैयार हूँ। यदि आप किसी ऐसे विद्यार्थी का सुझाव दे सकें जो यह काम करने का इच्छुक हो, तो मुझे बहुत मदद मिलेगी। धन्यवाद।
@mukulmedia आदरणीय मुकुल सर, सादर प्रणाम। मुझे कल लखनऊ में कर्मचारी संघ के एक नेता का एक छोटा सा वीडियो बाइट रिकॉर्ड करवाना है। क्या आपके विभाग का कोई विद्यार्थी कल 15-20 मिनट के लिए यह काम कर सकता है? बस एक स्मार्टफोन और एक माइक की आवश्यकता होगी। मैं छात्र के समय और सहयोग के लिए...
@shubhamiimcmz नमस्ते, शुभम तिवारी जी क्या आप कल लखनऊ में एक न्यूज़ बाइट रिकॉर्ड करने के लिए किसी को उपलब्ध करा सकते हैं। काम एक संघ के नेता का 10-15 मिनट का छोटा सा इंटरव्यू लेना है। इसके लिए मैं 150 रुपये दे सकता हूँ। क्या आप इसके लिए इच्छुक हैं?
@Lucknowwallah1@grok नमस्ते, क्या आप कल लखनऊ में एक न्यूज़ बाइट रिकॉर्ड करने के लिए उपलब्ध हैं? काम एक संघ के नेता का इंटरव्यू लेना है। इसके लिए मैं 150 रुपये दे सकता हूँ। क्या आप इसके लिए इच्छुक हैं?
@KaramD_2 नमस्ते, करम यादव जी। क्या आप कल लखनऊ में एक न्यूज़ बाइट रिकॉर्ड करने के लिए उपलब्ध हैं? काम एक संघ के नेता का इंटरव्यू लेना है। इसके लिए मैं 150 रुपये दे सकता हूँ। क्या आप इसके लिए इच्छुक हैं?
मृत्यु भोज की परंपरा शायद इसलिए शुरू हुई होगी ताकि दुख की घड़ी में समाज परिवार का सहारा बने, दूर-दूर से आए लोग साथ बैठें और मृत आत्मा की शांति के लिए दान-भोजन किया जाए। समय के साथ यह कई जगह परंपरा से ज्यादा दिखावा बन गया।
अभी जानकारी मिली है कि वेदांत नाम का स्टूडेंट वास्तव में एक छात्र है। हालांकि उसके ट्वीट की लोकेशन भारत से बाहर की क्यों दिखाई जा रही है इसकी पर्याय जानकारी अभी भी नहीं मिली है। लेकिन @vineetJindal19 जी मेरे मित्र हैं और विश्वसनीय व्यक्ति हैं इसलिए उनकी जानकारी गलत नहीं होगी। सही जानकारी मिलते ही मै अपना पुराना ट्वीट डिलीट कर रहा हूं और वेदांत और उनके परिवार के बारे में जो गलत जानकारी फैलाई गई उसके लिए मै उनसे माफी भी मांगता हूं। लेकिन अभी भी उम्मीद करता हूं कि अकाउंट के लोकेशन की सही जानकारी मिले तो मामला और ज्यादा स्पष्ट होगा।
ये अपने आपको पत्रकार कहते हैं। लेकिन इन्हें वर्तमान पत्रकारिता का कुछ पता नहीं है। आईटी सेल से ज्ञान लेकर चेप देते हैं। सोचिए अपने ही देश के बच्चे को बिना जानकारी के पाकिस्तानी बता दिया।