राजस्थान के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर द्वारा गर्भवती महिलाओं के संदर्भ में दिया गया बयान बेहद निंदनीय, असंवेदनशील और उनके पद की गरिमा के विपरीत है। जिस व्यक्ति के कंधों पर प्रदेश की माताओं, बहनों और मरीजों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी हो, उससे ऐसी टिप्पणी की अपेक्षा नहीं की जा सकती।
यह बयान केवल एक महिला का अपमान नहीं है, बल्कि मातृत्व और नारी सम्मान के प्रति भाजपा सरकार की सोच को भी उजागर करता है। सत्ता के मद में चूर मंत्री यदि जनता की पीड़ा को समझने के बजाय उसका उपहास उड़ाने लगें, तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
मुख्यमंत्री को इस मामले पर चुप्पी तोड़ते हुए स्वास्थ्य मंत्री को सार्वजनिक रूप से जनता से माफी मांगने हेतु निर्देशित करना चाहिए |
@PMOIndia@BhajanlalBjp@RajCMO
राजस्थान के चिकित्सा मंत्री द्वारा गर्भवती महिला को लेकर विवादित टिप्पणी की गई है ।
प्रदेश में चिकित्सा व्यवस्था का बेहाल हो रखा है लेकिन राजस्थान सरकार के मंत्रियों को विवादित बयानों से फुर्सत नहीं मिलतीं हैं ।
कुछ समय मंत्री जी के पुत्र द्वारा श्री हनुमान जी बेनीवाल को नसीहत दे रहे थे लेकिन ख़ुद के पिताजी के विवादित बयान पर मौन धारण कर लिया है ।
@hanumanbeniwal@RLPINDIAorg
महिलाओं के सम्मान पर ज्ञान देने वाली भाजपा पहले अपने स्वास्थ्य मंत्री का बयान सुन ले।
गर्भवती माताओं पर असंवेदनशील टिप्पणी करने वाले मंत्री को तुरंत माफी मांगनी चाहिए।
नारी सम्मान भाषणों से नहीं, व्यवहार से साबित होता है।
@PMOIndia@RajCMO@narendramodi
कब तक सहेगा राजस्थान?
असल में खुद मंत्री जी को अच्छे डॉक्टरों की सलाह, अच्छे इलाज, अच्छी दवाओं और भरपूर आराम की जरूरत है। चिकित्सा जैसे विभाग में अतिरिक्त संवेदनशीलता की जरूरत होती है लेकिन यहां बेसिक का भी अभाव है। पहले कोटा और अब बीकानेर में प्रसुताओं की जान पर बनी हुई है। व्यवस्थाओं पर कोई नियंत्रण नहीं है। मंत्री जी प्रिंसिपल साहब से पूछ रहे हैं कि बताइए प्रश्न बताएं सीरियस अवगत में आई थी या पैदल नाचते हुए आई थीं? पता नहीं क्या हो गया है इनको?
कारण कुछ भी हो सकते हैं, लेकिन जो गलत है वो ग़लत है। इनके पास अच्छे डॉक्टर्स की बजाय अच्छे ट्राॅल्स की फ़ौज है जो अभी आएगी और इनके कहे का प्रतिकार करने वालों को गरियाना शुरू करेगी।
मंत्री जी चौथी बार के विधायक हैं। दूसरी बार के मंत्री हैं। राज परिवार टाइप के फैमिली बैकग्राउंड से आते हैं। घर परिवार भी है। फिर ऐसे उदाहरण क्यों प्रस्तुत करते हैं?
ऐसे लोग न तो जनप्रतिनिधि होने चाहिए और न ही मंत्री।
@BhajanlalBjp
जब मुख्य मंत्री जी को मूर्खाधिराज बोला तब मदन राठौड़ जी आपने आपकी पूरी मंडली को विरोध करने के लिए उतार दिया और आज आपके चिकित्सा मंत्री ने गर्भवती महिलाओं के लिए जितना ग़लत बोला है इससे घटिया बयान हो ही नहीं सकता है और आप चुप हो क्यों?बोलिए आपको राजस्थान की जनता सुनना चाहती है ।इस धरती पर मात्रशक्ति को इसी समय सबसे ज़्यादा मदद की जरूरत होती है और आपकी सरकार,आपके लोग किस प्रकार का व्यवहार कर रहे हैं ।जब मंत्री ऐसे बोलेंगे तो हॉस्पिटल से क्या उम्मीद करें की मदद मिलेगी?मंचों से बड़े बड़े भाषण दिए जाते हैं लेकिन धरातल पर बिल्कुल विपरीत है ।कहाँ गए वो लोग जो मूर्खाधिराज बोलने पर इतना विरोध किया था ।यदि आज आपका जमीर ज़िंदा है तो करो वीडियो पोस्ट इसके विरोध में भी ताकि जनता आपको जान सके।नहीं तो यह ढोंग करना बंद करें ।
मातृशक्ति का अपमान सहन नहीं होगा किसी भी हालात में समय रहते सुधार कर लें ।
@madanrrathore@RajCMO@PMOIndia
राजस्थान का हाल बेहाल है,,
यहाँ हैल्थ मिनस्टर को अपने विभाग का कुछ नहीं आता, शिक्षा मंत्री को शिक्षा के अलावा सब आता है, मुख्यमंत्रीजी का साला फरार है,गृहमंत्री का दामाद फरार है!
बस गिर्राज जी के सहारे राजस्थान चल रहा है नहीं तो अब तक बिहार बन चुका होता!
स्वास्थ्य मंत्री जी, एक दिन किसी अस्पताल के लेबर रूम की चीखें सुनिए। आपको अंदाज़ा लगेगा कि प्रसव पीड़ा का दर्द शरीर की सारी हड्डियों के एक साथ टूट जाने से भी ज़्यादा होता है। ऐसे में उस दर्द को समझे बिना “नाचने” जैसे सवाल पूछना वाकई गंभीर चिंतन का विषय है।
एक तरफ़ कोटा में पानी के इंजेक्शन दिए जाने से गर्भवती महिलाओं की मौत हो गई, वहीं बीकानेर में भी महिलाएं गंभीर रूप से बीमार हैं। इतने गंभीर मुद्दे पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सार्वजनिक रूप से दर्जनों कैमरों के सामने कितने गंभीर हैं, इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि स्वास्थ्य मंत्री अस्पताल प्रशासन से पूछ रहे हैं कि क्या गर्भवती महिला नाचते हुए आई थी?
मुख्यमंत्री ग्राम चौपाल से कितना ही सकारात्मक माहौल क्यों न बना दें, मगर मंत्रिमंडल के महोदय हर दूसरे दिन सरकार की छवि को ख़ाक में मिलाकर सब किए-कराए पर मिट्टी डाल ही देते हैं।
राजस्थान को किन हाथों में सौंप दिया है…??
शिक्षा मंत्री को दसवीं और tenth में फ़र्क़ नहीं पता
चिकित्सा मंत्री गर्भवती महिलाओं का मज़ाक़ उड़ा रहे हैं
कृषि मंत्री कमीशनखोरी कर रहे रहे हैं…
उद्योग वाणिज्य मंत्री ऑनलाइन कंटेंट बनाकर ही खुश है…
विधि न्याय मंत्री ख़ानापूर्ति करने को ही अपना काम समझते हैं…
जल संसाधन मंत्री अपने परिवार को ही सेट करने में लगे हुए हैं…
और मुख्यमंत्री को मंदिरों के दर्शन करने से ही फ़ुरसत नहीं है…
उनका तो ध्येय वाक्य ही ये है…!!
“सब मुरली वाले ने ही दिया है… सब वही सँभालेंगे”
लाल रंग बहुत RED हो जायेगा - Dy CM
ऐसे नहीं चलेगा ये कोई दुकान नहीं है, आप पता करके बताइये, बैठिए -CM
क्या CM का on stage ,,,Dy Cm के साथ ऐसा व्यवहार ठीक है?
Dy CM जी Red और लाल एक ही होता है !
कल्पना कीजिए ये दोनों लोग राजस्थान चला रहे हैं !