माननीय रेल मंत्री जी जोधपुर के यात्रियों के लिए जोधपुर से उदयपुर रेल सेवा कब शुरू होगी? जोधपुर से उदयपुर ��ीधी रेल सेवा शुरू करके आप अमर हो जाओगे मंत्रीजी! उम्मीद है रेल मंत्रालय इस पर तेजी से कार्य करेगा। @AshwiniVaishnaw @RailMinIndia @NWRailways @gssjodhpur @PMOIndia
कौन विश्वास करेगा इस बात पर?
किताब को चर्चित करने के लिए ऐसे दावे हो सकते हैं लेकिन एक दिवंगत नेता जो कई तरह के दबाव के बावजूद नहीं झुका, उसके बारे में यह कैसे कहा जा सकता है?
वह भी तब जब 2009 में पार्टी उनके नाम और काम पर जीती और वे पिछले कार्यकाल की तुलना में अधिक ताक़तवर हुए।
वे आत्महत्या की बात क्यों करेंगे और वह भी सलमान ख़ुर्शीद की कही किसी बात पर?
दुर्भाग्यवश वे इसका उत्तर देने के लिए दुनिया में नहीं हैं लेकिन हरीश खरे तो स्थिति स्पष्ट कर ही सकते हैं।
यह हिमाचल के कसोल जाने के लिए ट्रैफिक लगा है। कसोल छोटा सा गाँव हुआ करता था एक जमाने में, आज हज़ार पाँच सौ वहाँ वहाँ डेली आते हैं। यह उसकी बेअरिंग कैपेसिटी से कहीं ज़्यादा है। मैदान की तपती गर्मी से सकूँ पाने को लोगों को बस वहाँ जाना है और सरकार को रेवन्यू से मतलब है।
आज ऐसा संयोग बना कि तीनों पोस्ट आईआईएमसी के पूर्व छात्रों की हैं और इनके चयन-संकलन-प्रकाशन में भी एक पूर्व छात्र की थोड़ी भूमिका रही! हालांकि, सबका छात्र जीवन जारी ही है! ✍️🤩@pankajjha_ @jhasushant @akhileshsharma1
डॉ सतीश पूनिया जी (@DrSatishPoonia )का मैं इसलिए अभिनंदन करना चाहता हूँ कि उन्होंने उपहार में एक किताब, एक फूल, एक मुस्कान की अदायगी की ��सरत बयां की है।
उनकी इस अपील के बीच सादगी और मितव्ययता की नियत ही रही होगी।
मुझे उनकी इस अपील के बीच एलन लेन की कहानी याद आ गई। एक बार एलन लेन ब्रिटेन के रेलवे स्टेशन पर कोई अच्छी किताब ढूंढ रहे थे। लेकिन उन्हें अच्छी किताब नहीं मिली बल्कि किताबें बहुत महंगी थी। एलन लेन के दिमाग में आया कि एक किताब की कीमत आदमी के सिगरेट के डब्बे से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
तब ब्रिटेन में एक सिगरेट का डब्बा 6 ���ेंस में मिलता था इसलिए सर एलन लेन के दिमाग में आया कि ऐसी कोई युक्ति निकले कि 6 पेंस में एक किताब आम आदमी को मिले। और इस जद्दोजेहद के बीच पेंगुइन बुक पब्लिशर की स्थापना हुई जिसने सस्ती किताबों की दुनिया में क्रांति कर दी। एक किताब खरीदने का मतलब था मानो एक सिगरेट का डब्बा खरीदा हो।
लेकिन अफसोस है कि हिंदुस्तान में सिगरेट सस्ती ��ै और किताबें महंगी होती जा रही हैं।
जैसे डॉ सतीश पूनिया जी की किताब "अग्निपथ नहीं जनपथ" अमेजन पर 10 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 268 रुपए की मिलती है। लेकिन गोल्ड फ्लैक फिल्टर प्रीमियम सिगरेट का डब्बा 115 ₹ में मिलता है, बिना डिस्काउंट।
हमारे देश में डिजिटल बुक पर 18 परसेंट GST लगती है। कागज पर भी 18 परसेंट GST देनी होती है। फिर कैसे उम्मीद की जाए कि इस देश में कोई एलन लेन जैसा खुरापाती आदमी पैदा हो जो मिडल क���लास को सस्ती किताब पहुंचा दे।
प्रदेश के 2 सीनियर IAS बीजू जोसफ और दिनेश MN का भारत सरकार में DG स्तर के पद के लिए एनपैलमेंट हुआ है
अब यह दोनों अधिकारी चाहें तो केंद्र में DG पद के लिए जा सकते हैं जिसकी संभावना भी काफ़ी है
#JaspalRana उम्र में मुझसे छोटा था।मुझे भैया कहता था लेकिन हम हमेशा दोस्त रहे।बाज़ार में बिंदास घूमना, सड़क पर खड़े हो कर पान खान��, weekend पर साथ कॉफ़ी पीना..बहुत अनमोल पल साथ बिताए।
बहुत जल्दी चले गए मेरे दोस्त!
जहाँ रहो ख़ुश रहो मेरे चैंपियन 🙏
भारत में सबसे ज़्यादा लाइब्रेरी महाराष्ट���र में है..कोंकण के गाँवो में मैनें देखा कि गाँव के बाहर लोग बैठकर पढ़ रहे हैं. ये संस्कृति यूपी-बिहार में सबसे ज़्यादा तेज गति से ग़ायब हुई क्योंकि वहाँ लोगों को लगता है कि आदमी को सिर्फ़ नौकरी प���ने के लिए ही पढ़ना चाहिए..इसलिए नौकरी पाने वाले लाइब्रेरी हर दूसरे चट्टी-चौराहे पर खुल रही हैं.वहीं राजकीय लाइब्रेरी पर ताले धूल फाँक रहे हैं..