માનનીય મુખ્યમંત્રી શ્રી @Bhupendrapbjp એ આજે અમદાવાદના જગન્નાથ મંદિરે ભગવાન શ્રી જગન્નાથજીની 149મી રથયાત્રાનું વિધિવત 'પહિંદ વિધિ' કરી પ્રસ્થાન કરાવ્યું.
અષાઢી બીજના પાવન અવસરે નગરચર્યાએ નીકળેલા પ્રભુ જગન્નાથજી સૌ પર પોતાની કૃપા વરસાવે તેવી પ્રાર્થના.
महाप्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा के पावन अवसर पर मेरी कामना है कि उनका आशीर्वाद हम सभी पर सदैव बना रहे। उनकी दिव्य कृपा से सभी देशवासियों के जीवन में नई ऊर्जा का संचार हो।
देवदेव जगन्नाथ सुरासुरनमस्कृत।
पुण्यश्लोकाव्ययानन्त परमात्मन्नमोऽस्तु ते॥
રથયાત્રાના પાવન પર્વે અમદાવાદના શ્રી જગન્નાથજી મંદિર ખાતે માનનીય કેન્દ્રીય ગૃહ અને સહકાર મંત્રી શ્રી @AmitShah એ ભગવાન જગન્નાથજીની મંગળા આરતીમાં ઉપસ્થિત રહી સહપરિવાર આશીર્વાદ મેળવ્યા.
જય જગન્નાથ!
आज लखनऊ स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी एवं भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी को श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया।
यह पावन स्थल राष्ट्रसेवा, अंत्योदय और सुशासन के उन आदर्शों का प्रतीक है, जिसने भारतीय जनता पार्टी तक की वैचारिक यात्रा को दिशा दी हैं। उनके विचार और आदर्श हम सभी को 'राष्ट्र प्रथम' के संकल्प के साथ निरंतर कार्य करने की प्रेरणा देते हैं।
@BJP4UP
राष्ट्रनिष्ठा, अखंडता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रखर संवाहक श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की 125वीं जयंती पर उन्हें शत्–शत् नमन।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे’ के दृढ़ संकल्प के साथ राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उनका यह राष्ट्रवादी विचार आज भी भारत की नीतियों और संकल्पों में जीवंत है।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में उनके इस दृष्टिकोण को साकार रूप देते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता और सशक्त भारत के संकल्प को नई ऊंचाइयां प्राप्त हो रही हैं।
भारतवर्ष की एकता, अखंडता और स्वाभिमान के लिए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा।
जयन्ति ते सुकृतिनो रससिद्धाः कवीश्वराः।
नास्ति येषां यशःकाये जरामरणजं भयम्॥
देश की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रखर पुरोधा, भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की 125वीं जयंती पर उनका स्मरण कर नमन करता हूँ।
डॉ. मुखर्जी जी ने 'राष्ट्र प्रथम' के आदर्श को अपने जीवन का ध्येय बनाया। बंगाल के विभाजन के समय उनका दूरदर्शी नेतृत्व और जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने के लिए उनका संघर्ष भारतीय इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगा।
सिद्धांतों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता और देश की अखंडता के लिए उनका आजीवन संघर्ष युवाओं को सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
"मैं उस वक्त 11 साल का था। मेरे गांव से 184 लोगों को डिब्बे में भरकर साबरमती जेल भेज दिया गया था।"
संविधान की हत्या का वह काला दिन सिर्फ इतिहास का एक अध्याय नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की पीड़ा, भय और संघर्ष की कहानी है।
आपातकाल की वे यादें आज भी उतनी ही सजीव हैं, जिन्हें केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री @AmitShah जी कभी नहीं भूलेंगे।
#SamvidhanHatyaDiwas
નવી પેઢીના નવા વિચારો, 'વિકસિત ભારત'નો મજબૂત પાયો!
પ્રદેશ અધ્યક્ષ શ્રી @iJagdishBJP એ આજે વડોદરાની પારુલ યુનિવર્સિટી ખાતે આયોજિત 'વિકસિત ભારત આંત્રપ્રિન્યોર સમિટ'માં વિદ્યાર્થીઓ અને યુવા ઉદ્યોગ સાહસિકો સાથે સંવાદ કર્યો.
આ પ્રસંગે પ્રદેશ મહામંત્રી શ્રી @Hitendrasinhbjp , પ્રદેશ ઉપાધ્યક્ષ શ્રી રસિકભાઈ પ્રજાપતિ, સાંસદ અને યુવા મોરચાના પ્રદેશ પ્રમુખ @drhemangjoshimp , જિલ્લા પ્રમુખ ડૉ.બી જે બ્રહ્મભટ્ટ, પ્રભારી @DrRutvij સહિત વિદ્યાર્થીઓ અને યુવા ઉદ્યોગ સાહસિકો ઉપસ્થિત રહ્યાં.
વિકસિત ભારતના ઉજ્જવળ ભવિષ્યની તૈયારી!
પ્રદેશ અધ્યક્ષ શ્રી @iJagdishBJP એ આજે વડોદરાની પારુલ યુનિવર્સિટી ખાતે 'Lakshya 2047: Center for Future Skills'ની મુલાકાત લીધી.
NSDC અને Ethnotech Academy ના સહયોગથી બનેલું આ સેન્ટર યુવા પેઢીને નેક્સ્ટ-જનરેશન ટેક્નોલોજીથી સજ્જ કરશે
આ પ્રસંગે પ્રદેશ ઉપાધ્યક્ષ શ્રી રસિકભાઈ પ્રજાપતિ, સાંસદ અને યુવા મોરચાના પ્રદેશ પ્રમુખ @drhemangjoshimp , જિલ્લા પ્રમુખ ડૉ.બી જે બ્રહ્મભટ્ટ, પ્રભારી @DrRutvij વિશેષ ઉપસ્થિત રહ્યાં.
માનનીય મુખ્યમંત્રી શ્રી @Bhupendrapbjp એ આજે દાહોદ જિલ્લામાં ગરબાડા તાલુકાની ગાંગરડા પ્રાથમિક શાળા ખાતે ‘કન્યા કેળવણી મહોત્સવ અને શાળા પ્રવેશોત્સવ-2026’ના ભાગરૂપે આંગણવાડી, બાલવાટિકા અને પ્રાથમિક ઉપરાંત માધ્યમિક તથા ઉચ્ચતર માધ્યમિક કક્ષાએ વિદ્યાર્થીઓને શૈક્ષણિક કીટના વિતરણ સાથે શાળા પ્રવેશ કરાવ્યો.
નિહાળો આ વિશેષ ઝલક...
प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक, जनसंघ के संस्थापक श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के बलिदान दिवस पर उन्हें कोटिशः नमन करता हूँ।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन देशभक्ति, त्याग और अटल संकल्प का जीवंत उदाहरण है। ‘एक राष्ट्र, एक निशान, एक विधान’ के उनके संकल्प ने उन्हें न केवल एक विचारक बनाया, बल्कि राष्ट्र की रक्षा हेतु समर्पित एक सत्यनिष्ठ सेवक भी बनाया।
भारतीय जनसंघ से लेकर आज की भाजपा तक सांस्कृतिक राष्ट्रवाद उनकी दूरदर्शिता का प्रमाण और असल निष्ठा का प्रतिफल है। उनकी शिक्षाएँ और आदर्श हम सभी कोटिशः भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए सदैव प्रकाशस्तम्भ रहेंगे।
‘एक राष्ट्र, एक विधान, एक निशान’ के प्रणेता, भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय अस्मिता की रक्षा के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित किया।
उनका अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और सर्वोच्च बलिदान आज भी प्रत्येक देशवासी को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता है।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के बलिदान दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के बलिदान दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।🙏🏻 सत्ता का त्याग कर देश की एकता और अखंडता के लिए उन्होंने अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। 🇮🇳 देश के प्रति उनके बलिदान का हमेशा स्मरण किया जाएगा।
#डॉ_श्यामा_प्रसाद_मुखर्जी
#DrShyamaPrasadMukherjee
देश की एकता और अखंडता के प्रखर उपासक, जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के बलिदान दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के अग्रदूत डॉ. मुखर्जी ने जहाँ कश्मीर में 'दो विधान, दो प्रधान और दो निशान' का मुखर विरोध किया, वहीं बंगाल भारत का ही हिस्सा रहे, इसके लिए भी संघर्ष किया। आज उनकी जन्मभूमि राष्ट्रप्रथम का संकल्प लेकर देश की सुरक्षा और अपनी विरासत की रक्षा की दिशा में आगे बढ़ रही है।
कश्मीर से लेकर बंगाल तक, राष्ट्रनिर्माण के एकसूत्र में बँधकर यह देश उनके पदचिह्नों पर आगे बढ़ता रहेगा।
भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक और माँ भारती की अखंडता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के बलिदान दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
“एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” का उनका संकल्प केवल एक नारा नहीं, बल्कि राष्ट्र की एकता और अखंडता का अटल संकल्प था। जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण के लिए उनका संघर्ष और बलिदान भारतीय इतिहास में अमिट रूप से अंकित है।
डॉ. मुखर्जी जी ने भारतीय जनसंघ की स्थापना कर राष्ट्रवादी विचारधारा को एक सशक्त दिशा दी और अपने विचारों, साहस एवं त्याग से राष्ट्र प्रथम की भावना को जन-जन तक पहुँचाया।
उनका जीवन और बलिदान हमें सदैव यह प्रेरणा देता रहेगा कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है, और भारत की एकता, अखंडता एवं स्वाभिमान के लिए हर संभव प्रयास करना ही उनके जीवन को सच्ची श्रद्धांजलि है।
ভারতীয় জনসংঘের প্রতিষ্ঠাতা, প্রখর জাতীয়তাবাদী চিন্তাবিদ এবং মাতৃভূমি ভারতের অখণ্ডতার জন্য সর্বস্ব উৎসর্গকারী ড: শ্যামাপ্রসাদ মুখোপাধ্যায়ের বলিদান দিবসে তাঁকে জানাই কোটি কোটি প্রণাম।
“এক দেশে দুই বিধান, দুই প্রধান ও দুই প্রতীক চলতে পারে না” — তাঁর এই অটল সংকল্প শুধু একটি স্লোগান ছিল না, বরং তা ছিল ভারতের ঐক্য ও অখণ্ডতা রক্ষার এক দৃঢ় অঙ্গীকার। জম্মু ও কাশ্মীরের পূর্ণ অন্তর্ভূক্তিকরণের লক্ষ্যে তাঁর সংগ্রাম ও আত্মবলিদান ভারতীয় ইতিহাসে চিরস্মরণীয় হয়ে রয়েছে।
ড: মুখোপাধ্যায় ভারতীয় জনসংঘ প্রতিষ্ঠার মাধ্যমে জাতীয়তাবাদী আদর্শকে একটি শক্তিশালী পথ প্রদর্শন করেন এবং তাঁর চিন্তাধারা, সাহস ও ত্যাগের মাধ্যমে ‘রাষ্ট্র সর্বাগ্রে’ এই বার্তা দেশবাসীর কাছে পৌঁছে দেন।
তাঁর জীবন আদর্শ ও আত্মবলিদান আমাদের চিরকাল অনুপ্রাণিত করে যে, দেশের স্বার্থই সর্বাগ্রে , এবং ভারতের ঐক্য, অখণ্ডতা ও আত্মমর্যাদা রক্ষায় সর্বাত্মক প্রচেষ্টাই তাঁর প্রতি প্রকৃত শ্রদ্ধাঞ্জলি।