न्यायपालिका में जातिवाद : बहुजन समाज के लिए न्याय या अन्याय?
देश के उच्च न्यायालयों में पिछले सात वर्षों में 78% जज सिर्फ तथाकथित सवर्ण जातियों से नियुक्त किए गए हैं। यह आंकड़ा साफ दर्शाता है कि न्यायपालिका में जातीय वर्चस्व बना हुआ है और बहुजन, आदिवासी, ओबीसी व अल्पसंख्यकों को योजनाबद्ध तरीके से वंचित किया जा रहा है।
जब संविधान हर वर्ग को समान अवसर देने की गारंटी देता है , तो फिर न्यायपालिका में बहुजन समाज की भागीदारी नगण्य क्यों है? क्या केवल एक जाति के लोगों में ही योग्यता होती है? या फिर यह न्यायपालिका में जातिगत वर्चस्व बनाए रखने की सोची-समझी साजिश है?
न्यायपालिका में बहुजन समाज की भागीदारी न होने का सीधा असर न्याय की निष्पक्षता पर पड़ता है। जब न्याय करने वाले ही समाज के हर वर्ग का प्रतिनिधित्व नहीं करते, तो न्याय भी एक विशेष वर्ग के हित में झुका हुआ रहता है।
इसलिए, बहुजन समाज को न्यायपालिका में प्रतिनिधित्व की गारंटी, पारदर्शी चयन प्रक्रिया की मांग उठानी होगी। जब तक सामाजिक न्याय के सिद्धांत को लागू नहीं किया जाएगा, तब तक न्यायपालिका में जातिवाद जारी रहेगा और बहुजनों को न्याय के बजाय अन्याय ही मिलेगा।
न्याय के मंदिर में जातिवाद के बजाय सामाजिक समता की स्थापना होनी चाहिए। यही सच्चे लोकतंत्र की पहचान होगी।
"ये उच्च न्यायपालिका का कॉलेजियम सिस्टम नहीं, बल्कि कुछ कास्टों को उच्च बनाए रखने का कास्ट सिस्टम है।"
"भारतीय उद्योगपतियों को रास नहीं आ रहा अपना ही देश!"
संलग्न रिपोर्ट के मुताबिक, 22% भारतीय अब दूसरे देश में बसने की इच्छा रखते हैं। कारण? बेहतर जीवन स्तर, अनुकूल कारोबारी माहौल और रहने की अच्छी सुविधाएं।
ये आँकड़े सिर्फ़ एक संख्या नहीं हैं, बल्कि सरकार की आर्थिक नीतियों और प्रशासनिक असफलताओं का आईना हैं।
सरकार बताए—
सरकार 'मेक इन इंडिया' और 'स्टार्टअप इंडिया' जैसी योजनाओं की बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन जमीनी हकीकत क्या है?
"Ease of Doing Business" के बावजूद उद्योगपति भारत में निवेश से क्यों भाग रहे हैं?
स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया जैसे नारे देकर MSME सेक्टर को बर्बाद क्यों किया गया?
किसान और श्रमिक विरोधी नीतियों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था चौपट क्यों?
"5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी" का सपना दिखाकर देश को महंगाई और बेरोज़गारी की खाई में क्यों धकेला?
पूंजीपति भाग रहे हैं, उद्यमी हताश हैं, युवा बेरोज़गार हैं—यह कैसा अमृतकाल?
"विकास" के नाम पर देश को धर्म और नफरत की राजनीति में उलझा दिया गया, ताकि कोई असली सवाल न पूछ सके।
आसपा राष्ट्रीय अध्यक्ष, भीम आर्मी चीफ एड. चंद्रशेखर आज़ाद RLP सुप्रीमो व नागौर सांसद
हनुमान बेनीवाल राजस्थान विधानसभा चुनाव में
जनसंपर्क कार्यक्रमों के तहत ASP + RLP के उम्मीदवारों के समर्थन में।
दिनांक - 17 नवम्बर 2023
@BhimArmyChief@hanumanbeniwal
ग्राम राणासर नया जिला डीडवाना कुचामन में दबंगो ने केम्पर गाड़ीयो से कुचलकर दलितों को मौत के घाट उतारा दो की मौके पर कुछ की हालात गम्भीर।पुलिस करे सभीआरोपियों को गिरफ्तार अन्यथा होगी आर पार की लड़ाई। @ashokgehlot51@BhimArmyChief@RajPoliceHelp@IgpAjmer@narendramodi
हरियाणा के हिसार के थाना उकलाना क्षेत्र के गांव बुड्ढा खेड़ा गांव में असामाजिक तत्वों द्वारा स्वतन्त्रता दिवस का जश्न संविधान निर्माता परम् पूज्य बाबा साहब डा० भीमराव अम्बेडकर जी की तस्वीर जलाकर मानने की घटना बेहद घृणित मानसिकता का परिचायक होने के साथ-साथ ये बता रहा हैं कि देश को जातिवाद की जकड़न से आजादी मिलना अभी बाक़ी हैं। इस तरह का घृणित कृत्य स्वीकार नही किया जा सकता है।
@HissarPolice मामले को शीघ्र संज्ञान में ले और सख़्त कार्यवाही करें!
आज देश भर में सभी लोग आज़ादी का जश्न मना रहे हैं वही दूसरी ओर जालौर के रानीवाड़ा में आजादी का जश्न मना कर खुशी से घर जा रही स्कूली छात्रा का अज्ञात लोगों द्वारा अपहरण कर संदिग्ध अवस्था में बीच रास्ते में फेक दिया जाता हैं
देश में आज भी महिला सुरक्षित नहीं हैं
@RajPoliceHelp
मध्य प्रदेश सीधी जैसा पेशाब कांड जयपुर में भी...
SC समाज के युवक पर शासन और प्रशासन ने मिलकर पहले DSP ने उस पर पेशाब किया और विधायक ने उसे अपने जूते चटवाए, बेहद शर्मनाक!!
मध्यप्रदेश में बीजेपी और राजस्थान में कांग्रेस दोनों पार्टियों की सरकारों में , मतलब सत्ता में चाहे NDA बनें चाहें INDIA देश में दलित कहीं भी सुरक्षित नहीं है।
अब दिल्ली दूर नहीं!
#21_जुलाई को दिल्ली जंतर मंतर के लिये गांव, ढाणी, शहर से युवा निकल चुका है। हमारे सभी साथियों के हौंसले को नीला सलाम।
@SanjayValmiki82
@sunil_bairasiya i
मुख्यमंत्री गहलोत जी आपके गृह जिले जोधपुर में निजी स्कूल में 7 वर्षीय अबोध बच्ची के साथ रेप की घटना की स्याही अभी सूखी ही नहीं थी कि JNVU विश्वविद्यालय के ओल्ड कैंपस में नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप की घटना हो गई! सभ्य समाज के लिए ऐसी घटनाएं कलंक हैं!
समाज मे ऐसे नरपिशाचों के लिए कोई जगह नही है। अपराधियों के हौंसले इतने बुलंद है तो आपकी सरकार क्या कर रही है। ऐसे दरिंदो को सरकार कानूनन कठोर से कठोर सजा दे।
#शर्मनाक
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आज दिल्ली प्रेस क्लब में भीम आर्मी राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन सिंह जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर @BhimArmyChief एड. चन्द्रशेखर आजाद जी पर हमले की सीबीआई जांच और आरोपियों के नार्को टेस्ट की माँग की।
21 जुलाई को दिल्ली के जंतर मंतर पर विशाल प्रदर्शन का ऐलान किया।
#21_जुलाई_चलो_दिल्ली
"पथरीली चट्टान पर हथौड़े की चोट चिंगारी को जन्म देती है"
यूपी के सोनभद्र में बिजली विभाग में ठेके के लाइनमैन तेजबली सिंह का खोखला जातीय स्वाभिमान देखो। पहले एक दलित युवक की बेरहमी से पिटाई की फिर चप्पल भी चटवाई. तेजबली पिछड़े समाज से हैं लेकिन मानसिक रूप से सामंती बनने की कोशिश में हैं ध्यान रखो जब जन्मजात सामंतियो से वास्ता पड़ता है यही बहुजन एकता काम आती है जो तुम्हारे जैसों के घिनौने काम से बिखर जाती है।
सुधर जाओ भारत मे लोकतंत्र है और लोकतंत्र में शक्ति है जिस दिन यह शोषित खड़े हो गए, उस दिन ऐसे बनावटी ’सिंहों’ का क्या होगा?