दोस्तों विडियो को पूरा जरुर देखिएगा।
"जब जज साहब ने कहा और दीजिए क्रिमिनल को वोट…”
कोर्ट में जब जज साहब ने DSP से कहा..
“आप सिर्फ़ पावर जानते हैं, अब हम आपको यहीं से जेल भेजते हैं।”
यह सिर्फ़ एक टिप्पणी नहीं, बल्कि कानून के सामने सत्ता और वर्दी की जवाबदेही का बड़ा संदेश है।
कानून की असली ताकत कुर्सी, वर्दी या पद में नहीं, न्याय में है।
जो गलत करे, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए चाहे वह आम आदमी हो, अधिकारी हो या कितना भी प्रभावशाली व्यक्ति।
न्यायपालिका में ऐसे ही ईमानदार और निडर जजों की जरूरत है, जो बिना दबाव के कानून के अनुसार फैसला करें।
जब कानून सबके लिए बराबर होगा, तभी आम आदमी का न्याय व्यवस्था पर भरोसा मजबूत होगा।
न्याय की कुर्सी पर बैठे व्यक्ति का सबसे बड़ा हथियार निष्पक्षता और कानून है।
दोस्तों विडियो को रिपोस्ट जरुर कीजिएगा।
ग़रीबी हटाओ का असली मतलब शायद यही है गरीबों को ही हटा देना
वीडियो भिवंडी का बताया जा रहा है
एक गरीब बारिश में मेहनत कर अपनी रोज़ी-रोटी बचा रहा था, कार्रवाई के नाम पर उसका ठेला ही पलट दिया...
सच है, आज के दौर में इंसान ही इंसान का सबसे बड़ा दुश्मन बना बैठा है...
यह आग जो रूस के ऊर्जा स्त्रोत पर नहीं दुनिया में लगने वाली है ।
अमेरिका तीसरा विश्व युद्ध शुरू करना चाहता है क्योंकि डॉलर खतरे में है ।
जिसका मतलब है अमेरिका खतरे में है ; अगर आधी आबादी डॉलर को छोड़कर अन्य मुद्रा में व्यापारी शुरू करने लग गया ।
जो रूस और चीन चाहता है तो सीधा अमेरिका की अर्थ व्यवस्था पर हमला होगा ।
जो कुछ महीने में खत्म हो जाएंगी ।
आपको याद रखना चाहिए युद्ध बौखलाहट में शुरू होता है जो अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप में देख रही है ।
जिसका मोहरा युक्रेन है , जबकि यूरोप बागी रूप धारण कर रहा है ।
एक इंजेक्शन सेट जिसकी ट्रेड प्राइस मात्र ₹11 है उसपर ₹325 की MRP छपी होती है और जनता को इतने में ही मिलती है।
इसका मतलब अस्पताल IV सेट के लिए मात्र ₹11 का भुगतान करते हैं लेकिन जनता से ₹325 वसूलते हैं।
~ तुकाराम मुंडे, FDA चीफ महाराष्ट्र 🤔🤔🤔
मेडिकल सामान की कीमतों में लागत और MRP के बीच भारी अंतर का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। महाराष्ट्र FDA के आयुक्त एवं IAS अधिकारी तुकाराम मुंडे ने इस विषय को उठाते हुए आम आदमी और गरीब मरीजों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ की ओर ध्यान आकर्षित किया है।
महाराष्ट्र FDA के एक सर्वे में ₹6.75 की सिरिंज की MRP ₹57.20 और ₹11.05 के IV सेट की MRP ₹325 दर्ज की गई। कीमतों में इतना बड़ा अंतर कई गंभीर सवाल खड़े करता है कि आखिर मेडिकल उपकरणों की कीमतें किस आधार पर तय होती हैं और मरीजों से वसूली जाने वाली कीमतों में कितनी पारदर्शिता है?
इलाज पहले ही आम परिवारों के लिए महंगा है। ऐसे में मेडिकल सामान की कीमतों में पारदर्शिता, उचित मूल्य निर्धारण और प्रभावी निगरानी जरूरी है, ताकि किसी मरीज की बीमारी उसके परिवार के लिए अनावश्यक आर्थिक संकट न बन जाए।
चौकीदार से लेकर इंस्पेक्टर तक
क्लर्क से लेकर कलेक्टर तक
मंदिर से लेकर नेता तक
सड़क से लेकर संसद तक
मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक
प्रधानमंत्री से लेकर राष्ट्रपति तक
अगर कुछ एक चीज चलते है ; तो यही है ।
बिहार के नवादा की बच्चियां हैं बता रही हैं हेड मास्टर बाथरूम में ताक झांक करता है, गोद में उठा लेता है और हर जगह टच करता है।
इस स्कूल की बच्चियों ने हिम्मत करके आवाज़ उठा दी तो गिरफ्तार हो गया है मगर ये मत सोचिए कि मामला सिर्फ इसी स्कूल तक है।
भारत देश की राजधानी दिल्ली को चारों और जाट समाज ने घेरा हुआ है
मुगलों और अंग्रेजों ने शासन किया लेकिन दिल्ली के चारों और बसे जाटों ने अपने धर्म, संस्कृति को नहीं छोड़ा, लड़ते रहे, झुझते रहे, ना झूके, ना टुटे, ना समर्पण किया
#JAT 🔱 #जाट समाज का गौरवशाली इतिहास
दिल्ली जाटों की थी, जाटों की है और जाटों की रहेगी। (बाकी माइग्रेंट फैमिली आती जाती रहती हैं)
यह स्वतंत्र भारद्वाज है
शान से बता रहा है कि स्टूडेंट प्रोटेस्ट में प्रदर्शनकारी के पिता पर हमला किया - उन्हें 60 टांके लगे और वह मौत के कगार पर थे
307 के अंतर्गत हाफ मर्डर का मामला बनता था. लेकिन वह जेल नहीं गया - रात भर बेख़ौफ़ घूमता रहा
कपिल मिश्रा के एक फोन के बाद उसे राहत मिल गई
आगे बताता है कि कपिल मिश्रा, चिराग पासवान ही नहीं मोदी जी भी उसके “बड़े भाई” हैं, सबका समर्थन प्राप्त है
मध्यप्रदेश में एक सरकारी अस्पताल गायब हो गया😂
मध्यप्रदेश में एक ऐसा सरकारी अस्पताल है जिसके पास न जमीन है, न भवन, न छत, न दीवारें और न ही दरवाजे—लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में वह पूरी तरह संचालित दिखाया जा रहा है।
डॉक्टर, कर्मचारी, वेतन और अन्य खर्च—सब कुछ कागज़ों पर जारी है।
ट्रान्सफ़र भी हो रहे हैं।
अस्पताल भी छोटा मोटा नहीं, 100 बेड का अस्पताल।
तो अलग ही लेवल का घोटाला है बॉस।
लोगों तुम्हें शर्म आनी चाहिए हार के बाद जीत भी आती है
सेमीफाइनल ट्रायल में हार गई तो क्या हो गया?
मां बनी 10 महीने पहले ही उसकी C-Section डिलीवरी हुई है
पेरिस ओलंपिक के 20 महीनों बाद मेट पर वापसी करी, चुनाव लड़ा
फिर भी व्यवस्था से लड़ कर मेट पर लडी है
शेरनी @Phogat_Vinesh
सरकार 40-50 करोड़ महाकुंभ की भीड़ संभाल सकती है लेकिन 50 लाख छात्रो को नहीं संभाल सकती?
50 लाख विद्यार्थियों का परीक्षा आयोजित नहीं कर पाती और अगर कर भी ले तो पेपर लीक हो जाता है
क्यूँकि सरकार को युवाओ का वोट चाहिए भविष्य नहीं
अगर आप आवाज़ नहीं उठा सकते तो इन बहनो के जैसे आवाज़ उठाने वालो को सपोर्ट करो
Join : @CockroachArmyIN
कॉकरोच आर्मी का सपोर्ट करो ताकि हम आपके हक़ की लड़ाई लड़ सकते, आपके मुद्दे उठा सके
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