इस कार्ल मार्क्स और इसकी वाइफ़ ने पढ़ाई के नाम पर पूरे हरियाणा के बच्चों को लूटने के लिए हरेक नगर-शहर में अड्डे खोल रखे हैं। हरियाणा में पाँच साल में एक बार कोई भर्ती पूरी होती है पर ये चू तक नहीं करता।
नीट के लिए इसने अपना थोबड़ा खोला था। लेकिन आदमी अपनी फ़ितरत कहाँ छोड़ता है ।
आजकल कोई भी माइक उठा पत्रकार बन देश बदलने निकल जाता हैं। इस वीडियो के व्यू इस बात का ग्वाह है कि देश बदल रहा, बदलाव की इस मुहि�� में इस परिवार ने कोई कसर न्हीं छोड़ी है अब यही लड़का चाँद पर झंडा घाड़ेंगा ! लड़कियों के बस की बात कहाँ।
पिता मज़दूरी करते हैं।
कुछ शर्म लिहाज़ है तुमकों। बन गए चेयरमैन।
जब बच्चे बार-बार बोल रहे हैं कि 14 ��ून की शर्त हटा दो , तो क्यो नहीं हटा रहे ?
कुछ तो लॉजिकल बात पर ध्यान दे ले।
तुम्हें इस दुनिया से एक दिन जाना है कितने भी नोट कूट लें। बेशर्मी छोड़कर कुछ ऐसा कर के दिखा जिससे लोग याद करे।
सीईटी ग्रुप-C परीक्षा 2025 के अभ्यर्थियों के लिए विगत 17 अक्टूबर 2025 को करेक्शन पोर्टल खोला गया था जो कि कल 24 अक्तूबर 2025 रात्रि 11:59 बजे तक खुला रहेगा। सभी अभ्यर्थी समय रहते आवश्यक सुधार अवश्य कर लें।
निर्धारित समय के बाद किसी भी प्रकार का अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा।
विगत 26-27 जुलाई को सम्पन्न हुए सीईटी ग्रुप सी 2025 परीक्षा हेतु करेक्शन पोर्टल खोल दिया गया है। यह पोर्टल 17/10/2025 से लेकर 24/10/2025 रात 11:59 मिनट तक खुला रहेगा।
Correction Portal link :
https://t.co/KGncD8AKK9
Notice Link :
https://t.co/ezg64AK07V
@JaideepGathwala@Joydas@saurabhtop नोएडा भूमाफिय�� का अड्डा बन चुका है ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की जमीन खसरा नंबर 112 बिसरख जलालपुर गांव हिंडन नदी नया पुल डूब क्षेत्र अवै�� निर्माण कार्य चालू है कोई कार्यवाही नहीं हुई है 20.8.2025 को पुलिस थाना नोएडा सेक्टर 113 लगता हैं पुलीस बल उपलब्ध होने पर भी कोई कार्यवाही नहीं
@advhimmatsingh आंसर की में इसका उत्तर A बताया गया है।
क्या इसका उत्तर B नहीं है ?
ये एक उदाहरण है, और भी क्वेश्चन ग़लत हैं आपकी आंसर की में। इन सब को ठीक करवा दीजिए और नॉर्मलाइजेशन भी प्रॉपर तरीक़े से करवाइये। @cmohry@NayabSainiBJP
चेयरमैन साब 26 मॉर्निंग की शिफ्ट का पेपर, दूसरी शिफ़्टो से ज़्यादा हार्ड ���ा। अच्छे से नॉर्मलाइजेशन कीजिए।
प्लस , 26 मॉर्निंग की जो आंसर की आयी है उसमे 5-6 सवालो के जवाब ग़लत है। दोहरीं मार मत कीजिए ।
आयोग एक सर्वे करना चाहता है कि परीक्षा के दौरान आप सभी के लिए की गई व्यवस्थाओं और परीक्षा शैली से कितने अभ्यर्थी संतुष्ट हैं, जिससे आयोग को भविष्य में और बेहतर,पारदर्शी व अभ्यर्थी-केंद्रित परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करने में मदद करेगा।
फीडबैक फॉर्म लिंक:
https://t.co/FJVrFeYsg8
India and Pakistan have today worked out an understanding on stoppage of firing and military action.
India has consistently maintained a firm and uncompromising stance against terrorism in all its forms and manifestations. It will continue to do so.
दिल्ली चुनाव सिर्फ़ एक चुनाव नहीं था, पूरी घेराबंदी थी...
ये घेराबंदी वैसी ही थी जैसी पुराने ज़माने में किसी मज़बूत क़िले को जीतनें के लिए आक्रमणकारी किया करते थे।
दिल्ली से आप को बेदख़ल करने की घेराबंदी 2022 में शुरू हुई, जब पंजाब चुनाव जीतने के बाद आप ने बीजेपी को उसके सबसे मज़बूत किले गुज़रात में चुनौती दी!!
तीन दशक बाद बीजेपी को पहली बार किसी ने उसके ही गढ़ में ललकारा था। ख़ैर, बीजेपी गुजरात बचाने में तो सफ़ल रही, पर आप की वजह से तथाकथित “गुजरात मॉडल” की कमज़ोर कड़ियाँ सारे देश के सामने खुल गईं।
यही वो लम्हा था जब हुक्मरानों को लगा, “इनफ इज इनफ”, और फ़िर शुरू हुई दिल्ली में आप की घेराबंदी।
चूँकि आप का उदय भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ एक आंदोलन से हुआ था, लि���ाज़ा अगर किसी तरह भ्रष्टाचार को आप से चिपका दें तो उसके मूल समर्थक ही उससे दूर हो जाएँगे। और एक बार ये हो जाए, तो फ़िर गवर्नेंस पर चोट करके खेल ख़त्म किया जा सकता है। ये स्ट्रेटेजी थी बीजेपी की।
लिहाज़ा अप्रैल-मई 2022 में नए मुख्य सचिव और नए एलजी की नियुक्ति ��ोती है।
नई शराब नीति के ख़िलाफ़ एलजी साहेब जुलाई 2022 में सीबीआई जाँच की सिफारिश कर देते हैं। केस रजिस्टर होता है और धीमी गति से जाँच शुरू हो जाती है।
दिसंबर 2022 में गुजरात चुनाव के नतीज़े आते हैं। बीजेपी लगातार आठवी बार वहाँ सरकार बनाने में सफल हो जाती है। पर आप को भी 13% वोट और 5 सीटें मिल जाती है।
अब दिल्ली में सीबीआई की जाँच तेज़ी पकड़ती है। फ़रवरी 2023 में मनीष सिसोदिया की गिरफ़्तारी होती है।
एक तरफ़ कोर्ट में क़ानूनी दाँव पेंच चल रहा था और दूसरी तरफ़ बीजेपी मीडिया पर अपनी पकड़ का इस्तेमाल कर एक अलग ही नैरेटिव सेट कर रही थी। पूरी दिल्ली शराब में डूब चुकी है, सैकड़ों-हज़ारों करोड़ की रिश्वत ली गई है, ये कहानी मोबाइल फ़ोन के ज़रिए हर घर तक पहुँच गई थी।
इस बीच मई 2023 में सुप्रीम कोर्ट एक बहुप्रतीक्षित मुक़दमे में ��पना फ़ैसला आप सरकार के पक्ष में दे देता है। सुप्रीम कोर्ट मानता है की दिल्ली सरकार के अधिकारी चुनी हुई सरकार के प्रति जवाबदेह होंगे।
बीजेपी को लगा की इस निर्णय से तो सारा खेल ही बिगड़ जाएगा।
मात्र एक हफ़्ते के अंदर केंद्र की बीजेपी सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलट देती है- पहले अध्यादेश और फिर संसद में क़ानून बनाकर।
अब यहाँ से एक नया खेल शुरू होता है।
मुख्य सचिव, वित्त सचिव और एमसीडी कमिश्नर मिलकर दिल्ली को “चोक” करने का प्रोजेक्ट शुरू करते हैं। मार्च 2024 में अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद तो इन्हें हर तरफ़ से खुली छूट मिल गई।
वित्त सचिव, दिल्ली जल बोर्ड की ग्रांट पर ऑब्जेक्शन लगाते हैं जिससे पानी की सप्लाई और सीवर लाइन के मेंटेनेंस पर सीधा प्रभाव पड़ता है।
एमसीडी कमिश्नर कूड़ा उठाने वाली कंपनियों के पेमेंट पर सवाल उठाने लगते हैं, जिससे जगह जगह कूड़े का अंबार इक���्ठा होने लगा।
ये सभी अधिकारी उस मुख्य सचिव की छत्र छाया में काम कर रहे थे, जिन्हें बीजेपी की केंद्र सरकार ने इस दौरान दो बार सेवा विस्तार दिया।
जब तक केजरीवाल जेल से बाहर आते हैं, काफ़ी देर हो चुकी थी। जनता पानी-नाली-सड़क की बदहाली से त्रस्त हो चुकी थी।
अब "फ़ाइनल असॉल्ट" का टाइम था।
चूँकि बीजेपी तथाकथित शराब घोटाले में जनता को केजरीवाल-सिसोदिया के घर से नोटों की बरामदी की तस्वीरें नहीं ���िखा पाई थी, इसलिए अब “शीशमहल” परोसा गया।
मुख्यमंत्री के सरकारी आवास का रिनोवेशन दो साल पहले हुआ था। पर इसे चुनाव के मौके पर फ़िर से पेश कर जनता को बताया कि, "देखो, केजरीवाल ने ख़ुद का घर तो आलीशान बना लिया पर तुम्हारी गली और नाली टूटी ही रहने दी”।
पुराने ज़माने में भी जब क़िला अभेद्य लगता था, तो आक्रमणकारी राशन और पानी की सप्लाई रुकवा दिया करते थे।और अंदर ये अफ़वाह फैला देते थे की देखो तुम्हारा राजा तो बड़े आराम से रह रहा है, परेशान तो तुम लोग हो!!
ठीक इसी तर्ज़ पर दिल्ली की सीवर-नाली-कूड़े-पानी की सेवाओं को अफसरों के ज़रिए ध्वस्त करके लोगों को वास्तविक तकलीफ़ दी और फ़िर तथाकथित “शीशमहल” और “शराब घोटाले” के ज़रिए उसे काल्पनिक भ्रष्टाचार से जोड़ दिया।
लिहाज़ा 10% वोट छिटक गए और बीजेपी अपने मंसूबे में सफल हो गई।
ग़ज़ब स्ट्रेटेजी थी बीजेपी की, इसे "आईआईएम" जैसे संस्थानों ��ें केस स्टडी के रूप में पढ़ाया जाना चाहिए।
पर हाँ, इतना सब करने के बाद भी दिल्ली के 44% वोटर्स ने आप को वोट दिया। सोचिए, अगर बीजेपी साम-दाम-दंड-भेद का सहारा न लेती तो नतीज़ा क्या होता?
तो बीजेपी भले ही दिल्ली चुनाव जीतने में सफ़ल रही है, पर वो अभी भी आप को हरा नहीं पाई, चिंगारी अभी बुझी नहीं है…
भड़ल, बाग़पत में गाँव और खेत-खलिहान को बचाने के लिए तीन दिन के चिंतन शिविर में शामिल होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस दौरान किसान नेताओ और कृषि विशेषज्ञ @Devinder_Sharma जी से मिलकर अपनी जानकारी को ओर दुरुस्त किया।
तार्किक बात करो बहन जी। CET क्वालीफ़ाई करना पिछली बार ज़रूरी था क्योकि सरकार ने कहा था कि जो क्वालीफाई करेगा वही अगले पेपर में बैठेगा। इस कारण काफ़ी बच्चे जो टैलेंटेड थे वो रह गए। अब तो हर बच्चा तैयारी इस तरह से करेगा कि उसको टॉपर में आना है।
CET को 4 से 7 गुणा नहीं..पूरा क्वालीफाई किया जाये फिर बेशक़ क्वाली��ाई करने का प्रतिशत बढ़ा दिया जाये 60% तक रखने बारे विचार किया जा सकता है.
इसके साथ जितने बिंदु लिखे हैँ उनपर गहनता से विचार के बाद ही कोई निर्णय लिया जाये. जल्दबाज़ी मत करना और जो लिखो वो करना ज़रूर.. अभी भी 4 गुणा कहकर बहुत जगह 1.5 गुणा या 2 गुणा ही बच्चे बुलाये. यह नाइंसाफी करते हो तो बोलना ज़रूरी हो जाता है..!
#श्वेता_ढुल
10 साल से केंद्र में बीजेपी सरकार है और देश में 15% मुस्लिमों से 80% हिन्दू को ख़तरा है
इसी तरह हरियाणा में 10 साल से बीजेपी है और 25% जाटो से 75% नॉन-जाटो को ख़तरा है।
हालाकि 10 साल पहले हिंदू और नॉन-जाट ख़तरे में नहीं थे। लेकिन अब हैं क्योकि बीजेपी की स��कार है।
😎😎
बीजेपी ने ये सब अपने लोगो से कहकर, आईटी सैल का उपयोग करके सोशल मीडिया पर इस तरह के पोस्ट करवाये। इतना ओछी सोच कोई जाट नहीं रखता। एक जाति का डर दिखाया और मामला सेट कर लिया। कौन लोग हैं ये जो नाम छुपाकर पोस्ट डालते हैं। क��यों बेच रहे हो इस देश को जाति-धर्मों का डर दिखाकर ।
बीजेपी ने ये सब अपने लोगो से कहकर, आईटी सैल का उपयोग करके सोशल मीडिया पर इस तरह के पोस्ट करवाये। इतना ओछी सोच कोई जाट नहीं रखता। एक जाति का डर दिखाया और मामला सेट कर लिया। कौन लोग हैं ये जो नाम छुपाकर पोस्ट डालते हैं। क्यों बेच रहे हो इस देश को ���ाति-धर्मों का डर दिखाकर ।
मन में इस जहर के साथ हरियाणा इस बार तो क्या, अगले सौ साल भी नहीं जीत सकते आप
होंगी आपके पास बड़ी बड़ी कोठियाँ, बड़ी-बड़ी गाड़ियाँ... लेकिन जो आपका वोट है ना, उसकी कीमत उतनी ही है जितनी डोलू उठाकर लस्सी मांगने आने वाले की है।
बल्कि उससे भी कम ही होगी, क्योंकि आप जिस भी पार्टी को वोट डालने का खुला और मुखर प्रचार करते हैं, 10 लोग आ���से चिढ़कर उस पार्टी के खिलाफ वोट डालते हैं।
हरियाणा के बहुत से वोटर सरकार बदलना चाहते थे लेकिन आपके इन्हीं वर्चस्व और दादागिरी भरे बोलों की वजह से वे आपकी तरफ भी नहीं आए।
गाँव-देहात के स्तर पर आपने उनको बिदका दिया और प्रदेश स्तर पर आप��े नेता ने उनकी नेता को। शहर आपके साथ थे ही नहीं।
नतीजा आप सबके सामने हैं।
ना तो जाट किसी एक पार्टी के ग़ुलाम हैं, ना ब्राह्मण, दलित, गुज्जर… अगर ऐसा होता तो इन लोगो के किसी एक पार्टी को 90-95% वोट होते। इसीलिए किसी आदमी के बहकावे ��ें ना आये, भाईचारा बनाए रखे। ये एक आदमी की हार है जो अपने आपको विश्वविजेता समझ रहा था। कटरवादी लोग अपना थोबड़ा बंद रखें।