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21 जून – पृथ्वी का सबसे बड़ा दिन एवं सबसे छोटी रात ☀️🌍
आज ग्रीष्म संक्रांति (Summer Solstice) का पावन एवं अद्भुत खगोलीय अवसर है। इस दिन सूर्य की किरणें कर्क रेखा पर लगभग सीधी पड़ती हैं, जिसके कारण उत्तरी गोलार्द्ध में दिन सबसे बड़ा और रात सबसे छोटी होती है।
🌞 पृथ्वी अपने अक्ष पर लगभग 23.44° झुकी हुई है और इसी कारण ऋतुओं, दिन-रात की अवधि तथा संक्रांतियों का निर्माण होता है।
🌎 भारत सहित उत्तरी गोलार्द्ध के देशों में आज सूर्य का प्रकाश सबसे अधिक समय तक रहता है।
🌙 वहीं दक्षिणी गोलार्द्ध में इसका ठीक विपरीत प्रभाव देखने को मिलता है, जहाँ दिन छोटे और रातें बड़ी होती हैं।
प्रकृति और ब्रह्मांड की यह अद्भुत व्यवस्था हमें विज्ञान, संतुलन और सृष्टि की महानता का एहसास कराती है।
आइए, इस विशेष दिन पर प्रकृति का सम्मान करें, ज्ञान को अपनाएँ और ब्रह्मांड के रहस्यों को समझने का प्रयास करें।
#SummerSolstice
#LongestDay
मोबाइल नाम का खिलौना, आज हरेक हाथ में है,
सबको भ्रम है, सारी दुनिया उसके साथ में है।
घर में बैठे लोग मगर, आपस में अनजान हुए,
दूर के चेहरों से मिलकर, अपनों से बेध्यान हुए।
रीलों में सुबह ढल जाती, स्टेटस में फिर शाम हुई,
लाइक गिनते-गिनते जाने, कब जीवन की उम्र कम हुई।
काम हुआ या नहीं हुआ, इसका कोई हिसाब नहीं,
वक्त मजे से कट रहा है, इससे बढ़कर ख्वाब नहीं।
मोबाइल तो स्मार्ट हुआ, इंसान कहाँ कुछ सीख सका,
भीड़ से हर पल जुड़ा रहा, अपने मन से बात न कर सका।
यूपी बोर्ड समेत विभिन्न शिक्षा बोर्डों के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के मेधावी छात्र-छात्राओं को एक जून को सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोक भवन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में 223 मेधावियों को सम्मानित करेंगे। हर मेधावी छात्र को एक लाख रुपये, टैबलेट, मेडल और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक डा. महेंद्र देव ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को कार्यक्रम को सही तरीके से आयोजित कराने के निर्देश दिए हैं। राज्य स्तरीय कार्यक्रम सुबह 11 बजे शुरू होगा और इसका लाइव प्रसारण सभी जिला मुख्यालयों पर कराया जाएगा।
राज्य स्तर पर यूपी बोर्ड, यूपी संस्कृत शिक्षा परिषद, सीबीएसई (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) और सीआइएससीई (काउंसिल फार द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन) के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा। इनमें यूपी बोर्ड के प्रथम 10 स्थान प्राप्त छात्र भी शामिल हैं।
कुल 223 मेधावियों और उनके एक-एक अभिभावक को कार्यक्रम में बुलाया गया है। मेधावी विद्यार्थियों को स्कूल यूनिफार्म में कार्यक्रम में शामिल होना होगा। जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि सभी छात्र 31 मई की शाम पांच बजे तक लखनऊ पहुंच जाएं। इसके साथ ही प्रदेश के 1459 जिला स्तरीय मेधावियों को भी सम्मानित किया जाएगा।
जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में मंत्री और जनप्रतिनिधि छात्रों को 21 हजार रुपये, मेडल और प्रशस्ति पत्र देंगे। सरकार की ओर से मेधावियों को दी जाने वाली धनराशि पहले ही जिलों को भेजी जा चुकी है। टैबलेट खरीदने के लिए भी अलग से बजट जारी किया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि कार्यक्रम के दिन ही सभी मेधावियों के खातों में सम्मान राशि हस्तांतरित कर दी जाए।
#UttarPradesh #Student #CMYogi #DainikJagran
Uttar Pradesh continues to strengthen its commitment towards farmer welfare through better planning, modern agricultural practices and timely access to support systems. Efforts are focused on building a stronger, more resilient and farmer-centric agricultural ecosystem.
'सिर्फ बॉर्डर की सुरक्षा से नहीं चलेगा काम, 50KM के दायरे में...', बीकानेर में अमित शाह ने BSF को दिया संदेश
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नमामि गंगे तव पाद पंकजम्,
सुरासुरैः वंदित दिव्य रूपम्
भुक्तिं च मुक्तिं च ददासि नित्यं,
भावानुसारेण सदा नराणाम् 🙏
ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाता है। इस दिन मां गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। राजा भागीरथ की तपस्या के फलस्वरूप गंगा ने उनके पूर्वजों को मोक्ष प्रदान किया।
इस वर्ष गंगा दशहरा 25 मई 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन गंगा स्नान और दान-पुण्य करने का विशेष महत्व है। कहा जाता है कि इस दिन स्नान करने से दस पापों से मुक्ति मिलती है।
गंगा दशहरा के दिन स्नान करने से इन 10 पापों से मुक्ति मिलती है जिसमें तीन शारीरिक, चार वाणी से होने वाले पाप और तीम मानसिक रूप से होने वाले पापों से मुक्ति मिलती है।
तीन शारीरिक पाप जिन्हें कायिक पाप कहा जाता है, इनमे हिंसा, चोरी करना और गलत आचरण शामिल है। वहीं वाचिक यानी वाणी से होने वाले पाप में झूठ बोलना, कठोर वचन बोलना, दूसरे की चुगली करना और दूसरों की निंदा करना शामिल है।
इसके साथ ही आखिर मानसिक पाप होते हैं जिसमें लालच, ईर्ष्या और अशुद्ध विचार रखना शामिल है।
गंगा मां की कृपा से सुख-समृद्धि, शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
कमेंट में 'जय गंगा मैया' लिखें और इस पोस्ट को साझा करें। 🙏🌺
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यह है भारत के कुछ प्रसिद्ध आमों के किस्में में, इनमें से आपको कौन सी किस्म की आम पसंद है उसकी क्या विशेषता है जरूर लिखें हमें तो मालदा पसंद है जो की बहुत ही स्वादिष्ट और काम मीठास वाला आम होता है
गुड़ का पोषण मूल्य
गुड़ गन्ने के रस में मौजूद जयादातर पोषक तत्वों को बनाए रखता है, जिससे यह सबसे ज्यादा पोषक तत्वों वाले प्राकृतिक मीठे पदार्थों में से एक बन जाता है।
यह कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम, फॉस्फोरस, सोडियम, आयरन, जिंक, कॉपर और मैंगनीज जैसे खनिजों को सुरक्षित रखता है, जो सफेद चीनी बनाने की कड़ी रिफाइनिंग प्रक्रिया में नष्ट हो जाते हैं।
अच्छी क्वालिटी के गुड़ में आमतौर पर 70 प्रतिशत से ज्यादा सुक्रोज, थोड़ी मात्रा में ग्लूकोज और फ्रक्टोज, और लगभग 5 प्रतिशत खनिज होते हैं, जिसमें नमी की मात्रा कम होती है।
आयरन की मात्रा (हर 100 ग्राम में लगभग 10-13 एमजी) हीमोग्लोबिन के स्तर को बेहतर बनाने में मदद करती है, जबकि पोटैशियम और मैग्नीशियम ह्रदय संंबंधी और मांसपेशियों के काम को ठीक रखने में सहायक होते हैं।
गुड़ में विटामिन की बहुत कम मात्रा होती है, जिसमें फोलिक एसिड और बी-कॉम्प्लेक्स विटामिन, साथ ही विटामिन ए, सी, डी और ई शामिल हैं।
ये सूक्ष्म पोषक तत्व गुड़ को एक ऊर्जा से भरपूर भोजन बनाते हैं, जो इन पोषक तत्वों की कमी को दूर करने में मदद कर सकता है।
इसमें खनिज लवण की मात्रा रिफाइंड चीनी की तुलना में काफी ज्यादा होती है।
यह इसे आहार पूरक के लिए एक उपयुक्त विकल्प बनाता है, खासकर उन आबादी के लिए जो कुपोषण का शिकार हैं।
अधिक जानकारी हेतु PIB Link:
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@MIB_India@airnewsalerts
मनुष्य को जीवन में ये 5 कार्य जरूर करने चाहिए:
चाहे कितना भी धन-संपन्न क्यों न हो, पूजा की थाली या दीपक स्वयं तैयार करने की आदत रखें।
हमेशा पानी स्वयं लेकर पिएँ, दूसरों पर निर्भर रहने की आदत न डालें।
अपने व्यक्तिगत कपड़े स्वयं धोने की कोशिश करें, इससे आत्मनिर्भरता और जिम्मेदारी बढ़ती है।
घर का भोजन परिवार के सहयोग से बनना चाहिए, और आप भी उसमें अपना योगदान दें।
भोजन के बाद अपनी थाली स्वयं उठाएँ और सुबह उठकर अपना बिस्तर स्वयं व्यवस्थित करें।
“9 वास्तु पेंटिंग्स”
जिन्हें घर में लगाने से सकारात्मक ऊर्जा, शांति और समृद्धि आने की मान्यता है। नीचे प्रत्येक चित्र का विस्तृत महत्व और सही दिशा दी गई है:
1. झरना (Waterfall Painting) – उत्तर दिशा
जल का प्रवाह धन, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।
घर में बहते झरने की पेंटिंग लगाने से मानसिक तनाव कम होता है और घर का वातावरण शांत रहता है।
लाभ:
मन को शांति मिलती है
सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है
आर्थिक प्रवाह बेहतर माना जाता है
ध्यान रखें:
पानी हमेशा बहता हुआ और साफ दिखना चाहिए
सूखा या रुका हुआ जल न लगाएं
2. उगता सूरज – पूर्व दिशा
उगता सूर्य नई शुरुआत, ऊर्जा और सफलता का प्रतीक है।
पूर्व दिशा में इसे लगाने से घर में उत्साह और सकारात्मक सोच बनी रहती है।
लाभ:
आत्मविश्वास बढ़ता है
जीवन में नई ऊर्जा आती है
कार्यों में सफलता मिलने की मान्यता
3. सात घोड़े – दक्षिण दिशा
सात दौड़ते हुए घोड़े सफलता, शक्ति और तेज प्रगति का प्रतीक माने जाते हैं।
लाभ:
करियर और बिजनेस में तरक्की
रुकावटें दूर होने की मान्यता
मेहनत का अच्छा परिणाम
ध्यान रखें:
घोड़े खुश और दौड़ते हुए दिखने चाहिए
संख्या 7 ही शुभ मानी जाती है
4. बाँस (Bamboo Painting) – पूर्व दिशा
बाँस को विकास, लंबी आयु और उन्नति का प्रतीक माना जाता है।
लाभ:
करियर ग्रोथ
घर में शांति और स्थिरता
सकारात्मक कंपन बढ़ते हैं
5. मंडला आर्ट – पश्चिम दिशा
मंडला संतुलन, ध्यान और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक है।
लाभ:
मानसिक संतुलन
ध्यान और एकाग्रता में सुधार
घर में सामंजस्य बढ़ता है
6. मोर – दक्षिण-पूर्व दिशा
मोर सुंदरता, समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है।
लाभ:
घर में आकर्षण और खुशी
सकारात्मक ऊर्जा का संचार
रिश्तों में मधुरता
7. पर्वत (Mountain Painting) – दक्षिण दिशा
पर्वत स्थिरता, आत्मबल और सुरक्षा का प्रतीक है।
लाभ:
आत्मविश्वास बढ़ता है
जीवन में स्थिरता आती है
परिवार को मजबूती मिलती है
ध्यान रखें:
पहाड़ मजबूत और सुंदर दिखना चाहिए
बर्फीले या उदास चित्र कम लगाएं
8. बुद्ध की तस्वीर – उत्तर-पूर्व दिशा
भगवान बुद्ध शांति, ज्ञान और ध्यान के प्रतीक हैं।
लाभ:
मानसिक शांति
क्रोध और तनाव में कमी
आध्यात्मिक वातावरण
सबसे अच्छी जगह:
मेडिटेशन रूम
ड्राइंग रूम
पूजा स्थल के पास
9. परिवार का चित्र – उत्तर दिशा
खुशहाल परिवार की तस्वीर रिश्तों में प्रेम और एकता का प्रतीक मानी जाती है।
लाभ:
परिवार में प्रेम बढ़ता है
रिश्ते मजबूत होते हैं
घर में अपनापन बना रहता है
ध्यान रखें:
तस्वीर मुस्कुराती और खुशहाल हो
अकेले या उदास चित्र न लगाएं
महत्वपूर्ण वास्तु टिप्स
टूटी, फटी या डरावनी पेंटिंग्स न लगाएं
घर में सकारात्मक और प्रेरणादायक चित्र ही रखें
बहुत ज्यादा गहरे या नकारात्मक रंगों से बचें
नियमित रूप से पेंटिंग्स की सफाई करें
घर की दीवारों पर लगे चित्र केवल सजावट नहीं होते, वे घर की ऊर्जा और वातावरण को भी प्रभावित करते हैं। ✨🏡