गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏
गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर सभी देशवासियों को शुभकामनाएं।
यह पर्व हमें ज्ञान, विवेक, सकारात्मक सोच और अच्छे कार्यों के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
पहचान सिर्फ एक पद से नहीं, जिम्मेदारी से बनती है।
पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान के लिए मेरी जिम्मेदारी—मेरी प्रतिबद्धता।
राष्ट्रीय संगठन महासचिव
अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति @abpssofficial
— महफ़ूज़ खान | जनहित
कुरान आस्था का विषय है, संविधान भारत की व्यवस्था का आधार है।
धर्म हमें नैतिकता और मूल्यों की सीख देता है, वहीं संविधान हर नागरिक के अधिकार, न्याय और समानता की गारंटी देता है।
भारत में कानून और नागरिक जीवन के लिए संविधान सर्वोपरि है।
नफरत नहीं, भाईचारा चाहिए।
बिलासपुर ने शांति मार्च के माध्यम से संदेश दिया — शहर की पहचान अमन और सद्भाव है। 🇮🇳
— महफूज़ खान | जनहित
#बिलासपुर#शांति_मार्च
बिलासपुर की पहचान — शांति और भाईचारा।
पिछले दिनों हुई आपसी विवाद की घटना को साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश हुई, लेकिन बिलासपुर की जनता ने शांति मार्च निकालकर संदेश दिया कि शहर में नफरत के लिए कोई स्थान नहीं है।
पुलिस प्रशासन निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करे।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
कर्म, सत्य, विवेक, धैर्य और न्याय के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती रहे।
विचारों में सकारात्मकता, व्यवहार में मानवता और कर्मों में ईमानदारी बनी रहे।
— महफ़ूज़ खान | जनहित
#श्रीकृष्णजन्माष्टमी#जन्माष्टमी#श्रीकृष्ण
पत्रकारों का काम सवाल पूछना है, सवालों से डरना नहीं चाहिए।
दिल्ली में @4pmnews_network की पत्रकार शाहीन खान और नफीसा के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में निष्पक्ष जांच जरूरी है।
आरोप सही हों तो कार्रवाई हो, गलत हों तो तथ्य सामने आएं।
समाज सुधारने का दावा करने से पहले संविधान समझिए। 🇮🇳
भारत की ताकत हमारी विविधता और आपसी सम्मान में है।
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हमारा अधिकार है, लेकिन नफरत, हिंसा और समाज में वैमनस्य फैलाना किसी का अधिकार नहीं हो सकता।
लोकतंत्र में फैसला भीड़ नहीं, कानून करता है।
@BilaspurDist की पहचान शांति और भाईचारे की है।
किसी भी घटना को अफवाह, नफरत और तनाव का कारण नहीं बनने देना चाहिए।
दोषी कोई भी हो, कानून सबके लिए समान होना चाहिए।
संविधान और सामाजिक सौहार्द की रक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है। 🇮🇳
पत्रकार सुरक्षा कानून जैसे गंभीर जनहित के मुद्दे को “Suggestion” कहकर खारिज कर दिया गया।
जबकि PCI के 17.08.2026 के जवाब में 2015 की “Safety of Journalists” रिपोर्ट और Central Government को Central Act बनाने की recommendation का उल्लेख है।
बिलासपुर को नफरत नहीं, न्याय चाहिए।
किसी भी विवाद को सांप्रदायिक रंग देकर शहर का माहौल खराब करना स्वीकार नहीं किया जा सकता।
दोषी किसी भी पक्ष का हो, कानून के अनुसार कार्रवाई हो।
अफवाह और उकसावे की राजनीति करने वालों की भी जांच होनी चाहिए।
राखी सिर्फ एक धागा नहीं, बहन के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों का संकल्प है। ❤️
हर बेटी सुरक्षित और सम्मानित रहे—यही सच्चे रक्षाबंधन की भावना है। 🙏🇮🇳
रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ।
मेरा ईमान, मेरी समझ और मेरी बात—कुरआन और सुन्नत की रोशनी में।
रसूलुल्लाह ﷺ से मोहब्बत केवल किसी एक दिन या आयोजन तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उनकी सीरत, सुन्नत, अख़लाक और इंसानियत को अपनी जिंदगी में उतारना ही सच्ची मोहब्बत है।
मुंबई में थमे ऑटो के पहिए… सवाल सिर्फ भाषा का नहीं, रोज़गार और सम्मान का भी है।
मराठी सीखना या स्थानीय भाषा का सम्मान करना किसी विवाद का विषय नहीं होना चाहिए। लेकिन किसी मेहनतकश ऑटो चालक की रोज़ी-रोटी पर असर पड़े,
न्याय व प्रशासनिक जवाबदेही की लड़ाई कागज़ी निस्तारण से खत्म नहीं होती! ✊
20 जुलाई 2026 के Parliament March में हुए कथित excessive force के मामले में @PIBHomeAffairs / @DelhiPolice के समक्ष एक नया आधिकारिक Grievance (Reg No: MINHA/E/2026/0039372) दर्ज कराया है।
भारतीय प्रेस परिषद के जवाब में सामने आया—
2015 में पत्रकार सुरक्षा पर रिपोर्ट तैयार हुई,
2017 में पत्रकार सुरक्षा से जुड़े विधेयकों पर विचार हुआ और केंद्रीय कानून बनाने की सिफारिश की गई।
फिर सवाल है—
देश के पत्रकारों को कानूनी सुरक्षा अब तक क्यों नहीं?
@PressCouncil_IN जवाब ने एक महत्वपूर्ण बात सामने रखी है—
पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर 2015 में रिपोर्ट तैयार हुई, 2017 में पत्रकार सुरक्षा से जुड़े विधेयकों पर विचार हुआ और केंद्रीय कानून बनाने की सिफारिश भी की गई।
फिर सवाल है—
पत्रकार सुरक्षा कानून अब तक क्यों नहीं?
नए विचार, बेहतर नीति और मजबूत जनभागीदारी की दिशा में एक पहल।
जनहित लोकनीति संस्थान —
जनहित, शोध और लोकनीति संवाद के लिए समर्पित एक स्वतंत्र मंच। 🇮🇳
विचार से नीति तक, नीति से जनहित तक।
#जनहित#लोकनीति