ऐसे विश्वगुरू बनेगा भारत... मेहनत और मेडल से !
हरियाणा के बेटे-बेटियों ने सदा विश्वगुरू बनने का रास्ता दिखाया है। लेकिन नफरती चिंटुओं को लगता है कि रेहड़ी-ठेले वालों का बहिष्कार करके, सड़कों पर गाड़ियों को तोड़कर, बृजभूषण जैसों का समर्थन करने से भारत का नाम रौशन होगा...
Congratulations #ManuBhakar
श्री गुरुग्रंथ साहिब जी महाराज को वर्तमान स्वरुप में आने से पहले दस शरीर धारण करने पड़े थे, तब जाकर आप वर्तमान शब्द स्वरूप में आए और जगत के मार्गदर्शक बने । गोया, हमारा वर्तमान के किसी दूसरे मजहब के देहधारी गुरु से झगड़ा तो नहीं है, क्योंकि दूसरे मजहब का यह आंतरिक मामला है, लेकिन सिखी स्कूल में अब देहधारी गुरु की मान्यता रद्द हो गई है, क्योंकि जिस तरह वही गाड़ी ज्यादा अच्छी मानी जाती है, जोकि इतनी ज्यादा ऑटोमैटिक हो कि जिसे चलाने के लिए किसी देहधारी ड्राइवर की जरूरत ही न पड़े, बल्कि जोकि बिना ड्राइवर के अपने आंतरिक सॉफ्टवेयर से चले । इस ऑटोमैटिक गाड़ी के नए वर्जन के आगे सभी दूसरे वर्जन फेल होते दीखते हैं । अतः श्री गुरुग्रन्थ साहिब जी सर्वाधिक सामयिक गुरु हैं । पिछले दिनों जब राम��ंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में हमनें देखा कि मोदी के दरबार में डेरा ब्यास जैसे बड़े डेरा के डेरा मुखी भी लाइन लगा कर खड़े थे, तब समझ आया कि क्यों सिखी में शब्द गुरु को गुरु माना गया और क्यों गुरु नानक देव जी ने सिखों की शुरु से ही शब्द गुरु को मानने की प्रैक्टिस करवाई, जिसमें आगे गुरु गोबिंद सिंघ जी ने "गुरु मान्यो ग्रन्थ" का आदेश देकर शब्द गुरु को संस्थागत करने का गुरु नानक देव जी का मिशन पूरा किया । जब कलियुग के प्रभाव की वजह से देहधारी गुरु सत्ता प्रतिष्ठान की चाकरी करने लग गए हों, तो ये क्या ही अपने शिष्यों को आध्यात्मिक राह पर भी चला सकेंगे, क्योंकि जो निर्भऊ नहीं है, वह परमात्मा की प्राप्ति भी नहीं कर सकेगा, क्योंकि निर्भऊ होना परमात्मा का ही गुण है । गुणी का गुण धारण किए बिना, कोई गुणी तक नहीं पहुंच सकता, यह सिद्धांत ह�� । आज इतना ही । शुक्रिया ।
"एक पीढ़ी का पाखंड, दूसरी पीढ़ी के लिए परंपरा, तीसरी पीढ़ी के लिए संस्कृति और चौथी पीढ़ी के लिए धर्म बन जाता है।"
ये जो पालकी में बैठे हैं, इनकी युवावस्था में ये सब नहीं था, ऐसे पाखंड नहीं थे, लेकिन अब इनका बेटा इसे धर्म का हिस्सा मानकर धर्म करने निकला है।
इतनी भीषण गर्मी में ये बुजुर्ग इस पालकी में परेशान भी हैं, लेकिन मजबूर हैं, अपने बेटे के धर्म को पूरा करने में उसका सहयोग कर रहे हैं।
इस आयोजन को #श्रवण_कांवड़ का नाम दिया है।
हालांकि बहन मनु भाकर जो हरियाणा से है
वो वेस्ट यूपी वाली शूटर दादिओ चंद्रो तोमर और परकाशी तोमर की सगी पोती ना है
लेकिन जब खून एक है डीएनए एक है तो गुण भी एक जैसे ही पाने और हम समाज में अपने सभी बुजुर्गो को दादी बाबा ही माने
"छोरी दादी पे गई से ठाडे जिगर आली 💪"
इनको प्याज और लहसुन से परहेज है।
मुझे लगता है कहीं किसान कमेरा वर्ग को बर्बाद करने की साज़िश तो नहीं रची जा रही है,,,???
क्यों कि
इसी वक्त कॉलेज सकूल खुलते हैं उसी वक्त यह भेड़ों की होड़ तालाब में नहाने की
आज रिश्ता करने वाले हमारे घर आया 🏠
☕चाय पिया और बोले लड़का क्या करता है ।
मेरी मां घर की जमीन पर खेती करता है उन में एक पुलिस वाला था बोला देखा - देखा लाग है यह लड़का तो कहा देखा है ।
मेरी माँ आंदोलन में देखा होगा यह थाना में देखा होगा
पुलिस वाला कौन सा आंदोलन कि बात करो सो आप 🤔
माँ ने मुझे दुबारा बुलाया बोली भाई चौधरी साहब कहीं देखे है।
मे बोला मुझे तो ��ाद नहीं कहा देखा है ।
पुलिस वाला बेटा कौन से आंदोलन की बात कर है तुम्हारी माँ बोल रही है आंदोलन में देखा होगा ।
मे भी बोला आप बताओ कौन - कौन से आंदोलन में आपकी ड्यूटी कहां थी ।
वह बोला 2017-2018 में हिसार जेल में थी बाकि कैथल और रोहताक ज्यादा रही है।
मे बोला में 2017 में जेल में था !
फिर क्या था राम - राम करके चले गई ।
फोटो गिरफ्तारी वाली है 9 अगस्त 2017 दिन था ।
@FarmStudioz @Tveer_13
When you go to a Jat house in Muzaffarnagar, you get to see the vocabulary
दामाद -पाहवाना
कटड़ा -लुवारा
साथ रहना -डंगवारा करना
ट्यूबवेल -टूऐल
दीवार -भीत
बहन/दादी -बोब्बो
बारिश -मिह
छिपना -लुखना
मक्खन -नोणी घी
मट्ठा - छा
ऐसे ही -नूही
बुआ-फूफी
Minister - मनिस्टर
ब्रिटिश राज में गेहूँ के 6 रुपये मण की रेट देखकर चौधरी रिछपाल जी ने ब्रिटिश सरकार से दस रुपये मण के लिए बोला सरकार ने कहा 7 रुपये देगें चौधरी रिछपाल जी ने कहा दस रुपये मण लूगां, ऐलान कर दिया गेहूँ का रैट 10 मण दो नहीं तो हम किसान खड़ी गेहूँ की फसल को आग लगा देगें
ब्रिटिश सरकार को चौधरी साहब के आगे झुकना पड़ा 10 रुपये गेहूँ मण के दे दिया जाएगा चौधरी रिछपाल जी बोले अब तो 11 रूपये मण का लूगां गेहूँ की रैट, ब्रिटिश सरकार को चौधरी साहब के आगे झूकना पड़ा ऐसे थे चौधरी रिछपाल जी ।
#कमेरों_का_राम
हाईकोर्ट सबूत मांग रहा था !
हरियाणा पुलिस भी बोल रही थी गोली हम नहीं चलाई क्योंकि शॉटगन की हम परमिशन नहीं होती फिर यह कौन है ।
मिडिया के सामने सभी सबूत रखे है :- @KoharAbhimanyu#FarmersProtest2024
सड़कों पर धर्म की आड़ में खुलेआम आतंकवादी घूम रहे हैं, पुलिस प्रशासन भी सुरक्षित नहीं है उनसे, कृपा दूरी बनाकर और डरकर चलें उनके पास से।
वरना आप बेवजह चौराहे पर पीटे जायेंगे और धर्म से डरे हुए लोग आपको छुड़ाएंगे भी नहीं।।
#पाखंड