उमर खालिद और शरजील इमाम इसलिए जेल में है क्योंकि वह मुसलमान है: प्रोफ़ेसर अपूर्वानंद का बड़ा आरोप
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https://t.co/BX92eNMgdD
इतनी महंगाई के लिए भी एक दिया जलाइए… 🪔
आज एक तरफ़ साहब का जन्मदिन मनाया जा रहा है, दीये जलाए जा रहे हैं, जश्न की तस्वीरें दिखाई जा रही हैं…
और दूसरी तरफ़ जिस घर में रसोई का तेल खरीदना मुश्किल हो गया है, वहाँ चूल्हा कैसे जलेगा?
जिस परिवार की कमाई का बड़ा हिस्सा राशन, दवा, बच्चों की फीस, गैस और रोज़मर्रा की जरूरतों में चला जाता है, उसकी परेशानी कौन दिखाएगा?
���र बिहार को देखिए…
एक तरफ़ पानी में डूबे घर, बर्बाद फसलें और राहत का इंतज़ार करते 50 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।
दूसरी तरफ़ उसी बिहार में जन्मदिन के अवसर पर ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने के कार्यक्रम हो रहे हैं।
सवाल जन्मदिन मनाने का नहीं है।
सवाल प्राथमिकताओं का है।
जब जनता महंगाई से प���ेशान हो,
जब बाढ़ में घर डूब रहे हों,
जब परिवार राशन और दवाइयों के लिए संघर्ष कर रहे हों-
तब मीडिया का कैमरा सिर्फ़ जश्न पर क्यों रहे?
एक दिया साहब के जन्मदिन के लिए सही…
लेकिन उस परिवार के चूल्हे के लिए ? जिसमें आज खाना बनाने के लिए तेल तक नहीं है।
जश्न मनाइए, शुभकामनाएँ दीजिए-
लेकिन जनता की तकलीफ़ को जश्न की रोशनी में छिपाइए मत।
4PM की पत्रकार, Shaheen Khan और Nafisa Khan के साथ हुई पुलिस बर्बरता की घटना, भयावह है।
इस घटना की तुरंत स्वतंत्र जांच हो, CCTV फुटेज जारी किए जाएं और दोषी ���ुलिसकर्मियों को कड़ी सजा मिले।
डियर शाहीन और नफीसा डरना नहीं है आपके साथ हुई इस बर्बरता के खिलाफ पूरा देश आपके साथ खड़ा है!
एक मुख्यमंत्री से सवाल पूछने पर इतनी गंदी हरकत करने वालों से अब पूरा देश सवाल करेगा. डरो मत!
सात घंटे से अधिक का समय बीत चुका है। दिल्ली यूथ कांग्रेस के साथी अभी तक साकेत पुलिस स्टेशन में डटे हुए हैं।
हम तब तक यहीं रहेंगे, जब तक हमारी दोनों पत्रकार बहनों को इंसाफ नहीं मिल जाता।
न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
पीड़िता निशु ने जननायक राहुल गांधी (@RahulGandhi ) जी से लगाई न्याय की गुहार
यह निशु आज़ाद है—वही लड़की जिसके पिता ((एक दलित व्यक्ति) पर दक्षिणपंथी चरमपंथी स्वतंत्र भारद्वाज ने जानलेवा हमला कर सिर फोड़ा था। कोई कल्पना कर सकता है कि आरोपी खुद अपने इंटरव्यूज में गर्व से इस अपराध को खुलेआम कबूल कर रहा है, और फिर भी सत्ता के रसूख के दम पर बेखौफ घूम रहा है!
जब शासन और दिल्ली पुलिस अपराधियों को बचाने में लग जाए, तो पीड़ित न्याय के लिए कहाँ जाए? अब मजबूर होकर निशु ने जननायक राहुल गांधी जी से न्याय की गुहार लगाई है।
कितना शर्मनाक है कि एक तरफ एक बेटी अपने पिता पर हुए हमले के ���ंसाफ के लिए दर-दर भटक रही है, और दूसरी तरफ यही अपराधी सत्ता में बैठे रसूखदार नेताओं के साथ हंसते हुए तस्वीरें खिंचवा रहा है। क्या भाजपा की 'नई पीढ़ी' (GenZ) को यही संरक्षण और गुंडागर्दी सिखाई जा रही है?
कानून की इस धज्जियां उड़ने वाली व्यवस्था में आज निशु अकेली है, कल कोई और परिवार इसका शिकार हो सकता है। इस अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज़ उठाइए और न्याय की इस मांग को दूर तक पहुँचाइए।
जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान दलित युवती निशु के पिता पर कथित हमले का मामला सामने आया था, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आई थीं।
अब स्वतंत्र भारद्वाज नाम के एक व्यक्ति का पॉडकास्ट में इस घटना का जिक्र करते हुए कथित बयान सामने आया है। वीडियो में वह दावा करता नजर आ रहा है कि निशु के पिता के साथ मारपीट की गई और इसके बावजूद उसे गिरफ्तार नहीं किया गया।
इस मामले को लेकर पीड़िता निशु ने वीडियो जारी कर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद से मदद और न्याय की गुहार लगाई है। निशु ने मामले में निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
With Shaheen and Nafisa who faced brutal assault at the hands of Delhi Police today.. we will ensure the FIR is filed against the communal and violent police personnel involved.
This is nothing but a communal targeting of two Muslim Women Journalists simply for reporting the truth!
दल्ली पुलिस इस वीडियो क्वायर पर नजर डालें,
जहां एक व्यक्ति दावा कर रहा है कि वह बिना फॉर्�� भरे दिल्ली पुलिस बनकर घूमता है और उसके पास पुलिस का सब कुछ है।
राष्ट्रीय राजधानी की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिहाज से यह बेहद चौंकाने वाला और गंभीर बयान है।
दिल्ली पु���िस द्वारा मुस्लिम महिला पत्रकार नफीसा और शाहीन को CM रेखा जी से सवाल करने की वजह से उनके धर्म की शिनाख्त कर मारपीट करने के मामलों को शर्मनाक कहना भी शर्मनाक होगा, य��� खुली गुंडागर्दी है जो कि दिखाती है कि आज इस देश में मुसलमान होना जुर्म ही नहीं बल्कि उनकी मौत का सामान भी बन गया है, देश की राजधानी में पत्रकारिता पर ही नहीं बल्कि उस मज़हब पर हमला किया गया है जिसने इस मुल्क़ को अपने जिगर के लहू से सींचा है और दफ्तरों में बैठे संघी अधिकारियों को मुफ़्त में आज़ादी मिली।
"पूरा देश नफीसा और शाहीन के साथ हैं" कहने भर से कुछ नहीं होगा बल्कि उनके साथ देश को दिखना भी ���ाहिए, पुलिस द्वारा हेट क्राइम फैलाने के मामले को @KapilSibal , @pbhushan1 भी अगर ऊपरी अदालत में लेकर नहीं जाते हैं तो अंदाज़ा लगा लेना कि आज मुसलमान की लाश पर भी इस देश का नेता, वक़ील, और पत्रकार अपनी मफ़ादी रोटियां भी नहीं सेंकना चाहता है।
@fuzail_ayyubi साहब से गुज़ारिश हैं कि तुरंत मुस्लिम महिला पत्रकारों के मामले को SC में रखा ज���एं, पुलिस की गुंडागर्दी SC के रिकॉर्ड में पहुंचनी चाहिए, अगर पुलिसकर्मीयों पर कोर्ट द्वारा भी कार्रवाई नहीं की गई तो समझ लेना इस देश का लोकतंत्र और न्याय पाने की प्रक्रिया भी दम तोड़ चुकी हैं।
BJP सरकार और दिल्ली पुलिस की गुंडई 👇
4PM की पत्रकार शाहीन ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछा तो दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और मारपीट की।
शाहीन का कहना है- जब पुलिसवालों को पता चला कि वो मुसलमान हैं तो ��न्हें और बेरहमी से मारा गया। उनके शरीर पर जख्म हैं.. कैमरापर्सन भी बेसुध पड़ी है।
एक पत्रकार के साथ ऐसा बर्ताव कतई सही नहीं है, दोषी पुलिसवालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
हालांकि, इसकी उम्मीद कम है, क्योंकि- BJP सरकार में सवाल पूछना गुनाह हो चला है।
ये कोई स्वतंत्र भारद्वाज है, मुस्लिम महिलाओं के लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग कर रहा है। साथ ही एक छात्रा का नाम लेकर कह रहा है कि उसके पिता को सर में चोट लगी, 307 का मामला दर्ज हुआ, लेकिन वो गिरफ्तार नहीं हुआ क्यूंकि कपिल मिश्रा और चिराग पासवान उसके बड़े भाई हैं। यही नहीं वो मोदी जी को भी बड़ा भाई बता रहा.