इसी जनता के वोट से चुने गए हुक्मरान इस जनता के प्रति इतने निर्मम और क्रूर कैसे हो सकते हैं? मतदाताओं को तो मालिक माना जाता है? क्या ये बात झूठ है कि लोकतंत्र में हर वोट की बराबर क़ीमत है?
— दिलीप मंडल @Profdilipmandal
It is outrageous that Railways is charging the already distressed stranded workers for their travel.
Let's start tweeting at 12 noon today, with hashtag #FreeTrains4Workers
Tag @PMOIndia@PiyushGoyal@RailMinIndia
Let's not stop till the Govt changes this obnoxious decision.
बाबा साहब भी कमाल के आदमी थे। 1927 में कुछ लोगों के साथ मनुस्मृति जलायी और आज "मनु की औलाद" सबसे सालिड गाली बन गया है।
किसी को बोलिये भङक जाता है।
पहले तो लोग मानव शब्द की उत्पति भी मनु से बताते नहीं अघाते थे ।
यह डॉ.अम्बेडकर हैं, आजकल के अधिकांश मंत्रियों से कहीं अधिक पढ़े लिखे और क़ाबिल. उन्हों���े 9/12/1943 को कोयला खानों में काम करने वाले मज़द��रों की हालत जानने के लिए खानों का ख़ुद दौरा किया.
क्या आपने किसी मंत्री को मज़दूरों के बीच जाते और बात करते देखा है?
रिप्लाई में बताइए.
#जयभीम.