ये गुंडा गाली दे रहा है- हिंसा कर रहा है- इसकी तस्वीरें बीजेपी नेताओं के साथ है. आसानी से न्यूज चैनल को इंटरव्यू दे रहा है- आप @DelhiPolice@Uppolice फिर भी कार्रवाही नहीं करेंगे?
देशवासियों
ज़ब तक मोदी-शाह को सत्ता से बाहर नहीं किया जायेगा ये लोग अपने गुंडों से धमकाना बंद नहीं करेंगे‼️
ध्यान से सुनिए इन गुंडों को कैसे GenZ बच्चियों पर अपनी मर्दानगी दिखा रहा है।
धोखेबाज भाजपा की धोखेबाजी
जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट कर रहे छात्रों युवाओं बहन बेटियों बच्चों को भाजपा सरकार और भाजपाई पुलिस का इस्तेमाल करके उठा रहे हैं और जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं तथा मारपीट की जा रही है
दो दिन पूर्व इन्हीं भाजपाइयों के नेता वीडियो बनाकर एक्टिंग करके छात्र छात्राओं के भविष्य के बारे में अपने आपको चिंतित दर्शा रहे थे, जबकि इनका असली रंग अब सामने दिखाई पड़ रहा है
धोखेबाज हैं यह भाजपाई लोग
आज बड़ी संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ता पड़ोसी राज्यों से दिल्ली और नोएडा इलाकों में सड़कों पर उतर आए हैं और जहां भी उन्हें कॉकरोच आंदोलन से जुड़ा कोई युवा दिखता है, तो वे उसे बुरी तरह पीट रहे हैं..
पुलिस हर जगह अब मूकदर्शक बन का तमाशा देख रही हैं।
सुहाना खान का नाम सुनते ही पुलिस ने कहा, 'इसे अलग लेकर आओ।' इसके बाद सिविल ड्रेस में मौजूद एक पुरुष पुलिसकर्मी ने मुझे करीब 7 घंटे तक टॉर्चर किया। मेरे प्राइवेट पार्ट पर भी हमला किया और मुझे बेरहमी से पीटा।
अबदेश के युवा नागरिक जागरूक होरहा है
अब मोदीजी का एजेंडा बंद होगा क्योंकि मोदी सभी को अनपढ़ बनाकर रखना चाहते हैं इसीलिए देशभर मे बहुतसे स्कूलों को बंदकर दिया है
और 12साल में एकभी नया स्कूल और कॉलेज भी नहीं बनाया है,शिक्षामाफियाओं से साठ-गांठ कर के पेपरलीक करवाना और पैसा उगाई करत
भाई चंद्र शेखर जी ने कही बहुत बड़ी बात
मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के लिए भी
प्रोटेस्ट करेंगे,
" जौहर यूनिवर्सिटी को बचाना हमारा दायित्व है
वो भी शिक्षा का मंदिर उसको बचाने का काम करेंगे
हालांकि वो किसी और पार्टी से हैं लेकिन
शिक्षा के लिए हम खड़े होंगे,
📍 मिर्ज़ापुर, उत्तर प्रदेश
देश में कानून सबके लिए बराबर है या मज़हब देखकर बदल जाता है?
गाज़ीपुर से मिर्ज़ापुर कोर्ट मैरिज करने पहुंचे एक मुस्लिम युवक की कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं द्वारा कथित तौर पर पिटाई की गई। आरोप है कि युवक को उसकी हिंदू प्रेमिका के सामने ही पीटा गया, जबकि युवती खुद कह रही थी कि वह अपनी मर्ज़ी और खुशी से इस युवक से शादी कर रही है।
जब दो बालिग अपनी मर्ज़ी से शादी कर रहे हों, तो फैसला अदालत करेगी या भीड़ और वकील?
एक ही देश में रिश्तों और कानून के लिए दो अलग-अलग पैमाने क्यों?