एक और पेपर लीक।
एक और परीक्षा रद्द।
इस बार महाराष्ट्र का TET।
देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को वसूली का सिस्टम बना दिया गया है, जिससे देश का हर युवा असुरक्षित है।
यह सिर्फ पेपर लीक नहीं,
यह युवाओं के भविष्य की चोरी है।
“अब नहीं देनी प्रतियोगी परीक्षा।”
लखीमपुर खीरी के 21 साल के ऋतिक मिश्रा के ये आख़िरी शब्द थे। तीसरी बार NEET देने वाला यह बच्चा, परीक्षा ��द्द होते ही टूट गया।
गोवा में भी एक NEET अभ्यर्थी ने जान दे दी।
ये बच्चे परीक्षा से नहीं हारे, इन्हें एक भ्रष्ट तंत्र ने मारा है।
यह आत्महत्या नहीं - यह सिस्टम द्वारा हत्या है।
आंकड़े देखिए:
2015 से 2026 तक - 148 परीक्षा घोटाले।
87 परीक्षाएँ रद्द, 9 करोड़ बच्चों का भविष्य प्रभावित।
148 घोटालों में सज़ा हुई - सिर्फ़ 1 को।
CBI ने 17 मामले लिए, ED ने 11 - किसी को सज़ा नहीं।
NEET, AIPMT और अन्य मेडिकल परीक्षाओं में अकेले 15 घोटाले।
और सबसे शर्मनाक बात:
इन घोटालों में जिम्मेदार किसी अधिकारी या मंत्री का इस्तीफ़ा नहीं हुआ। हटाए जाते हैं - फिर चुपके से बड़े पद पर बैठा दिए जाते हैं। चोरी कराने वालों को इनाम मिलता है, और परीक्षा देने वाले बच्चे जान गँवाते हैं।
मोदी जी - कितने ऋतिक चाहिए आपकी जवाबदेही जगाने के लिए?
मेरे युवा साथियों, आपका दर्द मेरा द���्द है। आपकी मेहनत मेरी मेहनत है। आपका भविष्य चुराने वालों को जवाब देना ही होगा। चाहे जितना वक्त लगे, किसी को बख्शा नहीं जाएगा - ये मेरा वादा है।
यह लड़ाई हम साथ लड़ेंगे - और जीतेंगे भी।
@warrior_soul13 Paper leak pe bhi to bol bsdk
Vacancy ke bare me bol mc
Students scoring 98 percent not getting https://t.co/W56XBmyTt5 is government failure you bitch