पुलिस की नौकरी छोड़कर चपरासी की नौकरी क्यों?
24 + 35 कांस्टेबलों के मामले सिर्फ संख्या नहीं, व्यवस्था के लिए चेतावनी हैं।
सरकार बताए—
लंबी ड्यूटी, अवकाश, पोस्टिंग और पदोन्नति की स्थिति क्या है?
भर्ती के साथ पुलिसकर्मियों को सेवा में बनाए रखना भी जरूरी है।
जय प्रकाश कुमावत
इस युवा डॉक्टर ने बहुत प्रतिष्ठित अस्पताल जॉइन किया और पहले ही दिन छोड़ दिया। कारण बता रही हैं-
“अस्पताल की मालकिन डॉक्टर चाहती हैं की हर मरीज को एडमिट किया जाए और जितना ज़्यादा दिन हो सके आईसीयू में रखा जाए। मुझसे यह नहीं होगा।”
होर्मुज स्ट्रेट से जो 2-4 जहाज सुरक्षित भारत आएं हैं, वो मोदी-शाह की मेहरबानी से नहीं, बल्कि भारत और ईरान की पुरानी दोस्ती एवं ईरान के लोगों क�� लिए भारतीयों की संवेदना का नतीजा है।
मोदी सरकार अपने फेलियर को भी बढ़ा-चढ़ाकर उपलब्धि बताने में लगी है, जबकि सच्चाई ये है कि फेल विदेश नीति, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गलत फैसलों और अमेरिका के सामने झुकने की नीति ने ही पूरी स्थिति को बिगाड़ा है।
पूर्व प्रधानमंत्री स्व. मनमोहन सिंह जी के समय पेट्रोल-डीजल का भंडारण करीब 73 दिनों का था, लेकिन 11 साल बाद भी उसमें कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। जब युद्ध शुरू ह��आ तब भारत के पास 42 दिन का स्टॉक था, जो अब यह घटकर 24 दिन का रह गया है। 11 साल में मोदी सरकार ने जुमलों के सिवा कोई प्रगति नहीं की।
जब भी देश को मजबूत नीति, तैयारी और नेतृत्व की जरूरत रही, तब मोदी सरकार पूरी तरह विफल रही। आज हालात ये हैं कि आम जनता LPG संकट, महंगाई, और अनिश्चितता से जूझ रही है, जबकि मोदी सरकार के पास सिर्फ ED-CBI की चर्चा है।
मुझे उत्तम सेवा चिन्ह मिला लेकिन मैं लेने नहीं गया
फिर मुझे अति उत्तम चिन्ह मिला फिर भी मैं लेने नहीं गया
फिर मुझे सर्वोत्तम सेवा चिन्ह मिला फिर भी मैं लेने नहीं गया
क्योंकि मैं सूफी संत निजामुद्दीन औलिया के उस कथन से बहुत प्रभावित हूं कि जब गयासुद्दीन तुग���क ने सूफी संत से मिलने की ज़िद्द की तो निजामुद्दीन औलिया ने कहा कि मेरे घर के दो दरवाजे हैं अगर सुल्तान सामने से आएगा तो मैं पीछे के दरवाजे से निक�� जाऊंगा इसलिए बड़े लोगों से मिलने की ईच्छा कभी नहीं रखनी चाहिए अगर सम्मान ही देना है तो पदोन्नति दीजिए।
ऐसा कोई आईपीएस/आरपीएस ऑफिसर बताओ जो 28 साल की नौकरी के बाद भी बिना परीक्षा, बिना पीसीसी किए हुए डीआईजी नहीं बना हो
एक राजा का यह कर्तव्य होता है कि उसकी प्रजा को पहले मिले बाद में उसे ग्रहण करना चाहिए
एक पीड़ित सिपाही का दर्द
समझ सकता है कोई मर्द...
#DPC_टाइम_बॉन्ड
@PoliceRajasthan @BhajanlalBjp @jawaharbedam
मुंबई में ठेकेदारों ने हाल ही में 10 करोड़ रुपये की लागत से कंक्रीट की सड़क बनाई।
लेकिन अधिकारी मुख्य जल पाइपलाइन बिछाना भूल गए।
भारतीय व्यवस्था की यही तो कतई है!
2014 में फ़ोन पर बैंक OTP प्राप्त करने के लिए न्यूनतम रिचार्ज राशि - 00 रुपये
2025 में फ़ोन पर बैंक OTP प्राप्त करने के लिए न्यूनतम रिचार्ज राशि - 199 रुपये
इस खुलेआम लूट के बारे में कोई बात नहीं कर रहा है। 😔
भाजपा सरकार राजस्थान में 7 हजार से अधिक स्कूलों बंद और मर्ज करने की तैयारी में है, जो बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है।
स्कूलें बंद करने के लिए अधिकारियों से जानकारी जुटाई जा रही है, ये फैसला सीधे-सीधे RTE नियमों की धज्जियां उड़ाने वाला है, जिसमें स्पष्ट प्रावधान है कि कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को 1 किलोमीटर में प्राथमिक स्कूल (PS) और कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों के लिए 3 किलोमीटर में उच्च प्राथमिक स्कूल (UPS) होना कानूनन बाध्य है।
स्कूलें बंद करना और रोजगार छीनना भाजपा की नीतिगत परंपरा बन गई है। 2013 से 2018 तक पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने भी मर्ज के नाम पर 20 हज़ार से अधिक स्कूलें बंद की थी। अब वही काम भाजपा की मौजूदा #पर्ची_सरकार क���ने जा रही है। शिक्षा विभाग ने 7,352 ऐसी स्कूलों को बंद करने की योजना बनाई है, जिन प्राथमिक स्कूलों में बच्चों का नामांकन 0–14 और उच्च प्राथमिक स्कूलों में बच्चों का नामांकन 0–24 यानि 25 से कम हैं। भाजपा एक तरफ NEP 2020 का ढोंग रच रही है, वहीं दूसरी ओर स्कूलों पर ताले लगाकर बच्चों से शिक्षा का मूल अधिकार छीन रही है। इतना ही नहीं ये कदम 20 हजार से अधिक पद समाप्त कर रोजगार की संभावनाएं खत्म करने वाला होगा।
हकीकत ये है कि प्रदेश में शून्य नामांकन वाली सिर्फ 96 स्कूलें हैं, पिछले 4 साल से सरकारी स्कूलों का ���ामांकन लगातार घटता जा रहा है। जहां कांग्रेस सरकार में 2021-22 में नामांकन 97 लाख से अधिक था, वो अब 2025-26 में घटकर 73 लाख रह गया है।
नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने जा रहा है, ऐसे समय में भाजपा सरकार का दायित्व क्षमता अनुसार पर्याप्त शिक्षक लगाने, नामांकन बढ़ाने, गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा और बेहतर सुविधाएं देने का होना चाहिए। लेकिन इसके उलट स्कूलों को बंद करने की योजना बनाई जा रही है। ये सिर्फ प्रशासनिक निर्��य नहीं, बल्कि गरीब, ग��रामीण और वंचित बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा है।
दुर्भाग्य है कि आज प्रदेश में ऐसे शिक्षा मंत्री हैं, जिन्हें शिक्षा से कोई लेना देना नहीं है। सार्वजनिक शिक्षा को मज़बूत करने की बजाय उसे बर्बाद करने और गरीबों के बच्चों की शिक्षा छीनने में लगे हैं।
भाजपा ठीक से समझ लें... पंचायतें लोकतंत्र की नींव हैं, और अगर नींव हिली तो #पर्ची से बना सत्ता का महल भर-भराकर गिरेगा।
राजस्थान में आज पंचायत व निकाय चुनाव नहीं, जनप्रतिनिधि नहीं, फंड नहीं, विकास नहीं। क्या यही है भाजपा की डबल इंजन सरकारों के सिस्टम की सच्चाई?
हमारे बार-बार चेताने के बावजूद भाजपा सरकार ने ग्रामीण विकास के लिए केंद्र से मिलने वाले 1900 करोड़ रुपए करीब-करीब गंवा दिए हैं। इस नुकसान की भरपाई कौन करेगा? जिम्मेदारों पर कब कार्रवाई होगी?
डेढ़ साल से चुनाव से लंबित हैं, मुखिया को पंचायत चुनाव में दिखती हार से डर से पर्ची बदलने का डर है, इसलिए बार-बार चुनाव टाले जा रहे हैं। चुनाव नहीं होने से गांवों में विकास की र��्तार पर ब्रेक लग चुका है। बिना चुने हुए जनप्रतिनिधियों के फंड जारी नहीं हो सकता, और इसका खामियाजा प्रदेश की हजारों पंचायतें भुगत रही हैं, जहां विकास कार्य ठप पड़े हैं, योजनाएं अधर में लटकी हैं और आम जनता परेशान है।
कभी वन स्टेट-वन इलेक्शन, तो परिसीमन और ओबीसी आयोग की सर्वे रिपोर्ट का बहाना बनाकर चुनाव टाले जा रहे हैं। भाजपा सत्ता के दुरुपयोग से संवैधानिक व्यवस्था को कुचलकर चुनावों से कितनी भी भागने की कोशिश कर लें, आखिर में जनता का सामना करना पड़ेगा, जो इन्हें सबक सिखाने के लिए तैयार बैठी है।
कितने पुलिस अफसर अपने लोगों के साथ
इस दृढ़ता के साथ खड़े हो पाते हैं?
ये मेरठ के CO अभिषेक तिवारी हैं। एक किसान नेता ने SSI से अभद्रता की तो अभिषेक ने खरी-खरी बात कह दी और पूरी ताकत से कह दी।
बेहद शर्मनाक 🥹 घंटा विश्व गुरु बनेंगे
हमारे देश के पढ़े लिखे और सामाजिक मुद्दों को जड़ से उठाने वाले माननीय @raghav_cwhadha राघव चड्ढा जी को संसद से बाहर किया गया 🤬
क्योंकि ये जनता के हक में बात करते थे, उन���े छोटे छोटे मुद्दे उठाते थे और पढ़ाई लिखाई से लेकर सिम कार्ड मामला और भ्रष्टाचार, महंगाई और टोल पर लूट, हवाई जहाज लूट जैसे बहुत मुद्दे इन्होंने गहराई से उठाया 🤯🥹🥹
जो जनता को लूटने वाले लोगों को अच्छा नहीं लगा 👇 चोरों को डर हो गया कि ये सब को जागरूक कर देगा तो हमारा धंधा नहीं चलेगा 👍
आज तक पहला व्यक्ति ये मु��े लगा कि देश का PM होना चाहिए 👇
लेकिन गिद्दों के झुंड में अकेला शेर फंस गया
लेकिन ये समझदार जनता इनके साथ है और इनके लिए आवाज उठाना चाहिए 🤯
क्या आप लोग तैयार है ❓ सब लोग आवाज उठाए ताकि हमारे लिए लड़ने वाला निराश न हो
ज्यादा से ज्यादा शेयर करे और लोगों को जागरूक करें 👇
धन्यवाद 👏 #RaghavChadha #AAP