पेट्रोल/डीजल उच्चतम तो रुपया निम्नतम स्तर पर पहुँच चुका है, मगर भाजपा के अर्थशास्त्र में इसको ही विकास कहते हैं। देश की राष्ट्रीय ��ुरक्��ा को दांव पर रखकर नोटबन्दी और राफेल का घोटाला करने वाले राष्ट्रवाद का राग अलापकर बच निकलने के चक्कर में हैं।
काठ की हांडी एक बार ही चढ़ती है।