इस वीडियो ने मुझे झकझोर दिया।
ये उस भारत के लाचार युवा हैं - जिसकी सरकार अपने अरबपति दोस्तों पर लाखों करोड़ लुटा देती है, पर अपने ही छात्रों को एक सुरक्षित सफ़र तक नहीं दे सकती।
चुनाव के वक़्त यही सरकार पूरी-पूरी ट्रेनों का इंतज़ाम कर लेती है। और परीक्षा देने जा रहे छात्रों के हिस्से में आती है - भीड़, घुटन, और बेबसी।
इससे बड़ा सबूत क्या होगा कि मोदी सरकार छात्रों की गूंज सुनना ही नहीं चाहती।
पर मैं वादा करता हूँ - हम यह आवाज़ उन बहरे कानों तक पहुँचाएँगे। हर छात्र को उसका हक़ मिलेगा, उसका न्याय मिलेगा।
17 जून, कोटा। यही गूंज, अब हुंकार बनेगी।
#ChhatronKiGoonj
आज लोग खान सर के पीछे पड़े हैं,
क्योंकि उन्होंने देश के बच्चों के लिए सस्ती शिक्षा
और देश के नागरिकों के लिए सस्ती हॉस्पिटल सुविधा उपलब्ध करवा दी,
जिससे देश के बड़े-बड़े उद्यमी और नेताओं के धंधे चौपट हो रहे होंगे......
चाइना ने समुद्र में 55KM लंबा पुल बना दिया,
जो कि दुनिया का सबसे बड़ा समुद्र ब्रिज हैं
18 बिलियन की लागत से बने इस ब्रिज में
इतना स्टील लगा है जिससे 66 Eiffel Tower बन जाते
असली दिक्कत YouTube Teachers से नहीं, बल्कि उनकी आवाज़ से है। आज किसी भी परीक्षा में गड़बड़ी हो, पेपर लीक हो, रिज़ल्ट में अन्याय हो या छात्रों के साथ गलत हो, तो यही YouTube Teachers सबसे पहले छात्रों के हक़ की लड़ाई में कूद पड़ते हैं। लाखों छात्रों की आवाज़ बन जाते हैं। सरकार पर दबाव बनता है, सवाल पूछे जाते हैं और जवाब माँगे जाते हैं।
शायद यही कारण है कि कुछ लोगों को शिक्षक नहीं, उनकी सक्रियता खटकती है।लोगों की आँखों की किरकिरी बन जाता है।
इसलिए जो बातें सत्ता सीधे नहीं कह सकती, वही बातें कुछ चेहरे अपने मुख से कह देते हैं।
ध्यान रहे कि "सरकार कहना चाहती थी, अंजना ने कह दिया"
अगर राजस्थान में अभी कांग्रेस सरकार रही होती
तो ये TV चैनलों पर डिबेट का विषय बन गया होता है।
जैसलमेर के डंपिंग यार्ड में सैकड़ों गायों के शव पड़े हैं, तस्वीर हृदयविदारक है। मगर गौमाता के लिए आउटरेज सलेक्टिव है
महाराष्ट्र सरकार को रहम करना था... विकलांग महिला अर्चना पारखे सड़क किनारे मिट्टी के बर्तन बेचकर पेट पाल रही थी... उसकी रोजी रोटी पर ही बुलडोजर चला दिया....