बीसी खंडूरी ही उत्तराखंड के वह सीएम थे जिन्होंने राज्य में भू-कानून को और सशक्त बनाते हुए 250 वर्ग मीटर की सीमा तय कराई। राज्य आंदोलनकारियों के लिए पेंशन और आरक्षण समेत कई सुविधाएं उन्हीं की दें थी।
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भारत में 'राष्ट्रीय राजमार्ग क्रांति' के जनक और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मे. जनरल (रि.) भुवनचंद्र खंडूरी नहीं रहे। अटल सरकार में बतौर मंत्री उन्होंने 'स्वर्ण चतुर्भुज परियोजना' और उत्तर-दक्षिण व पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर प्रोजेक्ट के जरिए रोड कनेक्टिविटी के नए युग की शुरुआत की।
कई यात्री दुधमुंहे बच्चों समेत केदारनाथ पहुंच रहे हैं। जब फंस रहे हैं, तो इन्हें सुरक्षित निकालने के लिए एसडीआरएफ-एनडीआरएफ जवानों की जान जोखिम में पड़ती है। बहरहाल, लाठीचार्ज घोर निंदनीय है। ये यात्री हैं, उपद्रवी नहीं। दोषी अफसर तत्काल सस्पेंड हों।
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#केदारनाथ यात्रियों पर आज उत्तराखंड के सोनप्रयाग में लाठीचार्ज हुआ। पहले बेरिकेड पर रोका गया। देर तक बहस हुई। कुछ बेरिकेड हटाते हुए आगे बढ़ गए। फिर क्या था...। पुलिस ने जमकर #लाठीचार्ज कर दिया। देश के अलग-अलग बहस राज्यों से आए इन यात्रियों पर पुलिस ने पूरी ताकत से लठ बरसाए।
यात्रियों को भी ऋषिकेश जैसे सुविधाजनक स्थान पर रोकने के बजाय सोनप्रयाग तक पहुंचने देकर अचानक रोक दिया गया। ऐसे में उनका गुस्सा स्वाभाविक है। परंतु, उन यात्रियों की जिद का समर्थन नहीं किया जा सकता, जो घनघोर बरसात में केदारनाथ जैसे संवेदनशील क्षेत्र का कार्यक्रम बना रहे हैं।
इस मामले में इतना तो साफ है कि चोरों को निकलने का पर्याप्त मौका मिल गया। कंट्रोल रूम-112 नंबर न मिलने की शिकायत आम है। घटना और पुलिस के जवाब की जानकारी पीड़ित से मुझे मिली तो मैने खुद 7:27 और 7:28 के बीच 4 बार 112 नंबर डायल किया, लेकिन लगा नहीं।
@pushkardhami#dgputtrakhand
'समर्पण काल' की पत्रकारिता और पत्रकारिता में विश्वसनीयता के 'संकट काल' में भी तटस्थता, विश्वशनीयता, संवेदनशीलता, निर्भीकता और जन सरोकार की धारदार पत्रकारिता का प्रमुख नाम है @MinakshiKandwal. मुख्यधारा की पत्रकारिता में आपकी वापसी देश और दर्शकों के लिए सुखद खबर है। शुभकामनाएं...
जीवन के कार्यक्षेत्र का अगला पड़ाव @ndtvindia जहां कन्सल्टिंग एडिटर के रुप में योगदान दूंगी। News Beatz पर आप लोग अक्सर मुझे लिख रहे थे कि टीवी में वापसी करिए... और जीवन की दशा दिशा में NDTV जिस संजीदगी और जिम्मेदारी के साथ प्रवाह में आया, मुझे लगा ये एक बड़े लक्ष्य के लिए जरुरी है। बाबा के आशीर्वाद से शुंभारंभ हो गया है। शो की जानकारी जल्द साझा करूंगी। लेकिन जैसे आपने टीवी की पिछली पारी और स्वतंत्र पत्रकारिता में मेरे परिवार जैसा साथ निभाया, आगे भी वो भरोसा, साथ और शुभेच्छा बनाए रखिएगा।
@rahulkanwal धन्यवाद इस नए अवसर के लिए। पूरी कोशिश रहेगी अब तक जिस तरह से पत्रकारिता करते आए हैं, उसे नई ऊंचाइयों और दर्शकों के भरोसे पर गहराई के साथ स्थापित करने की।
जय बद्रीकेदार,
जय महाकाल
जय मां..
#केदारनाथ धाम के रास्ते में फिर हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया है। केदारधाम मार्ग पर गौरीकुंड क्षेत्र में आज तड़के हुए इस हादसे में 5 लोगों की मृत्यु की सूचना है। बीती 7 जून को केदारनाथ रूट और 8 मई को गंगोत्री मार्ग पर हेलीकॉप्टर हादसे हुए हैं, जिनमें 6 यात्रियों की जान चली गई।
उत्तराखंड की राजनीति में भूचाल लाने वाले बहुचर्चित #अंकिता_भंडारी हत्याकांड में कोटद्वार के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने मुजरिम पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर व अंकित गुप्ता को कठोर आजीवन कारावास सुनाया है। अंकिता, पुलकित के वनंतरा रिजॉर्ट में कार्यरत थी।
जल संस्थान और विधायक इस टंकी की जगह ट्यूबवेल का निर्माण प्रस्तावित बता रहे हैं। जबकि, मंदिर समिति छुट्टियों का फायदा उठाते हुए दीवार बना कर इसे कब्जा रही है। देहरादून प्रशासन, नगर निगम और जल संस्थान के अफसर सोए हैं।
@pushkardhami@dmdehradun@KhajanDassBJP
#देहरादून के कॉन्वेंट रोड पर एसबीआई की मेन ब्रांच के सामने ब्रिटिशकालीन पानी की टंकी है। पिछले एक दशक से #जल_संस्थान की अनदेखी से यह जल विहीन है। अब इस टंकी और इसके आगे की जमीन को बगल में स्थित मंदिर की संचालक संस्था अपनी बाउंड्रीवाल के भीतर लेकर कब्जा रही है।
मंदिर प्रबंधन का कहना है कि टंकी और जमीन को परिसर में लेने के लिए बाउंड्रीवॉल की अनुमति मेयर सौरभ थपलियाल ने दी है। मेयर इससे इंकार कर रहे है। जल संस्थान और क्षेत्रीय विधायक खजानदास इसे सरकारी जमीन बता रहे हैं, जो पूर्व में सिटी बोर्ड और अब जल संस्थान के स्वामित्व में है।
अब देहरादून-ऋषिकेश हाईवे पर सात मोड़ क्षेत्र में साढ़े तीन हजार पेड़ काटे जाने हैं। आशारोड़ी-झाझरा और झाझरा-मसूरी मार्ग के साथ ही रिस्पना-बिंदाल नदी में एलिवेटेड रोड के लिए हजारों पेड़ों को मौत का फरमान सरकार सुना चुकी है। इसी का विरोध सड़कों पर हो रहा है।
उत्तराखंड की अस्थाई राजधानी #देहरादून समेत राज्य के तमाम हिस्सों में कथित विकास के नाम पर सरकार और उसके अफसर जंगलों का व्यापक विनाश कर रहे हैं। देहरादून में तो लग रहा है जैसे मौजूदा @pushkardhami सरकार ने पेड़ों की 'सुपारी' ही ले ली है। आए दिन पेड़ों को कत्ल किया जा रहा है।
निजी स्कूलों के प्रबंधन के आगे हमेशा घुटने टेक कर रेंगने वाली #उत्तराखंड_सरकार की नाकामी का ही नतीजा है कि देहरादून में सत्रारंभ होने से पूर्व ही निजी स्कूलों की खुली लूट आरंभ हो गई है। देहरादून के जीएमएस रोड स्थित #एन_मैरी_स्कूल में सुबह से ही अभिभावक धरने पर बैठे हैं।
अभिभावकों में गुस्सा इस बात को लेकर है कि स्कूल प्रबंधन ने मासिक फीस 25 से 40 प्रतिशत तक बढ़ा दी है। इसके अतिरिक्त 10 हजार रूपये एनुअल चार्ज के नाम पर लिया जा रहा है। स्कूल प्रबंधन का ढीठ इतना कि 3 घंटे बाद भी अभिभावकों से वार्ता तक को तैयार नहीं।