मैं देश के हर युवा साथी को भरोसा दिलाता हूँ कि न यह मुद्दा खत्म हुआ है और न ही यह आंदोलन।
आपका भाई हर कीमत पर आपके साथ खड़ा है। संसद से लेकर सड़क तक, इस लड़ाई को पूरी जिम्मेदारी, पूरी मजबूती और पूरी प्रतिबद्धता के साथ पहले भी लड़ी है और आगे भी पूरी ताकत के साथ लड़ूँगा। मैं केवल एक जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि आपका भाई हूँ। आपके अधिकार, सम्मान और भविष्य की इस लड़ाई में आख़िरी दम तक आपके साथ रहूँगा।
साथ ही मैं दिल्ली पुलिस से भी अपील करता हूँ कि इन मासूम, पढ़ने-लिखने वाले युवाओं पर लाठियाँ चलाकर अपनी वर्दी को दागदार न करें। ये बच्चे भी इसी देश के भविष्य हैं और किसी न किसी पुलिसकर्मी, किसान, मजदूर या आम परिवार के घर से ही निकले हैं। स्थिति को संवेदनशीलता, धैर्य और कानून के दायरे में रहकर संभालिए। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।
वार्ता के बजाय दमन का रास्ता अपनाने से बात बनती नहीं, बल्कि बिगड़ती है।
मैं सभी युवा साथियों से भी अपील करता हूँ कि हर परिस्थिति में शांति, संयम और अनुशासन बनाए रखें। किसी भी उकसावे या अफवाह में न आएँ। हमारी सबसे बड़ी ताकत हमारी एकता, हमारा लोकतांत्रिक संघर्ष और संविधान पर हमारा विश्वास है।
हम लड़ेंगे, डटकर लड़ेंगे, लेकिन संविधान और लोकतंत्र के रास्ते पर चलकर अपने अधिकार लेकर रहेंगे।
जय भीम! जय संविधान!
ज़ुल्म जब भी हद से आगे बढ़ने लगता है,
वहीं से बदलाव का सूरज निकलने लगता है।
आज जंतर-मंतर पर बच्चों और बच्चियों के साथ जिस प्रकार का बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया, उसने मन को गहराई तक झकझोर दिया। मैंने जलियांवाला बाग का वह दौर नहीं देखा, लेकिन आज जो दृश्य सामने आए, उन्होंने इतिहास के उस काले अध्याय की याद अवश्य दिला दी।
लोकतंत्र में अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। यदि उस अधिकार का उत्तर बल प्रयोग से दिया जाए, तो यह केवल कुछ लोगों पर नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी आघात है।
इसी पीड़ा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के संकल्प के साथ, आज से मैं संसद भवन परिसर में परम पूज्य बाबा साहेब की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठ रहा हूँ। जब तक न्याय सुनिश्चित नहीं होता और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध उचित कार्रवाई नहीं होती, मेरा यह शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।
सड़कों पर संघर्ष से गूंज रहीं हैं “छात्रों की गूंज”
देशभर में पेपर लीक, भर्ती घोटालों और बदहाल शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान “छात्रों की गूंज” के तहत जयपुर में आयोजित “छात्र विरोध मार्च” में हजारों छात्र-छात्राओं के साथ अपनी आवाज़ बुलंद की।
यह लड़ाई किसी एक संगठन की नहीं, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य की है। जब तक पेपर लीक पर कठोर कानून नहीं बनेगा, दोषियों को सज़ा नहीं मिलेगी और छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।
#ChhatronKiGoonj
@INCIndia@RahulGandhi@kharge@priyankagandhi@kcvenugopalmp
देश के लाखों युवाओं का भरोसा #UPSC जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा पर है। यदि किसी एक कोचिंग संस्थान के कंटेंट से बड़ी संख्या में प्रश्न आए हैं, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि परीक्षा की पारदर्शिता और युवाओं का विश्वास बना रहे।
हम मांग करते है कि UPSC 2026 से जुड़े सामने आए तथ्यों की निष्पक्ष जांच कर पूरी सच्चाई देश के सामने लाई जाए। युवाओं के सपनों और मेहनत के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय स्वीकार नहीं किया जाएगा। हम हर छात्र की आवाज़ बनकर उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करेंगे।
"जिस समाज में राजनीतिक शक्ति नहीं होती, उसकी गिनती केवल जनसंख्या में होती है, सत्ता में नहीं!"
महान बहुजन नायक, सामाजिक न्याय के योद्धा, मान्यवर कांशीराम जी की जयंती पर उन्हें कोटि कोटि नमन ।
#kanshiramjayanti
UGC एक्ट के खिलाफ किसी एडवोकेट मृत्युंजय तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट में PIL दाखिल की है.
जब जब इतिहास में OBC SC ST हितों में कोई कानून बना है
सवर्ण समाज से एक तबका हमेशा विरोध में उतर आता है.
जातीय भेदभाव भी करना है, और आराम में बच भी निकलना है. यही मानसिकता इस कानून के विरोध में खड़े होने के लिए विवश कर रही है.
मेरे बहुजन मित्रों, हमारे अधिकारों के खिलाफ कोई अब्दुल कोर्ट नही गया है. समझ रहे हैं न आप लोग.
UGC का विरोध करने वाले SC ST OBC को हिंदू नहीं मानते?
अगर आप जातिवादी नहीं हैं तो आपको समर्थन करना चाहिए।
रोहित, पायल, दर्शन, पल्लवी, मुत्थु जैसे हजारों बहुजनों को हमने खो दिया, अब और बलिदान नहीं देंगे!
हजारों सालों वाला जातिवादी गुंडई अब बंद करनी पड़ेगी!
एकलव्य का अंगूठा काटने की आदतों से अब बाज आइए।
"मेरे बच्चे को SC होने के कारण रैगिंग करते थे, जाति को लेकर बोलते थे.. बच्चा मेरा बहुत परेशान था.."
पल्लवी के पिता विक्रम जी का दर्द इस देश का दर्द नहीं बन पाता! जाति का कोढ़ इस समाज को जहरीला बना दिया है!
और कितने रोहित वेमुला, पायल तड़वी, पल्लवी?
#JusticeForPallavi
बेचैन हूं 😔, मनु के बनाए जाति का सर्वनाश कब होगा!