दिनांक 21 जून 2026 को कृषि विज्ञान केन्द्र पन्ना (म.प्र.) के प्रांगण मे 12वे "अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस" के अवसर पर केन्द्र के वैज्ञानिक, कर्मचारी तथा कृषि स्नातक (चतुर्थ वर्ष) के छात्र एवं छात्राओ द्वारा योगाभ्यास किया गया।
दिनांक 20 जून 2026 को पीएम-किसान सम्मान निधि के 23वी किस्त के हस्तांतरण के अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सम्बोधन का सजीव प्रसारण कृषि विज्ञान केन्द्र पन्ना (म.प्र.) मे किया गया। इस अवसर पर केन्द्र के समस्त स्टाफ, किसान और कृषि स्नातक छात्र उपस्थित रहे।
कार्यक्रम मे जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर के प्रमंडल सदस्य श्री संजीव खरे भी उपस्थित रहे और अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। केन्द्र के वैज्ञानिक डा.आर.के.जायसवाल, डा. आर. पी. सिंह, श्री रितेश बागोरा एवं कर्मचारी श्रीमती जया कोरी तथा श्री देशराज प्रजापति भी उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त कार्यक्रम मे विभिन्न ग्रामो से पधारे प्रगतिशील कृषक श्री सुब्रतो मलिक, श्री किशोर सिंह, श्री ओमप्रकाश मौर्य, श्री शिव सिंह, श्री अशोक सिंह एवं महिला कृषक श्रीमती कविता सिंह भी उपस्थित रहे और खेती से सम्बंधित अपने अनुभव साझा किए तथा महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए
कार्यक्रम मे कृषि अभियांत्रिकी से श्री नवीन कुमार, रिलायंस फाउंडेशन से श्री प्रदीप तिवारी, समर्थन संस्था से श्री ज्ञानेन्द्र तिवारी, पीएसआई से श्री विनोद निरंजन, प्रदान से श्री कुन्दन एवं लोक कल्याण भूमिका से श्री नरेंद्र शर्मा भी उपस्थित रहे और अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिये।
कार्यक्रम मे उपसंचालक कृषि श्री ओमप्रकाश तिवारी, उपसंचालक पशु चिकित्सा डा. नरेंद्र गुप्ता, परियोजना संचालक (आत्मा) श्री ए.पी. सुमन, जिला प्रबन्धक (आजीविका मिशन) श्री प्रमोद शुक्ला एवं सहायक संचालक उद्यानिकी श्री प्रदीप श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे और महत्वपूर्ण सुझाव प्रदान किए।
कार्यक्रम मे जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर के अधिष्ठाता कृषि संकाय डा. धीरेन्द्र खरे, संचालक विस्तार सेवाए डा. टी.आर. शर्मा, संचालक प्रक्षेत्र डा. विजय कुमार यादव एवं अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय पन्ना डा. पी. के. त्यागी इत्यादि भी उपस्थित रहे और महत्वपूर्ण सुझाव दिये।
कार्यक्रम के दौरान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डा.पी.एन. त्रिपाठी ने केन्द्र की रबी 2025-26 का प्रगति प्रतिवेदन एवं खरीफ 2026 की प्रस्तावित कार्ययोजना पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुत किया।
दिनांक 10 जून 2026 को कृषि विज्ञान केंद्र पन्ना (म.प्र.) के वैज्ञानिक परामर्शदात्री समिति (प्री-खरीफ) का बैठक जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर के माननीय कुलगुरू प्रोफेसर पी. के. मिश्रा जी की अध्यक्षता मे सम्पन्न हुआ।
दिनांक 31 मई 2026 को कृषि विज्ञान केन्द्र पन्ना मे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के "मन की बात" कार्यक्रम के 134वे संस्करण का प्रसारण किया गया। इस अवसर पर जिले के जनप्रतिनिधि, केन्द्र के समस्त वैज्ञानिक, कृषि विभाग के अधिकारी, कृषि स्नातक छात्र और प्रगतिशील कृषक उपस्थित रहे।
दिनांक 16-18 मार्च 2026 तक किसान कल्याण तथा कृषि विकास पन्ना द्वारा आयोजित जिला स्तरीय किसान मेला सह प्रदर्शनी का आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र पन्ना मे किया गया जिसमे डा.आर.के.जायसवाल द्वारा श्री-अन्न, तिलहन तथा दलहन उत्पादन के उन्नत तकनीक पर व्याख्यान दिया गया।
दिनांक 28 जनवरी 2026 को कृषि विज्ञान केन्द्र पन्ना के वैज्ञानिक डा.आर.के.जायसवाल ने कृषको एवं रावे छात्रो को रोजगार उन्मुखी व्यवसायिक प्रशिक्षण अन्तर्गत "आयस्टर मशरूम उत्पादन तकनीक" पर प्रशिक्षण प्रदान किया।
दिनांक 21 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र पन्ना में आयोजित कृषि सखियों के द्वितीय बैच के पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर के प्रमंडल सदस्य संजीव खरे के सानिध्य मे सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक राजेश मौर्य ने यूरिया और डीएपी के अत्यधिक एवं असंतुलित उपयोग से होने वाले पर्यावरण प्रदूषण पर चर्चा की तथा इफको की सामाजिक कल्याण योजना के तहत कृषि सखियों एवं केंद्र के श्रमिकों को निःशुल्क कंबल भी वितरित किए गए।
दिनांक 20 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन अन्तर्गत पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम मे कृषि विज्ञान केन्द्र पन्ना के वैज्ञानिक डा.पी.एन.त्रिपाठी और डा.आर.के.जायसवाल द्वारा कृषि सखियो को बीजामृत और अग्नि-अस्त्र बनाने और उसकी उपयोगिता के बारे मे प्रशिक्षण दिया गया।
दिनांक 19 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन अन्तर्गत पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम मे कृषि विज्ञान केन्द्र पन्ना के वैज्ञानिक डा.पी.एन.त्रिपाठी एवं डा.आर.के.जायसवाल द्वारा कृषि सखियो को घनजीवामृत और ब्रम्हास्त्र बनाने और उसकी उपयोगिता के बारे मे प्रशिक्षण दिया गया।
केन्द्र के प्राकृतिक खेती के नोडल अधिकारी डॉ. रितेश कुमार जायसवाल ने प्राकृतिक खेती के प्रमुख घटकों और फसल विविधीकरण पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने प्राकृतिक खेती में पौध संरक्षण के लिए मठास्त्र, नीमास्त्र, ब्रम्हास्त्र एवं अग्नि अस्त्र के इस्तेमाल करने के बारे में सलाह दी।
केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. पी.एन.त्रिपाठी ने मृदा में सूक्ष्मजीवों की संख्या बढ़ाने हेतु जीवामृत और घनजीवामृत इस्तेमाल करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने बताया कि रसायनों का अत्यधिक उपयोग मिट्टी, वायु और जल को प्रदूषित कर रहा है तथा मानव स्वास्थ्य को गंभीर हानि भी पहुंचा रहा है।
राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र पन्ना में आयोजित कृषि सखियों के द्वितीय बैच के पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन कृषि सखियों ने सीखी जीवामृत बनाने की विधि।