मैं ज्यादा पढ़ा लिखा तो नहीं हूं लेकिन अपने महापुरुषों की इतिहास जरूर पढ़ पाता हूं
इसलिए सत्य के साथ हूं और पाखंडवाद, अंधविश्वास और ढोंगियों का कड़ा विरोध करता
@grok भारत में 7 वी सदी तक कहीं भी मनुस्मृति का नामो निशान नहीं मिला। न ही मैग्स्थनीज़, फाहयाँन, ह्यूएनसंग, इत्सिंग, सूंयों तक को इस किताब का पता चला। न ही ब्राह्मणों को उस समय की लिपि भाषा पता थी। ऐसे में काल्पनिक गपोड़ को जबरन फिट करना धर्मेंद्र प्रधान की मिनिस्ट्री को महंगा पड़ गया
@grok मनुस्मृति को बाबा साहब की अगुवाई में जला दिया था ऐसे धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री हुए मनुस्मृति के श्लोक को एजुकेशन में जोड़ना कितना घटिया बात हैं जबकि मनुस्मृति में महिलाओं को शिक्षा से वंचित कर उनकी शादी 12 साल, 8 साल और उससे भी कम उम्र में करने की बात लिखी है।
संविधान की किन बातो को भारतीय एजुकेशन में कम किया गया धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री रहते हुए ? और मनुस्मृति और काल्पनिक रामायण महाभारत के किन बिंदुओं को जोड़ा गया ?@grok डिटेल्स में बताओ
सवाल ये नहीं कि पत्रकार महोदया मंत्री जी से अचानक सवाल पूछने लगी, या अचानक रातों-रात रीढ़ की हड्डी उग गई, अचानक जन-सरोकार जाग गया। सवाल है कि उनके टीवी चैनल को ये आदेश कहां से मिला कि गडकरी जी से सवाल पूछे जायें । कुछ तो गड़बड़ है, दया !
ब्रेकिंग न्यूज़
बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के छोटे भाई सालिग्राम गर्ग ने फिर चलाई गोलियां मोतीलाल कुशवाहा के कान और पेट में लगी जिला अस्पताल में इलाज जारी।
गडकरी जी, आपने देश को पैदल कर दिया. न गाड़ियाँ चलने लायक छोड़ी हैं न सड़कें. गाड़ियाँ कभी भी ख़राब हो जा रही हैं तो सड़कें कहीं भी टूट रही हैं.
@nitin_gadkari
हिंदू लड़की ने PM मोदी की पढ़ाई लिखाई पर ऐसा सुनाया कि हर कोई देखता रह गया!!
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जंतर-मंतर पर CJP के आंदोलन में दूर-दूर से छात्रों का जमावड़ा लग रहा है जो खुल कर सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।
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#JantarMantar#VIRALVIDEO
कब तक जनता को हिंदू मुस्लिम का चूरन चटाओगे
कभी न कभी तो जनता सवाल पूछेगी,
आज जिस दौर में ब्लिंकिट 10 मिनट में सामान डिलिवर करता है, वहां पर फायर ब्रिगेड और पुलिस को आने में घंटों लग रहे हैं।
दीवार तोड़ने में 30 मिनट लग गए।
दुखद खबर है कॉकरोच जनता पार्टी वालो 😥🚨
शिक्षा मंत्रालय के बाहर दिल्ली विश्वविद्यालय के कुछ छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया था
सिर्फ़ कुछ ही मिनटो में उन्हें पुलिस पकड़ कर ले गई और उनके पोस्टर बैनर सबकुछ फाड़ डाले
युवा छात्रो का क़सूर सिर्फ़ था कि बेरोजगारी के खिलाफ़ शांतिपूर्वक आवाज़ उठा रहे थे
किसी भी गोदी मीडिया चैनल पर इसकी ख़बर तक नहीं है, जो कुछ करना है आपको ही करना होगा
देश के युवाओ अब आपकी ज़िम्मेदारी है की इस बहन के वीडियो को पूरे देश में फैलाओ
ताकि देश का बच्चा बच्चा इस तानाशाह सरकार के जुल्मों के बारे में जान सके
प्रयागराज में कोचिंग सील होने की खबर सिर्फ एक संस्थान की नहीं, बल्कि उन लाखों युवाओं की आवाज़ को दबाने की कोशिश है जो पेपर लीक, भर्ती घोटालों और बेरोज़गारी के खिलाफ सवाल उठा रहे हैं।
अगर छात्रों के हक़ की लड़ाई में एक शिक्षक उनके साथ खड़ा होता है, तो उसे सज़ा नहीं सम्मान मिलना चाहिए। क्या अब अन्याय के खिलाफ बोलना भी अपराध हो गया है?