Compromised PM के राज में एक भारतीय होने का मतलब दुर्गति ह��।
विदेशी ताकत हमारे नागरिकों को मारती है। हमारी सरकार एक आज्ञाकारी नौकर की तरह चुप-चाप आदेश मान लेती है - और हमारे नागरिक सड़ने के लिए छोड़ दिए जाते हैं।
इस भारतीय को घर लाइए। अभी।
@ajeetbharti जिन युवाओं ने नीट दिया है वो सुसाइड कर रहे जिन्होंने भी दिया है वो कोकरोच बन रहे है भोसडी के ..राजीव तलवार ने सही कहा था जिस देख का युवा ही chadarmod है उसका कुछ नहीं हो सकता
कितने शर्म की बाद है कि इस देश का शिक्षा मंत्री अभी भी मुंह नहीं खोल रहा..
जिन बच्चों ने नीट दिया है वो सुसाइड कर रहे है जिन्होंने नहीं दिया वो भोसड़ी के कोकरोच बन रहे राजीव तलवार सही कहता है इस देख का युवा हो चादरमोद है
Ye kuch nahi karega, kabhi ye opposition par dalega, Kabhi Nehru par dalega, aur jab inse bhi kaam nahi chalega to ye world-wide situations par dalega aur khud patali muhari wali pajaami pahanke election manage karega.
बस एंबुलेंस और फ़ायर ब्रिगेड की तरफ़ से ऐसा वीडियो आ जाता तो देश का कल्याण हो जाता!
जयपुर पुलिस! प्रधानमंत्री ने तेल बचाने के लिए कहा है,लगाने के लिए नहीं
Dear @bihar_police, I am aware that you guys are poor at reading the posts, but it is pathetic that you would produce a notice with so many grammatical errors!
1. It is either ‘Twitter handles’ or ‘Twitter accounts’, (in plural, Twitter’s T in caps). It shouldn’t be ‘twitter handle account’. This is embarrassing to start with.
2. Use -…- prior to putting handles, instead of “…” as it is not some direct speech.
3. It should be ‘posts’ as there are three ‘objectionable posts’, not one.
4. It should be ‘X’ instead of ‘Twitter’. If at all you have to use Twitter, must put X as context because Twitter doesn’t exist now.
5. It should be ‘Twitter handles’ and not ‘handle’, as there are three handles. Plurals, you know!
6. Misspelled ’spread’ as ‘spreaa’ suggests how hurriedly this was typed!
7. Again, ‘handles’ and not ‘handle’.
8. When you are writing the ‘handles’ below, why use ‘above Twitter handle’?
9. ‘URLs’, ‘handles’ as there are three. Plurals.
10. Following must be followed by ‘:’
11. Please put a comma after ‘Now’.
12. Instead of ‘information is’, use of ‘pieces of information are required’ is the correct way to put it.
13. ‘Handles’ and ‘handles’. Plural.
Dear @samrat4bjp, please give them a better staff with knowledge of good English. Or, let them write in Hindi. What’s wrong with Hindi? I see, they would screw up more in Hindi!
मैं अब इस बात को ले कर आश्वस्त होता जा रहा हूँ कि पिछले कुछ सप्ताह से आने वाले कुछ सप्ताह तक @BJP4India अपने ही सरकार के विरोध में यूजीसी-समर्थन वाली रैलियाँ करवाएगी। एकाध रैली हिंसक हो सकती है, आगजनी या हत्या होगी।
इन ��ैलियों की भीड़ों को देख कर सवर्ण समाज को बताया जाएगा: देखो, दलित समाज क्या कर रहा है। इसको सवर्णों ने ही भड़का दिया है। स्टे तो मिल ही गया था, पर ये लोग दलितों को उकसाते रहे, आंदोलन करते रहे, अब सरकार करे तो क्या करे?
फिर आपको बताया जाएगा कि कैसे कॉन्ग्रेस ये वोट ले जाएगी। कैसे बसपा उठ रही है, वो इस बात को एक्सप्लॉइट करेगी। कैसे अखिलेश समाज को बाँटने में लगा हुआ है। कैसे मोदी जी ही तुम्हारी जान फल���ँ नेत्री के स्टाइल में बचाए रखेंगे!
चाहे कल सामाजिक न्याय मंत्रालय द्वारा जारी किया गया नंबर हो जहाँ कहा गया है कि यदि कहीं दलित-शोषित का उत्पीड़न हो रहा है तो तुरंत सूचना दें, या फिर रावण, मौर्या समेत पटना आदि में चल रहे महापंचायत हों, भाजपा की योजना स्पष्ट है।
वह योजना है: सवर्णों को कहा जाए कि खून का घूँट पी लो, मोदी जी ने तुम्हें जीने दिया है। रावण को सुनो, वो तो जूते मारने वाली बात बोल रहा है। मायावती की रैली की भीड़ देखो! अरे यूजीसी क्या है? कितना केस हो जाएगा? देश की सोचो, विकसित भारत की सोचो, क्या कमजोर मोदी वो दे पाएँगे!
पार्टियाँ अलग-अलग स्तर से पतित होती हैं। सबकी अपनी राजनीति होती है। सवर्णों को समझ लेना चाहिए कि आपकी रा��नीति कहीं नहीं है। भाजपा के कई नेता पुनः इफ्तार करने लगे हैं, कुछ ने बुढ़ापे में खतना भी करा लिया होगा, कि वही दिखा कर चार वोट ले लें। सवर्ण किसी को जीत नहीं दिला सकते, इसीलिए त्याज्य हैं। आप केवल हरा सकते हैं।
यदि आपके भविष्य का गला वही पार्टी घोंट रही है, वह भी प्रपंच और राजनीति के सहारे, फिर उससे मोह कैसा? उसे ��ोट देने की बाध्यता कैसी? जब वो आपका वोट ले कर आपको लात मार रही है, फिर आप क्यों बँधे हुए हो?
पिछले दो महीनों में @narendramodi ने कितनी बार यह संकेत भी किया कि सरकार आपके हितों की बात कर रही है, सोच रही है? वो वही उद्घाटन, रैली, भाषण में व्यस्त हैं। उनकी टीम इसमें व्यस्त है कि मोदी जी वायरल हो जाएँ।
सवर्णों को केवल डराने करने के लिए बिहार पुलिस मेरे ऊपर तो FIR कर देती है, पर राजपूत की बेटी को मुगलपुत्री कहने वाली किरन यादव को कुछ नहीं कह पाती। वो लोग जो उस मृतका को वेश्या बना रहे हैं, वो सोशल मीडिया पर हैं। और रहेंगे!
भाजपा के नेता-प्रवक्ताओं की चुप्पी, ब्राह्मणों-संतों के वीडियो क्लिप्स को आइटी सेल द्वारा टूलकिट शैली में शेयर करना बताता है कि इनका उद्देश्य इस समस्या का समाधान नहीं, बल्कि सवर्णों को यह बताना है कि मोदी ने किया है ��ो कुछ सोच समझ कर ही किया होगा। मोदी चुप है यानी देश का कुछ भला होना उसका कारण होगा।
मैं ऐसा नहीं मानता। भाजपा ने सवर्णों को त्याग दिया है कि ये न तो संगठित हैं, न इनकी कोई ग्राउंड प्रेजेंस है, न तो ये कॉन्ग्रेस आदि को वोट देंगे। अभी रूठे हुए हैं, कुछ समय बाद भूल जाएँगे।
हम भूल तो जाएँगे, पर यूजीसी नहीं, भाजपा को।