रामलला के दरबार का हिसाब-किताब सुनकर गणित भी माथा पकड़कर बैठ गया है।
कहा जा रहा है कि करोड़ों श्रद्धालु दर्शन करने आए, लेकिन चढ़ावे का आंकड़ा ऐसा है कि औसतन प्रति श्रद्धालु कुछ ही रुपये बैठते हैं। अब यह गणित समझने के लिए शायद कोई नया सूत्र ईजाद करना पड़ेगा।
सवाल चोरी का नहीं, पारदर्शिता का है। जब करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी हो तो हिसाब भी ऐसा होना चाहिए कि किसी के मन में सवाल न उठे।
मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के नाम पर बने भव्य मंदिर में यदि आंकड़ों को लेकर भ्रम है, तो उसे दूर करना मंदिर प्रशासन की जिम्मेदारी है। आस्था जितनी बड़ी होती है, जवाबदेही भी उतनी ही बड़ी होनी चाहिए।
"राम के नाम पर श्रद्धा असीम है, इसलिए हिसाब भी ऐसा हो कि हर भक्त का विश्वास और मजबूत हो, कमजोर नहीं।"
#जयश्रीराम #राममंदिर #पारदर्शिता #आस्था_और_जवाबदेही #सवाल_हिसाब_का
राम मंदिर चढ़ावा विवाद में बड़ा आरोप, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र पर 40% कमीशन लेने का खुला आरोप। पूर्व इंजीनियर ने किया चौंकाने वाला खुलासा।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी और दान प्रबंधन विवाद में अब ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र पर एक और गंभीर आरोप लगे हैं। ट्रस्ट से जुड़े प्रयागराज के इंजीनियर दीनानाथ वर्मा ने आरोप लगाया है कि डॉ. अनिल मिश्र 40 फीसदी कमीशन लेते थे। उनका दावा है कि विरोध करने पर उन्हें धमकी दी गई और चढ़ावे की नकदी गणना से दूर रखा गया। मामले में अब ट्रस्ट की व्यवस्था, नकदी गिनती और जवाबदेही को लेकर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि इन आरोपों पर डॉ. अनिल मिश्र या ट्रस्ट की ओर से आधिकारिक जवाब का इंतजार है।
#Ayodhya #RamMandir #SITInvestigation @ChampatRaiVHP@dmayodhya@UPGovt@CMOfficeUP@ShriRamTeerth@ayodhya_police@Adv_Anil_Mishra
आप चिंता ना करे यूपी पुलिस है ना
ग्रेटर नोएडा: ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर ट्रक से गिरे पत्थरों ने हादसे का मंजर खड़ा कर दिया था।
कई गाड़ियों के टायर फट गए और बड़े हादसे का खतरा मंडराने लगा।तभी दादरी पुलिस मौके पर पहुंची।
तेज धूप की परवाह किए बिना UP Police के जवानों ने खुद फावड़ा उठाकर सड़क साफ की और सैकड़ों लोगों की जान बचा ली।
कानून संभालने के साथ जब खाकी सड़क पर उतरकर लोगों की सुरक्षा के लिए पसीना बहाती है, तो भरोसा दोगुना हो जाता है।
सलाम UP Police की इस फुर्ती और जज्बे को।
₹20 चक्कर में दुकानदार को चुकाना पड़ा ₹10 लाख का जुर्माना
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में देवेश गौतम एक पास की दुकान पर सिगरेट लेने गया जहां पर सिगरेट की MRP ₹340 थी
लेकिन दुकानदार हीरा लाल ने ₹360 मांगा देवेश ने इसका विरोध किया और कहा कि आप MRP से ज्यादा पैसे नहीं ले सकते
दुकानदार नहीं माना फिर मजबूरन देवेश को ₹360 देना पड़ा लेकिन देवेश हार नहीं माना
इसकी शिकायत देवेश ने उपभोक्ता आयोग में की
जिससे इस मामले की सुनवाई हुई और जांच की गई तो दुकानदार और कंपनी पर ₹10 लाख का जुर्माना लगाया गया
ऐसे ही अगर आपको भी MRP से ज्यादा कहीं भी मूल्य मांगा जाए तो तुरंत शिकायत करे।
अलीगढ़ पुलिस ने महिलाओं के कुंडल लूटने वाले दो बदमाशों को अतरौली क्षेत्र में ढेर कर दिया।
बदमाशों ने रविवार दोपहर में भी एक महिला से कुंडल लूटे थे। इसके बाद से पुलिस उनकी घेराबंदी में लगी हुई थी।
बदमाशों ने सबसे पहले 17 मई को मडराक क्षेत्र में खेत में चारा लेने गईं दस महिलाओं के साथ लूट की थी। तमंचा दिखाकर महिलाओं को बदमाशों ने महिलाओं को धमकाया भी था।
‼️अलीगढ़ कमांडर नीरज जादौन के निर्देश पर चलाए जा रहे इनामी दर पकड़ अभियान में इनामी अपराधियों पर अलीगढ़ पुलिस का वज्र प्रहार,दो 50K इनामी लुटेरे अपराधी पुलिस मुठभेड़ में क्लीन बोल्ड/ढेर किए गए‼️
@DutyFamilyHonor@IPS_Association#ONLYPOLICENEWS
अलीगढ़ में ₹57 करोड़ का ओलंपिक स्तरीय इन्डोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तैयार, योगी सरकार जल्द करेगी लोकार्पण
अलीगढ़ में ₹57 करोड़ की लागत से 13,000 स्क्वायर मीटर में तैयार ओलंपिक स्तरीय इन्डोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, CM योगी जल्द करेंगे लोकार्पण।
https://t.co/CFMOcFtBgO
रमेश गुप्ता की 2019 में हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई। उम्र सिर्फ 54 साल।
उनके पास ₹50 लाख की टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी थी। 11 साल तक एक भी प्रीमियम मिस नहीं किया।
उनकी पत्नी ने क्लेम फाइल किया।
इंश्योरेंस कंपनी बोली: “हमें जांच करनी होगी।”
जांच 3 साल तक चली।
बार-बार नए दस्तावेज मांगे गए।
वह हर बार देती रहीं, और हर बार नई मांग आ जाती।
इस बीच हालात बिगड़ गए—
घर की EMI नहीं भर पाईं,
गाड़ी बेचनी पड़ी,
रिश्तेदारों से उधार लेना पड़ा।
2022 में कंपनी ने क्लेम रिजेक्ट कर दिया।
कारण बताया “पहले से बीमारी छुपाई गई थी।”
वो “बीमारी” क्या थी?
सिर्फ हल्का ब्लड प्रेशर,
जो 2015 के एक रूटीन चेकअप में नोट हुआ था।
न कोई इलाज, न कोई दवा।
पत्नी ने हार नहीं मानी।
IRDAI और फिर कंज्यूमर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
कोर्ट का साफ फैसला आया—
जिस बीमारी का कभी इलाज नहीं हुआ,
जो कभी स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करती,
उसे 11 साल बाद क्लेम रिजेक्ट करने का आधार नहीं बनाया जा सकता।
आदेश दिया गया:
₹50 लाख की पूरी राशि,
2019 से 9% ब्याज के साथ,
और ₹1 लाख मानसिक उत्पीड़न के लिए।
3 साल तक एक विधवा को घुमाया गया।
लेकिन अदालत ने उसका हक वापस दिलाया—पूरा, ब्याज सहित।
याद रखिए:
अगर आपका इंश्योरेंस क्लेम “नॉन-डिस्क्लोज़र” के नाम पर खारिज हो
तो चुप मत बैठिए, लड़िए।
अदालतें बार-बार कह चुकी हैं
छोटी, बिना इलाज वाली स्थितियों को आधार बनाकर क्लेम रिजेक्ट करना गलत है।
इण्डेन का 5 किलो ‘छोटू’ सिलेंडर,
बिना एड्रेस प्रूफ के भी छात्रों, कामकाजी युवाओं और प्रवासी कामगारों के लिए एक सुविधाजनक विकल्प है।
यह सिलेंडर हल्का और पोर्टेबल है तथा कम खपत या अस्थायी जरूरतों के लिए बिल्कुल उपयुक्त है।
यह आपके नज़दीकी इण्डेन डिस्ट्रीब्यूटर के पास उपलब्ध है।
अफ़वाहों से दूर रहें और बिना चिंता अपनी रसोई को चालू रखें।
हम हर दिन आपके घर तक ऊर्जा पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
#StayCalmIndia #Indane #FuelWithTrust #EnergyForAll #ReliableSupply #Chhotu
@HardeepSPuri@PetroleumMin@neerajmittalias@secretary_moPNG@ChairmanIOCL@sahneyas
#IAS अफ़सर ने #VRS माँगा !! 📩
#IAS रजनीश चंद्र 2014 विशेष सचिव, ग्रामीण विकास विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ ने #स्वैच्छिक_सेवानिवृत्ति_माँगा है #IAS रजनीश चन्द्र ने नियुक्ति विभाग को भेजे गये पत्र में निजी कारणों से 30 अप्रैल 2026 से #VRS की मांग किया है प्रदेश की ब्यूरोकेसी में IAS अफ़सरो के VRS लेने की तादात में लगातार इज़ाफ़ा होता जा रहा है !!
#AligarhPolice
"ऑटो/ई-रिक्शा में पारदर्शिता व सुरक्षा बढ़ाने हेतु डिस्प्ले सिस्टम लागू.."
डिस्प्ले लगे हुए 100 ऑटो/ई-रिक्शा को एसएसपी अलीगढ़ द्वारा पुलिस लाइन से किया गया रवाना~
यात्री सुरक्षा एवं पारदर्शिता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ऑटो एवं ई-रिक्शा वाहनों पर विशेष डिस्प्ले प्रणाली लागू की गई है। इस व्यवस्था के अंतर्गत वाहनों के आगे एवं पीछे डिस्प्ले लगाए गए हैं, जिन पर वाहन चालक एवं वाहन स्वामी का पूर्ण विवरण अंकित किया गया है। इसके अतिरिक्त संबंधित थानों में चालकों का सम्पूर्ण विवरण सुरक्षित रखा गया है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर त्वरित सत्यापन एवं कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।
इस कार्यवाही से न सिर्फ यात्रियों के साथ होने वाली अपराधिक घटनाओं को कन्ट्रोल किया जा सकेगा बल्कि आसानी से वाहन की पहचान हो सकेगी एवं शीघ्र कार्यवाही संभव होगी ।
#AligarhPolice
"ऑटो/ई-रिक्शा में पारदर्शिता व सुरक्षा बढ़ाने हेतु डिस्प्ले सिस्टम लागू.."
डिस्प्ले लगे हुए 100 ऑटो/ई-रिक्शा को एसएसपी अलीगढ़ द्वारा पुलिस लाइन से किया गया रवाना~
सोशल मीडिया में कतिपय अभ्यर्थियों के सरनेम या टाइटल के आधार पर उनकी जाति/श्रेणी के संबंध में भ्रामक टिप्पणियां की जा रही हैं।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड इस संबंध में यह स्पष्ट करता है कि सरनेम या टाइटल के आधार पर किसी अभ्यर्थी की जाति निर्धारित नहीं की जाती है।
अभ्यर्थियों को सक्षम अधिकारियों द्वारा निर्गत जाति प्रमाण पत्रों की संवीक्षा (वेरिफिकेशन) की कार्यवाही की जाती है।
अभिलेखों की संवीक्षा हेतु गठित डीवी बोर्ड द्वारा (जिसमें उपजिलाधिकारी स्तर एवं पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी होते हैं)
समुचित रूप से मूल जाति प्रमाण पत्र का परीक्षण किया जाता है। उक्त परीक्षण से पूर्णतया संतुष्ट होने के उपरांत ही अभ्यर्थियों को संबंधित श्रेणी में सफल घोषित किया जाता है।
नियुक्ति पत्र देने से पूर्व नियुक्ति जनपद के पुलिस अधीक्षक द्वारा चयनित अभ्यर्थियों का पुनः सत्यापन कराया जाता है।
यदि किसी व्यक्ति को किसी विशिष्ट अभ्यर्थी की जाति के संदर्भ में कोई पुष्ट एवं प्रामाणिक जानकारी प्रदान करनी है तो कृपया उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के ई मेल [email protected] पर सूचित करें। बोर्ड द्वारा इस सम्बंध में समुचित जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
भर्ती में आरक्षण संबंधित सभी शासनादेश व इस संबंध में माननीय उच्चतम व उच्च न्यायालय के संबंधित निर्णयों के अनुरूप पूर्ण शुचिता के साथ सभी कार्यवाही की गई है।
अतः आपको सूचित किया जाता है कि कृपया ऐसी भ्रामक एवं अपुष्ट टिप्पणियां न लिखें,न आगे प्रसारित करने में सहयोगी बनें। यह कानूनी रूप से अपराध है। ऐसा करने वालो के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
-परीक्षा नियंत्रक
उ० प्र० पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड
लखनऊ l
@CMOfficeUP@ChiefSecyUP@homeupgov@dgpup@Uppolice
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा उत्तर प्रदेश पुलिस में पुलिस उप निरीक्षक (गोपनीय), पुलिस सहायक उप निरीक्षक (लिपिक) एवं पुलिस सहायक उप निरीक्षक (लेखा) के पदों पर सीधी भर्ती -2023 के अन्तर्गत दिनांक 02 नवम्बर 2025 को सम्पन्न लिखित परीक्षा के उपरान्त अग्रिम चरणों में सफल पाये गये अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों (Score) के श्रेष्ठताक्रम एवं आरक्षण के लम्बवत एवं क्षैतिज नियमों के अनुसार, अंतिम रूप से चयनित 912 अभ्यर्थियों की समेकित एवं श्रेणीवार चयन सूचियां एवं तत्संबंधी विज्ञप्ति बोर्ड की
वेबसाइट-- https://t.co/IGN26c3mXs पर जारी कर दी गई है ।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड सफल अभ्यर्थियों को हार्दिक बधाई देता है।
-परीक्षा नियंत्रक
उ० प्र० पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड
लखनऊ l
@CMOfficeUP@ChiefSecyUP@homeupgov@dgpup@Uppolice
"अदावत एक सिपाही और आईपीएस की.. फजीहत पूरी खाकी में"
यूपी के ललितपुर में तैनात सिपाही जितेंद्र यादव ने अपने ही एसपी आईपीएस मोहम्मद मुश्ताक के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है..
सिपाही ने आईपीएस पर गंभीर आरोप लगाते हुए सीएम योगी से लिखित शिकायत की है तो दूसरी तरफ सिपाही को भी बर्खास्त करने की पूरी तैयारी कर ली गई है..
सिपाही जितेंद्र का आरोप है कि एसपी मोहम्मद मुश्ताक साहब बीते तीन साल से जिले में भ्रष्टाचार और शोषण की गंगा बहा रहे हैं..
सीएम को दिए शिकायती पत्र में सिपाही ने आरोप लगाया है कि, "एसपी साहब मादक पदार्थों का सेवन करते हैं.. रात्रि में #@?#@ का सेवन कर सुबह 4 बजे तक न जाने कितने गुल खिलाते हैं.. कई बार किसी उच्चाधिकारी के बंगले पर गिरे भी हैं और उल्टी करते हुए सरकारी वाहन में लेटे-लेटे आए हैं, यह घटनाएं भी आम जनमानस में फैली है.."
सिपाही का ये भी आरोप है कि एक मुखबिर के पास एसपी साहब की किसी उच्चाधिकारी के साथ मादक पदार्थ का सेवन करते हुए फोटो भी होने की चर्चा!!
तीन पन्ने के इस शिकायती पत्र में सिपाही ने साहब पर जो आरोप लगाए हैं, वो ऐसे हैं जिन्हें यहां लिखा नहीं जा सकता.. न ही दिखाया जा सकता है..
इस शिकायती पत्र ने ब्यूरोक्रेसी में हड़कंप मचा रखा है.. सिपाही की अदावत के चर्चे अब सत्ता के गलियारों में गूंजने लगे हैं.. इस मामले में पुलिस महकमे की खासी बदनामी हो रही है इसीलिए उच्च स्तर पर जांच कराए जाने की जरूरत है..
हालांकि, खबर ये भी है कि सिपाही जितेंद्र यादव को बर्खास्त करने और मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की तैयारी हो गई है.. मुद्दई ही नहीं होगा तो मामला शायद दब जाए!! सिपाही की बर्खास्तगी का आदेश अगले दो-तीन दिन में जारी होने की सुगबुगाहट है..
#IPS #Constable #IPSvsConstable #UPPolice #Bureaucracy #Complaint