यह हमारा योग धर्म, वेद धर्म, ऋषि धर्म, सनातन धर्म और हम सब के लिए तो हमारा संन्यास धर्म, वह हमारा आंतरिक जीवन का, आध्यात्मिक, वैचारिक संविधानहै, ऐसे दृष्टि हमारी होनी चाहिए जीवन के प्रति। इसमें कोई भी व्यक्ति प्रश्न नहीं उठा सका क्योंकि यह बहुत व्यापक दृष्टि है। #सनातनीसिपाही
युगों-युगों तक यह संस्कृति अमर रहेगी, हमारा सनातन धर्म, अमर रहेगा यह विश्वास रखते हैं। यह साधारण घटना नहीं है, मैं जब इस संन्यास की तह तक जाकर के देखता हूँ, इसमें इतनी वीरता है, इसमें इतना तप-त्याग है, इसके पीछे अपने पूर्वजों की कितनी बड़ी पुण्याई है। #सनातनीसिपाही
जहां अनंत सुख है अनंत शांति है लेकिन राह पर जिसको लोग कहते हैं कि बड़ा दुर्गम है यह तपस्या करनी पड़ती है तो इसमें अपने सूक्ष्म कामनाओं की आहुति देनी पड़ती है तो क्या करना पड़ता है।#सनातनीसिपाही
यह संन्यासी होना यद्यपि संसार की दृष्टि से तो बहुत बड़ा त्याग है लेकिन संन्यासी होना यही जीवन का परम गंतव्य परम ध्येय है Iइसी में सुख है बाकी संसार में तो पग-पग पर दुख हैI#सनातनीसिपाही
जब किसी सनातन धर्म के सच्चे संन्यासी को देखता है, तो पापी का भी सिर झुक जाता है उसके चरणों में और कहता है यही होना तो यही चाहिए जीवन यही है, चाहे मैंने जो किया होI
#सनातनीसिपाही
लोग छोटी-छोटी इच्छाओं को नहीं छोड़ पाते, अपनी कामनाओं से मुक्ति नहीं पा-पाते, क्षणिक सुखों के लिए, सुविधाओं के लिए, उसमें छोटे-छोटे विषय और उनका विश पिए जा रहे,अपने आप को उन से हटा नहीं पा रहे हैं, यह जीवन में संन्यासी होने से बड़ा कोई तप और त्याग नहीं हो सकता हैI
#सनातनीसिपाही
राजकाज कैसे चलेगा, शासन-प्रशासन कैसे चलेगा, उसके लिए संविधान है, लेकिन शासन प्रशासन के साथ-साथ 99% हमारे जीवन के वह घटक होते हैं, जो आत्म अनुशासन से चलते हैंI #सनातनीसिपाही
इस दृष्टि के साथ हमें सनातन धर्म के सच्चे संन्यासी विशेषताओं के अनुगामी बनना है। हम उस मार्ग पर चलने वाले पथिक हैं, राही हैं, हम ऋषियों के अनुगामी हैं, ऋषियों के वंशीधर हैं I #सनातनीसिपाही
हमारे सभी तपोनिष्ठ, वैराग्यवान, विवेकी, तितिक्षु, मुमुक्षु, वेदनिष्ठ, गुरुनिष्ठ भाई और ऐसे ही हमारी तपस्विनी,विदुषी,ब्रह्मवादिनी, श्रद्धामयी,बहने बेटियाँ जो अपने जीवन को इस अनुष्ठान के लिए आहूत कर रही हैं मैं नहीं करोड़ों सनातन धर्मी प्रसन्नता का उत्सव मना रहे हैंI
#सनातनीसिपाही
इस दृष्टि के साथ हमें सनातन धर्म के सच्चे संन्यासी विशेषताओं के अनुगामी बनना है। हम उस मार्ग पर चलने वाले पथिक हैं, राही हैं, हम ऋषियों के अनुगामी हैं, ऋषियों के वंशीधर हैं I #सनातनीसिपाही
राजकाज कैसे चलेगा, शासन-प्रशासन कैसे चलेगा, उसके लिए संविधान है, लेकिन शासन प्रशासन के साथ-साथ 99% हमारे जीवन के वह घटक होते हैं, जो आत्म अनुशासन से चलते हैंI #सनातनीसिपाही
अगर आप अपने पूरे इतिहास को उठाकर देखोगे ना बच्चों, तो आप देखोगे कि यह वह धरा है जहां वचन की प्रतिष्ठा के लिए, सत्य की प्रतिष्ठा के लिए निज सुत मरण स्वीकार कर लिया था। #सनातनीसिपाही
यह हमारा योग धर्म, वेद धर्म, ऋषि धर्म हमारा सनातन धर्म और हम सब के लिए तो हमारा संन्यास धर्म, वह हमारा आंतरिक जीवन का संविधान है, वह हमारा आध्यात्मिक संविधान है, वह हमारा वैचारिक संविधान, अधिष्ठान है और ऐसे ही दृष्टि हमारी होनी भी चाहिए जीवन के प्रति I
#सनातनीसिपाही