ख़ाली है अभी जाम मैं कुछ सोच रहा हूँ
ऐ गर्दिश-ए-अय्याम मैं कुछ सोच रहा हूँ
साक़ी तुझे इक थोड़ी सी तकलीफ़ तो होगी
साग़र को ज़रा थाम मैं कुछ सोच रहा हूँ
पहले बड़ी रग़बत थी तिरे नाम से मुझ को
अब सुन के तिरा नाम मैं कुछ सोच रहा हूँ
@Shailjakantsin2@Rekhta@paninianand@moiAbhinav
@Shailjakantsin2 ख़िज़ाँ में चाक-गरेबाँ था मैं बहार में तू
मगर ये फ़स्ल-ए-सितम-आश्ना किसी की नहीं
मैं आज ज़द पे अगर हूँ तो ख़ुश-गुमान न हो
चराग़ सब के बुझेंगे हवा किसी की नहीं
हम जी रहे हैं कोई बहाना किए बग़ैर
उस के बग़ैर उस की तमन्ना किए बग़ैर
मैं बिस्तर-ए-ख़याल पे लेटा हूँ उस के पास
सुब्ह-ए-अज़ल से कोई तक़ाज़ा किए बग़ैर
अब तुम कभी न आओगे या'नी कभी कभी
रुख़्सत करो मुझे कोई वा'दा किए बग़ैर
@Shailjakantsin2@Rekhta#deathanniversary#jaunelia
@Shailjakantsin2@Bekaarbaate@moiAbhinav चश्म-ए-साक़ी से पियो या लब-ए-साग़र से पियो
बे-ख़ुदी आठों पहर हो ये ज़रूरी तो नहीं
सब की नज़रों में हो साक़ी ये ज़रूरी है मगर
सब पे साक़ी की नज़र हो ये ज़रूरी तो नहीं
आग को खेल पतंगों ने समझ रक्ख़ा है सबको अंजाम का डर हो ये ज़रूरी तो नहीं!
#birthannivrsary#ahmadfaraz
वहशत का सबब रौज़न-ए-ज़िंदाँ तो नहीं है
मेहर ओ मह ओ अंजुम को बुझा क्यूँ नहीं देते
इक ये भी तो अंदाज़-ए-इलाज-ए-ग़म-ए-जाँ है
ऐ चारागरो दर्द बढ़ा क्यूँ नहीं देते
@Shailjakantsin2
आदरणीय रेल मंत्री महोदय भोपाल रेलवे स्टेशन पर उच्च श्रेणी प्रतीक्षालय को पूरी तरह से बंद पड़ा है। यात्री इस सर्द रात में बाहर बैठने के लिए मजबूर हैं। यह आज दिनांक ४/०१/२०२५ की कुछ तस्वीर मै दिखाना चाहता हूं
@Shailjakantsin2 हर नज़र जलवा है हर जलवा नज़र हैरान हूँ
आज किस बैतुलहरम में हो गया हूँ बारयाब
बारहा, हाँ बारहा मैने दमे-फ़िक्रे-सुखन
छू लिया है उस सुकूँ को जो है जाने- इज़्तेराब