26 वर्षों से कारावास झेल रहे दारा सिंह जी को न्यायालय के कहने के बाद भी रिहा न करने का ओडिशा सरकार का निर्णय अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
मुख्यमंत्री जी कभी इसी न्याय के लिए मेरे साथ धरने पर बैठे थे। आज सत्ता में आकर असत्य का साथ देना स्वीकार्य नहीं।
ओडिशा सरकार अपने निर्णय पर पुनर्विचार करे, अन्यथा हम न्याय के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन प्रारंभ करेंगे।
#JusticeForDaraSingh @CMO_Odisha@MohanMOdisha@VHPDigital@RSSorg
उत्तरप्रदेश के ललितपुर का सिलावन गांव। शाम का वक्त। करीब 44-45 साल का एक शख्स लंगड़ाते हुए चला जा रहा था। वो इधर-उधर देख रहा था, जैसे किसी को पहचानने को कोशिश कर रहा हो।
तभी उसे साइकिल से आता हुआ एक शख्स दिखा। उसने उसे रोककर कहा- ‘मेरा नाम विष्णु तिवारी है। क्या मुझे जानते हैं? मेरे घर का पता बता दो।’ उस शख्स ने हैरानी भरी नजरों से देखा और बोला- ‘भइया पागल हो क्या, तुम्हारा घर है और, मुझसे पूछ रहे हो।’
विष्णु ने एक के बाद एक, कई लोगों से अपने घर का पता पूछा, लेकिन सभी ने उन्हें पागल कहा। अब तक अंधेरा हो गया था। विष्णु थककर एक पेड़ के नीचे बैठ गए। तभी एक और शख्स वहां से गुजरा और विष्णु को देखते ही ठिठक गया। बोला- तुम विष्णु तिवारी हो न? पहचाना मुझे? तुम्हारा दोस्त सुरेश।
विष्णु फौरन बोल पड़े- ‘मेरे भाई तुमने तो मुझे पहचान लिया’ दोस्त बोला-'तुम तो जेल में थे ना।’ विष्णु ने जवाब दिया- ‘झूठा मुकदमा था। 20 साल बाद हाईकोर्ट ने रिहा कर दिया। मेरे घर का पता तुम्हें याद हो तो घर पहुंचा दो।’ दोस्त ने कहा- ‘तुम्हारा घर तो रहने लायक बचा नहीं, चलकर देख लो।’
विष्णु, दोस्त के साथ अपने घर की ओर चल दिए। कुछ कदम चलने के बाद बोले- ‘घर में तो मेरी राह देखने वाला कोई जिंदा ही नहीं बचा।’ दोस्त बोला- ‘चाचा जिंदा हैं। उन्हीं के घर चले जाना।’
कुछ ही देर में विष्णु अपने घर पहुंचे। दोस्त ने मोबाइल का टॉर्च जलाया तो देखा टूटे दरवाजे में जंग लगा ताला लटक रहा था। दीवारें भी गिर चुकी थीं। विष्णु ने पास ही पड़ा हुआ एक पत्थर उठाया और ताला तोड़ दिया।
अंदर जाकर देखा तो कचरे का ढेर लगा था। उसी ढेर में मां-पिताजी के वोटर आईडी मिले। कहीं दीवार गिर गई, तो कहीं मोटी-मोटी दरारें। विष्णु जमीन पर बैठकर फूट-फूटकर रोने लगे। दोस्त ने उन्हें संभाला और चाचा के घर ले गए।
चाचा को देखते ही विष्णु बोले-‘सब खत्म हो गया चाचा। न घर बचा, न मां-बाप।’ चाचा ने पूछा जेल से कैसे छूटे। विष्णु बोले- ‘रेप का केस भी झूठा था और SC-ST का मुकदमा भी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बाइज्जत बरी कर दिया।'
विष्णु तिवारी को झूठे SC/ST Act के आरोप से निर्दोष होकर भी जवानी के 20 साल जेल में बिताने पड़े।
और पूरा जीवन बर्बाद हो गई माँ बाप और दो भाइयो की मौत हो गई।
विष्णु तिवारी का यह केस एक उदाहरण है कि कैसे कानून का दुरुपयोग होता हैं।
ये आँसू सचिन राघव की आँखों में जो हैं उनको वोट देते समय सवर्ण समाज याद रखे।
जब नेता वोट मांगने आयें तो सवर्ण समाज उनसे पूछे कि
”सवर्णों की खुलेआम लिंचिंग करने की व्यवस्था कैसे खड़ी हो गई?”
आज मेरे पास यहाँ 25 लोग भी नहीं हैं- सचिन राघव
“सवर्ण समाज राजनैतिक अनाथ समाज है!”
अलीगढ़ में करीब 100 नीले कबूतरों ने करनी सेना जिलाध्यक्ष सचिन राजपूत की मॉब लिंचिंग की
उसके बाद उन्हें जबरदस्ती अंबेडकर की मूर्ति के
सामने मुर्गा बनवाकर माफी मंगवाई
हिंदुओं जागो अब एक होकर नीले कबूतरों का
तगड़ा इलाज बाँधने का समय है
अलीगढ़ में "जय बीम" के नारों के बीच 150-200 की "नीले जातंकवादियों" की भीड़ ने करणी सेना जिलाध्यक्ष सचिन राजपूत की मॉब लिंचिंग की।
उसके बाद उन्हें जबरदस्ती अंबेडकर की मूर्ति के सामने मुर्गा बनवाकर माफी मंगवाई।
सोते रहिए, BJP प्रेम में डूबे रहिए।
20 साल पहले जिस परिवार के नाबालिग बच्चे का कत्ल किया था मुस्लिम भीड़ ने, @balrampurpolice ने उन्ही पीड़ित हिन्दुओं का ही कर दिया चालान..
उधारी पर जिन्दा सनातनी अब भरें एक लाख रूपये का मुचलका, वरना बचपन में भाई गंवाने वाला पुनीत काटेगा जेल भी..
दहाड़े मार-मार के रोते हुए मृतक अरविन्द गुप्ता की माँ ने UPCM योगी आदित्यनाथ से लगाई थी न्याय की गुहार..
सरकार किसी की-सिस्टम हमारा वाला डायलॉग साबित हुआ उस उतरौला से जहाँ गिरफ्तार हुआ था दुर्दांत छांगुर पीर..
खास बात- सभी हत्यारे जमानत पर घूम रहे हैं आज़ाद, कुछ के तो निकल गए नाम भी..
#UPPInNews @Uppolice@myogiadityanath
"इस्लाम कबूलो या मोहल्ला छोड़ो".. कानपुर के हिंदुओं को कश्मीर वाला रलिब, ग़ालिब, चलिब विकल्प,
गुजैनी के कच्ची बस्ती में घुसी मुस्लिम भीड़ का सनातनियों पर हमला,
शिकायत पर सुस्ती दिखाने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई,
हमलावरों पर एक्शन के लिए विश्व हिंदू परिषद लामबंद..
#Kanpur #Conversion @kanpurnagarpol
शर्मिष्ठा पनोली को मुहम्मद पर सच्चाई बोलने के आरोप में पुलिस ने उठा लिया, निशु आजाद रामजी, दुर्गा माता और रामायण को मिथक बताकर गालियाँ दे रही है फिर भी आज़ाद घूम रही है।
पोस्ट में एक तरफ शर्मिष्ठा को पुलिस गाड़ी में घसीटते हुए दिखाया गया है, दूसरी तरफ निशु की तस्वीर फर्क साफ़ दिख रहा है कि किसके धर्म की भावनाएँ जल्दी आहत होती हैं।
यही है वोक सेकुलरिज्म का असली चेहरा हिन्दू देवताओं की बेइज्जती पर चुप्पी, इस्लाम पर सवाल उठाने पर तुरंत गिरफ्तारी। इस दोहरे मापदंड ने देश को खोखला कर दिया है।
स्वतंत्र भारद्वाज ने गलत किया तो 70 दिन बाद भी SC/ST लगा दिया जाएगा और वो जेल जाएगा लेकिन उसको पीटनेवाले वीडियो में दिख रहे हैं पर उनपर कोई कार्रवाई नहीं होगी।
अजीत भारती को गाली देनेवाले का बाल भी बांका नहीं होगा लेकिन अजीत के जवाब पर SC/ST एक्ट भी लगेगा और उसको एंटीसिपेटरी बेल भी नहीं मिलेगी।
ये सिर्फ दो उदाहरण नहीं हैं.. यही आज की डेट में हमारे समाज की सच्चाई है।
सवाल बस इतना है कि जब किसी के गलत पर होनेवाला कानूनी एक्शन उसकी जाति देखकर होता है तो वो प्रक्रिया बटेंगे तो कटेंगे की कैटेगरी में आती है या नहीं?
जब देश की व्यवस्था ही हमें एक नहीं मान रही तो काहे का एक हैं तो सेफ हैं फिर? आज कोई और है.. कल को हममें से कोई होगा। बस अपनी बारी का इंतजार कीजिए।
स्वतंत्रत भारद्वाज को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत
अगली सुनवाई 14 दिनों बाद होगी
क्या यही भारत की न्याय व्यवस्था हैं?
कोई जानबुझकर SC/ST Act लगा देता है?
फिर किसी व्यक्ति की जिंदगी तुरंत बर्बाद हो जाती है।
चंद्रशेखर रावण के कार्यक्रम की अनुमति लेने गये
भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने अधिकारी को ही पीट दिया
क्योंकि अधिकारी सवर्ण समाज से था ..
अगर अधिकारी बचाव कर लेता या कुछ बोल देता तो
SC -ST एक्ट लग जाता , तो बस पीटते रहो यही सही है ...?
निकाह में नाच-गाना तो हराम है लेकिन गोलियां चलाना नहीं,
मदीना स्लाटिंग फैक्ट्री के अरबपति मालिक के बेटे का निकाह,
6 सेकेंड में 15 राउंड फायरिंग वो भी प्रतिबंधित बताई जा रही पिस्टल से,
UP के बुलंदशहर में शादाब मियाँ द्वारा दिखाए गए दुस्साहस पर सभी हैरान.
#Bulandshahr@bulandshahrpol
आतंकवाद से कई गुना ज्यादा निर्दोष झूठी शिकायत, झूठी FIR, झूठी जाँच और झूठी गवाही के कारण मरते हैं।
घटिया नियम-कानून और सिस्टम कब बदलेगा?
@PMOIndia@narendramodi
जागो सवर्णों जागो !!!
आज नही जागे तो तुम्हारा वजूद मिटा दिया जाएगा।
कोई BJP,कांग्रेस,सपा,बसपा,AAP या TMC सवर्णों के साथ नही खड़ी है।
यह सब पार्टियाँ मिलकर देश के सबसे प्रबुद्ध समझे जाने वाले सवर्ण वर्ग को 1947 से मूर्ख बना रही हैं।
55% आबादी को यह 45% मिलकर लूट रहे हैं।