🙏 माननीय मुख्यमंत्री@ashokgehlot51 जी आपका बहुत-बहुत आभार आपने OPS देकर हमारा भविष्य सुरक्षित किया इसके लिए कर्मचारी वर्ग आपका ऋणी रहेगा। इस पल को हमेशा याद रखा जाएगा।
💐💐 11 जून 2022 💐💐
स्वर्गीय पिताजी की पुण्य स्मृति में शिक्षा के क्षेत्र में समाज को आगे बढ़ाने के लिए महात्मा ज्योतिबा फुले के द्वारा बताए हुए मार्ग पर चलने का एक छोटा सा प्रयास 🙏
@KCaurasi@ashokgehlot51 पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने के ऐतिहासिक फैसले के लिए माननीय मुख्यमंत्री महोदय का हृदय की गहराइयों से हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं।
जय हो जननायक की।
@1stIndiaNews@RaghusharmaINC@ashokgehlot51 माननीय मुख्यमंत्री महोदय माध्यमिकशिक्षा बोर्ड अजमेर शिक्षा नगरी में स्थित है जो भोगोलिकदृष्टि से भी राज्यके सभी संभागीयो के लिए बहुत उचित स्थान है बीकानेर अपने दृष्टिकोण से शिक्षा विभाग मुख्यालय स्थित होने मात्र से मा शि बोर्ड बीकानेर में शिफ़्टकरना क़तई अनुचित है
राजस्थान के मुख्यमंत्री महोदय आदरणीय अशोक गहलोत साहब तुरंत प्रभाव से पुरानी पेंशन बहाल करने की घोषणा करें जिससे अधिकारी कर्मचारियों का बुढ़ापा सुरक्षित हो और आप की सरकार हमेशा बनी रहे
@ashokgehlot51@GovindDotasra@NPSEFR@ItalianChorni@RahulGandhi
जयराम जैवल्या
NPSEFR
NPSEFR शाखा मालपुरा द्वारा प्रदेश स्तरीय आह्वान पर आज, केंद्र सरकार द्वारा OPS बन्द कर NPS को लागू करने की 22 दिसंबर 2003 को जारी अधिसूचना की प्रतिलिपियों को जलाकर विरोध प्रकट किया गया। तथा राज्य सरकार से पुरानी पेंशन योजना पुनः लागू करने की मांग की गयी।
@ashokgehlot51
Congratulations to Shubham Kumar, who has topped the Civil Services examination as well as Jagrati Awasthi & Ankita Jain for securing 2nd & 3rd positions respectively & also to all the successful candidates. It's your hard work behind this success. Wish you all the very best!
@ashokgehlot51 हमारे प्रिय मुख्यमंत्री जी हमने आपकी योजना के अनुसार खेत पर सोलर पंप लगवाया था जो 1 महीने से बंद पड़ा है खराबी के कारण इस बाबत हमने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर शिकायत भी दर्ज करवाई लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हो रही है कहा जा रहा है कि कंपनी बंद हो चुकी है हमें राहत दी जाए।
@ashokgehlot51@GovindDotasra@RaghusharmaINC@KatariaLalchand कोरोना संक्रमण से बचाव की तमाम पुख्ता व्यवस्था के साथ 1से 12 तक के बच्चों हेतु विद्यालय खोले जाए,ग्रामीण पृष्ठभूमि के अधिकांश बच्चे पढ़ने के स्थान पर बालश्रमिक बन गए है ।अलग-अलग दिन अलग-अलग कक्षाएं लग सकती है।