NOW - Lionel Messi becomes the all-time leading goalscorer in World Cup history.
17 — Lionel Messi 🇦🇷
16 — Miroslav Klose 🇩🇪
15 — Ronaldo 🇧🇷
14 — Gerd Müller 🇩🇪
14 — Kylian Mbappé 🇫🇷
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं।आपने अपने विचारों, साहस और निरंतर प्रयासों से लोकतंत्र की आवाज़ को मजबूती दी है।
आप स्वस्थ रहें, दीर्घायु हों और इसी तरह देश की जनता के लिए अपनी आवाज़ बुलंद करते रहें।
#HappyBirthdayRahulGandhi
எனது அன்புச் சகோதரர், மாண்புமிகு மக்களவை எதிர்க்கட்சித் தலைவர் திரு. ராகுல் காந்தி அவர்களுக்கு இனிய பிறந்தநாள் நல்வாழ்த்துகள்.
இந்தியத் திருநாட்டின் முன்னேற்றத்திற்காகவும், மக்களாட்சி மாண்புகளைக் காத்திடவும், அனைத்துத் தரப்பு மக்களின் நலன்களுக்காகவும் தொடர்ந்து குரல் கொடுத்துவரும் தாங்கள், நல்ல உடல்நலத்துடனும், நீண்ட ஆயுளுடனும், தங்களின் அனைத்து முயற்சிகளும் வெற்றியடையவும், பொதுவாழ்வில் சிறப்புடன் பணியாற்றிடவும் வாழ்த்துகிறேன்.
Warm birthday wishes to my dear brother, Thiru. Rahul Gandhi,
Hon’ble Leader of the Opposition in Lok Sabha.
I wish you good health and a long life as you continue to raise your voice for the nation’s progress, the preservation of democratic values and the welfare of people from all walks of life. May all your endeavours meet with success and may you continue to serve with distinction in public life.
#CMJosephVijay
@RahulGandhi@TVKVijayHQ
BJP युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष व एक अन्य पदाधिकारी के साथ महादेव बेटिंग नाम के एप पर लाखों युवाओं को जुए की लत में उलझाकर करोड़ों के अवैध कारोबार में संलिप्त रवि गोदारा ,जिसे मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp द्वारा बनाई गई एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने कई देशों की मुद्रा ,3 पासपोर्ट सहित अन्य सामग्री के साथ पकड़ा था,उससे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष BJP कार्यालय में खुद का स्वागत करवा रहे है |
@madanrrathore जी, राजस्थान की जनता आपसे पूछ रही है,यह रिश्ता क्या कहलाता है ?
BJP प्रदेश अध्यक्ष मीडिया के सामने सार्वजनिक रूप से जनता को कब बताएंगे कि लाखों युवाओं को महादेव एप से जोड़कर , करोड़ो ठगने वाले अपराधी से आप क्यों स्वागत करवा रहे हो ?
चुनाव आयोग के साथ मिलकर मोदी लोकतंत्र की हत्या करने में लगे हैं.
इसी साजिश के तहत आज मध्य प्रदेश से राज्य सभा की कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन जी का नामांकन रद्द कर दिया गया.
इस अलोकतांत्रिक कदम के खिलाफ जब कांग्रेस का डेलिगेशन चुनाव आयोग पहुंचा तो आयोग के अधिकारी उनसे मिलने को तैयार नहीं थे.
ऐसे में कांग्रेस के डेलिगेशन को चुनाव आयोग के बाहर ही धरने पर बैठना पड़ा.
देश देख रहा है - मोदी और चुनाव आयोग कैसे लोकतंत्र को खत्म करने में लगे हैं.
राजस्थान में भजनलाल सरकार द्वारा मंदिरों, मस्जिदों और अन्य धार्मिक स्थलों को हटाने की जो कार्रवाई शुरू की गई है, उस कार्रवाई ने एक बार फिर वसुंधरा राजे के शासन काल के उस कालखंड का स्मरण करा दिया जब विकास कार्यों के नाम पर धार्मिक आस्थाओं से जुड़े कई प्रमुख स्थलों को जनता की सहमति और पर्याप्त संवाद के बिना हटाया गया था। प्रश्न केवल किसी एक मंदिर या मस्जिद का नहीं है, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, सांस्कृतिक विरासत और लोकतांत्रिक अधिकारों का है।
जयपुर में मस्जिद को ध्वस्त किए जाने की कार्रवाई के विरोध में कुछ मुस्लिम विधायकों ने अपनी बात रखी, लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि वर्षों तक मुस्लिम समुदाय के समर्थन से राजनीति करने वाले प्रदेश के कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता इस मुद्दे पर मौन साधे हुए हैं। उनकी यह चुप्पी अनेक सवाल खड़े करती है। क्या सत्ता और विपक्ष के कुछ प्रमुख नेताओं के बीच धार्मिक आस्थाओं से जुड़े मामलों में कोई मौन सहमति बन चुकी है ? जनता इस सवाल का जवाब चाहती है।
विकास किसी भी लोकतांत्रिक सरकार का दायित्व है और हम विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं। लेकिन विकास का अर्थ यह नहीं हो सकता कि लोगों की भावनाओं, धार्मिक विश्वासों और ऐतिहासिक विरासत को नज़रअंदाज़ कर दिया जाए। यदि सड़क, परियोजना या सौंदर्यीकरण के नाम पर मंदिरों और मस्जिदों को हटाया जाता है, तो उससे पहले संबंधित समुदायों से संवाद, सहमति और विश्वास निर्माण की प्रक्रिया आवश्यक है।
मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री को यह स्मरण दिलाना चाहता हूं कि लोकतंत्र बुलडोज़र की ताकत से नहीं, बल्कि जनता के विश्वास से चलता है।
सबसे गंभीर प्रश्न यह है कि ऐसी कार्रवाइयों के दौरान बार-बार इंटरनेट सेवाएं बंद करने की नौबत क्यों आती है ? इंटरनेट बंद होने का सबसे बड़ा नुकसान आम नागरिकों को उठाना पड़ता है। डिजिटल भुगतान ठप हो जाते हैं, छोटे दुकानदारों से लेकर सब्जी विक्रेताओं तक का व्यापार प्रभावित होता है, उबर, ओला, स्विगी, ज़ोमैटो और अन्य ऑनलाइन सेवाओं से जुड़े हजारों युवाओं की रोज़ी-रोटी रुक जाती है। यात्रियों को टिकट, बैंकिंग और अन्य आवश्यक सेवाओं में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
यदि किसी प्रशासनिक कार्रवाई के लिए बार-बार इंटरनेट बंद करना पड़े, तो यह इस बात का संकेत है कि सरकार संबंधित पक्षों का विश्वास जीतने और सामाजिक सहमति बनाने में विफल रही है। संवाद की कमी और जनभागीदारी की उपेक्षा ही तनाव की सबसे बड़ी वजह बनती है।
राजस्थान पहले ही देश के उन राज्यों में गिना जाता रहा है जहाँ जम्मू कश्मीर के बाद सबसे अधिक बार इंटरनेट सेवाएं बंद की गई है,यह स्थिति किसी भी डिजिटल अर्थव्यवस्था और आधुनिक शासन व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। सरकार को चाहिए कि वह विकास और विरासत, प्रशासन और आस्था, कानून और जनविश्वास,इन सभी के मध्य संतुलन स्थापित करे। क्योंकि लोकतंत्र में जनता की भावनाओं को दरकिनार करके किया गया विकास अंततः विवाद का कारण बनता है, जबकि संवाद और सहमति से किया गया विकास स्थायी और सर्वस्वीकार्य होता है |
@BhajanlalBjp@PMOIndia@RajCMO
Yesterday, thousands of us made history. Our peaceful protest at Jantar Mantar showed the government a trailer of what cockroaches are capable of when we unite.
Most people who joined us yesterday had never participated in a protest before. But they felt emboldened by our collective presence to express their sheer anger and frustration at the education system. Change cannot happen if we don’t make our voices heard.
I want to thank each and every one of you who braved the hot summer sun, young kids and students included, and proved that a peaceful protest is our greatest strength. The government cannot touch a unified, peaceful movement. Us cockroaches don’t ever need to fear them.
But this doesn't end here. Dharmendra Pradhan has wronged an entire generation. If he is not removed or does not step down within the next 7 days, we will be forced to continue our protest on the ground.
I will address you all on an Instagram live later today. Stay tuned.
बीएडधारी प्रयोगशाला सहायक को वरिष्ठ अध्यापक प्रमोशन की वरिष्ठता में शामिल के निर्देश जारी कर दिए गए है.संगठन के द्वारा किए प्रयास हेतु आज राजस्थान प्राथमिक माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा एवं सभाअध्यक्ष शशि भूषण शर्मा का शिक्षा संकुल में स्वागत किया गया ।
*राजस्थान प्रयोगशाला सहायक संघ (शिक्षा विभाग)* का app आ गया है ।
सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by *Kutumb App*
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प्रयोगशाला सहायक कैडर विस्तार-शिक्षा सचिव को ज्ञापन
दिनांक :सोमवार, 08 जून
समय:प्रातः 11:00 बजे
स्थान: शिक्षा संकुल, जयपुर
सभी प्रयोगशाला सहायक साथी अपनी ताकत दिखाएं और अधिक से अधिक संख्या में जयपुर पहुँचें।
👤 ओपी चौधरी @opchoudharyjaat (प्रदेशाध्यक्ष - लैब प्रकोष्ठ, RESMA)
मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp
को स्मरण दिलाना चाहता हूँ कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करना कोई अपराध नहीं है। कुचामन में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के कार्यकर्ता बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के समक्ष लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर ज्ञापन देने गए थे, लेकिन उन्हें पहले शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया और बाद में उन पर राजकार्य में बाधा डालने जैसे झूठे मुकदमे दर्ज कर दिए गए। इतना ही नहीं, उन्हें पकड़ने के लिए हिस्ट्रीशीटर अपराधियों की तरह इनाम भी घोषित कर दिया गया। यह आपकी सरकार की नैतिकता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
जनता की आवाज़ को मुकदमों और भय के माध्यम से दबाने का प्रयास किसी भी लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को शोभा नहीं देता। सरकार और प्रशासन का दायित्व निष्पक्षता से कार्य करना है, न कि राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित होकर विपक्षी विचारधारा के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाना,ऐसे में डीडवाना-कुचामन के जिला पुलिस अधीक्षक (SP) ने जिस प्रकार अपनी जिम्मेदारियों को भूलकर RLP कार्यकर्ताओं को पकड़ने के लिए इनाम घोषित किया है, वह उनकी संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है। राजस्थान की जनता यह सब देख रही है।
सरकार और प्रशासन को याद रखना चाहिए कि लोकतंत्र में जनता की आवाज़ को मुकदमों, धमकियों और इनाम की घोषणाओं से दबाया नहीं जा सकता। सत्ता के अहंकार में उठाए जा रहे ऐसे कदमों को जनता देख रही है और समय आने पर उसका लोकतांत्रिक रूप से जवाब भी देगी।
हम लोकतांत्रिक अधिकारों के इस खुले दमन की कड़ी निंदा करते हैं और मांग करते हैं कि निर्दोष कार्यकर्ताओं पर दर्ज सभी झूठे मुकदमे तत्काल वापस लिए जाएँ। लोकतंत्र में विरोध की आवाज़ को कुचलने का जो प्रयास सरकार कर रही है, वह प्रयास अंततः जनशक्ति के सामने पराजित होगा।
मैं पुनः मुख्यमंत्री से कहना चाहता हूँ कि जनता की आवाज़ न कभी झुकी है और न कभी झुकेगी। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी का कोई भी कार्यकर्ता आपकी गलत नीतियों से डरने वाला नहीं है।
@RajCMO@PTI_News@ANI@DainikBhaskar@rpbreakingnews@JagranNews@aajtak@ABPNews@ZeeNews@BBCHindi@News18Rajasthan@zeerajasthan_@1stIndiaNews@NavbharatTimes@AmarUjalaNews@TOIIndiaNews@htTweets@IndianExpress
संत, सनातन और गौमाता के नाम पर सत्ता में आई राजस्थान की भाजपा सरकार आज संतों की तपस्या और आस्था की उपेक्षा कर रही है। राजनीतिक और आर्थिक लाभ के लिए सनातन की भावनाओं को आहत किया जा रहा है।
जयपुर जिले में स्थित दादूपंथ की आस्था के प्रमुख केंद्र भैराणा धाम को औद्योगिक क्षेत्र (रीको) के लिए अधिग्रहण से बचाने हेतु संत समाज पिछले दो महीनों से आंदोलनरत है। भीषण गर्मी में संतजन तपस्या करते हुए इस पवित्र स्थल एवं पर्यावरण की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
27 मई को प्रदेशभर से राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के कार्यकर्ता और सदस्य संतों के सम्मान में भैराणा धाम पहुंचे तथा लोकतांत्रिक तरीके से संत समाज की आवाज सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया। महापंचायत के दौरान सरकार के निर्देश पर आए अधिकारियों के साथ वार्ता हुई, लेकिन प्रथम चरण में सहमति नहीं बन सकी। संतों के निर्देशानुसार जयपुर कूच का निर्णय लिया गया।
इसके बाद सरकार ने पुनः अधिकारियों को वार्ता के लिए भेजा और मध्य रात्रि के बाद हुई बातचीत के दौरान प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और संत समाज की संयुक्त समिति बनाने, भैराणा धाम में प्रस्तावित रीको परियोजना को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने सहित कई बिंदुओं पर जनता, संतों और मीडिया के समक्ष सार्वजनिक सहमति व्यक्त की गई। इसके पश्चात जयपुर कूच स्थगित कर दिया गया।
किन्तु 27 मई से आज 1 जून हो गई मगर सरकार द्वारा किए गए आश्वासनों को अमल में लाने की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई होती दिखाई नहीं दे रही है। सार्वजनिक रूप से किए गए वादों का पालन न करना सरकार की विश्वसनीयता को कमजोर करता है।
मैं राजस्थान सरकार से कहना चाहता हूं कि यदि वह इस मामले में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी को श्रेय नहीं देना चाहती, तो यह उसकी इच्छा है। हमने हमेशा श्रेय से अधिक जनहित को प्राथमिकता दी है। लेकिन संत समाज की भावनाओं का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। जब किसी जनआंदोलन के बाद सरकार सार्वजनिक समझौता करे और फिर अपने वादों से पीछे हट जाए, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए शुभ संकेत नहीं है।
मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp
से कहना चाहता हूं कि 27 मई को हुए समझौते के बाद आपकी सरकार से जुड़े विभिन्न संगठन संतों पर अनैतिक दबाव बनाने और उन्हें भयभीत करने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही, वास्तविक मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के कार्यकर्ताओं के विरुद्ध कथित रूप से झूठे मुकदमे दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा रही है।
सरकार को चाहिए कि वह समय पर संभल जाये और समझौते के अनुरूप तत्काल कार्रवाई करे, संत समाज की भावनाओं का सम्मान करे तथा भैराणा धाम की पवित्रता और पर्यावरण की रक्षा सुनिश्चित करे अन्यथा प्रदेश भर में भैराणा धाम को बचाने के लिए आंदोलन किए जाएंगे और इन आंदोलनों के दौरान किसी भी प्रकार से कानून व्यवस्था बिगड़ती है तो उसकी पूर्ण जिम्मेदारी राजस्थान सरकार की होगी |
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी सत्ता की लाठी और गोली से डरने वाली नहीं है |
@PMOIndia@RajCMO
संत समाज असमंजस की स्थिति में है। असमंजस इस बात को लेकर है कि उनकी मांगें वास्तव में मानी गई हैं या उन्हें अधर में छोड़ दिया गया है।
बुधवार को हुई महापंचायत और देर रात नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के जयपुर कूच को रोकने के बाद आंदोलन समाप्त होने की चर्चा होने लगी थी, लेकिन प्रस्तावित रीको स्थल पर संतों का धरना अब भी जारी है।
“भैराणा धाम बचाओ, रीको हटाओ” के नारों के साथ संत समाज अपनी मांगों पर कायम है। उनका कहना है कि बेनीवाल और सरकार के बीच हुई वार्ता के अनुसार यदि सात दिन में कमेटी का गठन हो जाता है और एक महीने के भीतर रीको को वहां से हटा दिया जाता है तो ठीक, अन्यथा संत समाज आगे अपनी लड़ाई स्वयं लड़ेगा।
संतों ने चेतावनी दी है कि आवश्यकता पड़ने पर वे चारों शंकराचार्यों से मुलाकात करेंगे और देशभर के संत समाज को इस आंदोलन से जोड़ेंगे। तब तक उनका धरना लगातार जारी रहेगा।