यह दुनिया झूठ के कारोबार से चलती है।
जो जितनी सफ़ाई से झूठे ख़्वाब बेच सकता है,
वह उतना ही मालामाल रहता है।
- सुषमा गुप्ता । जन्मदिवस विशेष
"मन विचित्र बुद्धि चरित्र" पुस्तक से एक उद्धरण
बातचीत के दौरान मैंने जो चीजें सीखीं,
उनमें से एक यह थी कि
जब तक मैं खुद को नहीं बदलूंगा,
तब तक मैं दूसरों को नहीं बदल सकता।
- नेल्सन मंडेला । जयंती विशेष
#NelsonMandela
इतनी गर्मी है कि अपने घरों तक में रहना मुश्किल है और इतनी भीषण गर्मी में जो लोग जंतर मंतर पर है वो दिखाता है कि कितना जज्बा है उनके अंदर, सोनम वांगचुक पिछले 19 दिनों से भूखे है और हम सबके हिस्से की लड़ाई लड़ रहे है।
खुदी राम बोस ने 116 साल पहले क्या उम्दा लिखा था.
इसी तरह, यदि किसी व्यक्ति की वास्तविक पहचान करनी हो, तो उसे धन दे दो।
किसी इंसान की असली परख तब होती है, जब उसके पास पर्याप्त धन और साधन हों। तब उसका वास्तविक स्वभाव धीरे-धीरे सामने आने लगता है।
अभाव में जीने वाला व्यक्ति अक्सर अपनी अनेक प्रवृत्तियों को दबाकर रखता है; यह उसकी मजबूरी होती है, क्योंकि परिस्थितियाँ उसे खुलकर जीने का अवसर ही नहीं देतीं।