@umashankarsingh आपने जैसे लोगों को इंगित किया है वो गिद्ध समुदाय बहुत बड़ी तादात में हैं।कुछ लोगों को भ्रम है कि ये साहसी हैं क्योंकि bjp के विरुद्ध हैं तथा कमजोर लोगों कि आवाज उठाते हैं।ऐसा भ्रम फैला कर समाज के बहुतायत न्यूट्रल लोगों से नैतिक समर्थन पाने में सफल हो जाते हैं
>IIT मुंबई का एक छात्र आत्महत्या कर लेता है, लेकिन वो दलित होता है इसलिए हमारे समाज ने तुरंत मान लिया कि उसका शोषण हुआ,
>जिस प्रोफेसर ने उसे नकल करते पकड़ा, उसको दुनिया के सामने नंगा किया गया, उसके ऊपर SC/ST एक्ट की कार्यवाही की माँग की गयी,
>प्रोफेसर के खिलाफ सोशल मीडिया कैंपेन चलायी गयी , क्या आपको लगता है ऐसे माहौल में देश के किसी संस्थान में कोई ब्राइट माइंड काम करना चाहेगा?
>कोई इन सबसे अलग विदेश जाकर अपना कैरियर क्यूँ नहीं बनाना चाहेगा? कोई ऐसे देश की देशभक्ति क्यूँ करेगा जहां भीड़तंत्र का राज हो?
>छात्र के माता पिता ने बच्चे को जातिगत शोषण का शिकार माना और लगातार मीडिया बाइट देकर संस्थान और प्रोफेसर को बदनाम किया,
>संस्थान के क्लासरूम में कैमरा था और सच सबके सामने आ गया, लेकिन कैमरा नहीं होता तो क्या होता?
>ऐसे ही न जाने कितने लोग सबूतों के अभाव में फर्जी SC/ST का शिकार हुए हैं और सजा काट रहे हैं,
बाहर का टेंप्रेचर 44*C
कोच का टेंपरेचर 17*C
फ्लाइट, शताब्दी, वंदेभारत की तरह राजधानी और अन्य सभी ट्रेन का टेंपरेचर 24*C क्यों नहीं रखते हैं?
न कंबल की जरूरत पड़ेगी, न स्वास्थ्य खराब होगा
बिजली भी बचेगी और पैसा भी बचेगा
@PMOIndia@narendramodi@AshwiniVaishnaw@RailMinIndia
Romila Thapar’s false claim for 30+ years
For more than thirty years, eminent historian Romila Thapar has claimed that Patañjali compared the relationship or conflict between the Brahmanas and the Shramanas to that between the snake and the mongoose.
The claim is completely false. Watch to know more.
@khurpenchh@kamleshksingh ताऊ को अध्यक्ष बनाने का समर्थन मैं भी करता हूं, बल्कि मांग करता हूं, अगर वे अध्यक्ष पद स्वीकार न करें तो पहिला आंदोलन उन्हीं के घर के बाहर किया जाए😂😊
बिहार में 47 डिग्री धूप में जनता को घंटों रोक दिया VIP साहब के आने के नाम पर। लोग तंग आ गए, एक साथ हॉर्न बजाने लगे। पुलिस के हाथ-पैर फूल गए। आखिर में VIP मूवमेंट का तमाशा बंद करके रास्ता खोलना पड़ा।
देशभर में ऐसे ही होना चाहिए। चोर VIP संस्कृति का यही जवाब है। जनता अब जाग रही है।
@epanchjanya ये एक आम लड़की है और इस लड़की का ये बोलना ये दिखाता है कि धार्मिक कट्टरता स्वभावतः इनके अंदर बैठा हुआ है जिसे इस समाज के सयाने लोग छुपा ले जाते हैं। एक और संदेश उन तथाकथित बुद्धिजीवियों के लिए भी है जो कहते हैं मुस्लिम समाज डर के जी रहा है!!
पिटने वाले बीजेपी के प्रत्याशी शिवेंदु सरकार हैं,
और पीटने वाले टीएमसी के कार्यकर्ता।
अगर इसी का उल्टा हो जाए तो लोकतंत्र तुरंत खतरे में आ जाएगा,
बाकी सब ठीक चल रहा है।
बहुत ही ज्ञानवर्धक वीडियो…
इस वीडियो में भारतीय कागजी मुद्रा के पूर्व और वर्तमान स्वरूप को बड़े ही दिलचस्प तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जो समय के साथ हुए बदलावों को समझने का एक बेहतरीन माध्यम है।
आप भी इस वीडियो को जरूर देखें और अपने बच्चों को दिखाएं, ताकि वे हमारी मुद्रा के इतिहास और विकास को सरलता से जान सकें।
#indianruppes
उम्दा काम। अगली बार जब भी सीतामढ़ी आना हुआ, आपके साथ मिलकर एक दिन इस अभियान का हिस्सा बनना चाहेंगे।
ऐसे ही लगे रहिए, हर जिले में युवा का ऐसा ही एक ग्रुप होना चाहिए।
आप सभी को बहुत दुख के साथ बताना चाहता हूँ,
मैडम को बादाम खिलाने वाले युवक के ऊपर मैडम ने FIR करवा दी है, हम युवक के साथ है ,उनको पूरी कानूनी मदद दी जाएगी।
Dear @SEVA_NBPDCL
I live in Motihari city and from the past two days there have been several times power cuts have happened. Especially at midnight for 2 or 3 hours the powercut is going on.
Please look into this matter. @officecmbihar@EnergyBihar@Bijendra_ydv
Received via WA but makes sense 👇
मेरे आदरणीय,
कृपया आपसे निवेदन है…
“मार्च 2027” तक भारत की जनगणना पूरी होने जा रही है। जनगणना अधिकारी शीघ्र ही आपसे जानकारी एकत्र करने के लिए मिलेंगे।
आपसे जब आपकी मातृभाषा पूछी जाएगी और उसके बाद जब आपसे यह पूछा जाएगा कि आप कौन-कौन सी भाषाएँ जानते हैं, तो कृपया “संस्कृतम्” को भी उन भाषाओं में अवश्य शामिल करें जिन्हें आप जानते हैं। यद्यपि हम सभी संस्कृतम् बोल नहीं पाते, फिर भी हम प्रतिदिन अपनी प्रार्थना, जप, श्लोक तथा सभी धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-पाठ में इसका उपयोग करते हैं।
पिछली जनगणना के अनुसार पूरे देश में संस्कृत बोलने वालों की संख्या मात्र हजारों में थी, जबकि अरबी और फ़ारसी बोलने वालों की संख्या बहुत अधिक है। उन भाषाओं के विकास के लिए उन्हें वित्तीय सहायता भी मिलती है। यदि संस्कृतम् को “लुप्तप्राय” भाषा घोषित कर दिया गया, तो हमारे प्राचीन धर्मग्रंथ, वेद, पुराण आदि का प्रकाशन बंद हो सकता है। हम अपनी जड़ों से कटते जाएंगे और अंततः पूजा-अर्चना का अर्थ केवल DJ बजाने तक सीमित हो जाएगा।
देवभाषा संस्कृतम् भारत की सबसे प्राचीन और सुंदर भाषा है। यह सभी भाषाओं की जननी है। इस भाषा को जीवित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। यदि संस्कृत को “लुप्त” भाषा घोषित कर दिया गया, तो इसके विकास और विस्तार के लिए कोई आर्थिक सहायता नहीं मिलेगी। संभव है कि हम संस्कृत को हमेशा के लिए खो दें।
केवल हमारी जागरूकता और प्रयास ही संस्कृत को जीवित रख सकते हैं। अभी भी देर नहीं हुई है। कृपया संस्कृत सीखने के साथ-साथ यह छोटा-सा प्रयास अवश्य करें।
यदि आपको यह उचित लगे, तो कृपया इस संदेश को अपने सभी परिचितों तक अवश्य पहुँचाएँ।
Dear Kashmiri Hindus, I want to wish you happy Navreh but every time I think of you, I think of the hollowness of my wishes, I think of how we failed you, I think of how 700,000 of you still cannot return to your homes, and so please accept not my wishes but my apologies.
Sorry.
@harivansh1956 सुना मैंने आपका विदाई भाषण सर, हमेशा की तरह बेहतरीन, आप जैसे व्यक्तित्व से संसद शोभायमान होती है। हार्दिक शुभेच्छा है कि आप संसद पुनः लौटें 🙏 जय हो विजय हो मंगल हो 🌺🙏