मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार तत्काल संज्ञान लें और रिज़ल्ट को पारदर्शी बनाएं।
यूपी MLC मतगणना में जानबूझकर देरी कराई जा रही है। मतों को धीरे धीरे गिनवाया जा रहा है, चुनाव आयोग के द्वारा हर राउंड का रिज़ल्ट आधिकारिक तौर पर नहीं बताया जा रहा है।
ना ही राजनीतिक दलों को और ना ही मीडिया को कोई सूचना साझा की जा रही है।
चुनाव आयोग लोकतंत्र का मज़ाक़ ना बनाए. सपा के कार्यकर्ता और पदाधिकारी मतगणना पर पैनी नज़र बनाए हुए हैं। सभी कार्यकर्ता जीत का सर्टिफिकेट मिलने तक मुस्तैद रहेंगे। ज़िलाधिकारी और कमिश्नर अगर किसी प्रकार की बेईमानी की कोशिश करेंगे तो उनके ख़िलाफ़ हम आंदोलन करेंगे और मुक़दमा दर्ज कराएँगे.
कभी देश की आज़ादी के लिए अपना ख़ून देने वाले युवा; अब बेरोज़गारी की वजह से अपना ख़ून देने को मजबूर हैं।
भाजपा ने देश के नौजवानों के ख्वाबों को कुचल दिया है। उप्र बेरोज़गारी-बेकारी के आपातकाल से गुज़र रहा है।
अब यही युवा भाजपा के शासन का निष्कासन पत्र लिखेंगे।
जस्टिस संजय किशन कौल ने कुछ नया नहीं बताया है. सबको पता है - जजों की नियुक्ति में सरकार की चलती है.
चंद्रचूड़ मोदी सरकार के प्रति जरूरत से ज्यादा नरम थे, ये तो सबने देखा था.
चंद्रचूड़ ने चीफ जस्टिस रहते हुए मोदी को अपने घर बुलाया और गणेश पूजा करवाई.
नजाने अब लोग क्यों चौंक रहे हैं. आप कुछ फैक्ट देख लेते तो भी समझ जाते 👇
• साल 2020 में रिटायरमेंट के बाद पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई को राज्यसभा भेज दिया गया. उन्होंने राम मंदिर पर फैसला सुनाया था.
• अभी पिछले महीने ज्ञानू की बिटिया का केस सुप्रीम कोर्ट में गया. सुनवाई के दौरान ऑडियो म्यूट कर दिया गया.
इतना ही नहीं - रोस्टर के हिसाब से केस जस्टिस बी.वी. नागरत्ना की बेंच को सौंपा जाना चाहिए था, लेकिन केस को जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच के सामने लिस्ट कर दिया गया.
खास बात है कि जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा के बेटे सिद्धार्थ शर्मा, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चुनाव आयोग के वकील हैं.
आप जब गौर से देखेंगे तो पाएंगे - सरकार और ज्यूडीशियरी का बहुत गहरा कनेक्शन है.
ये सब कहने की बातें है कि न्यायपालिका स्वतंत्र है, उसपर सरकार का जोर नहीं.
आप अगर ऐसा सोच रहे हैं - तो आप भ्रम में जी रहे हैं, या तो गहरी नींद में हैं... जाग जाइए.
सरकारी सिस्टम किस तरह आम इंसान को परेशान करता है, समझ लीजिये
पटवारी की मासिक सैलरी - 40000
तहसीलदार की मासिक सैलरी - 90000
रजिस्ट्रार की मासिक सैलरी - 1 लाख लगभग
कोर्ट क्लर्क की मासिक सैलरी - 21000
इनका काम है पब्लिक के कोर्ट कचहरी के कामों को आसान बनाना. लेकिन ये करते क्या हैँ??
पटवारी - ड्यूटी पर मिलता नहीं है
तहसीलदार - मर्ज़ी से आकर ड्यूटी करता है
रजिस्ट्रार - 8 घंटे की ड्यूटी में 4 घंटे मिलेगा
क्लर्क - ये कागज लाओ, ये ठीक नहीं है बोलेगा
आम इंसान कोर्ट का कोई भी काम कराये, उसको चक्कर जरूर कटवाए जाते हैँ.
इसका अनुभव मैंने 5 दिन में किया है.
और नेताओं के काम घर बैठे होते हैँ.
कुछ गलत कहा तो बताओ
In a small Greek restaurant in Cambridge my journey of love began.
Rajiv and I created a world filled with love, laughter and memories. On 10th November, I share that world with you.
@Jairam_Ramesh देश में भयानक महंगाई है और बढ़ती बेरोजगारी ने आम आदमी का जीना मुश्किल कर दिया है.लोगो को घर की छोटी छोटी जरूरतें पूरी करने के लिए भी लोन या कर्ज लेना पड़ रहा है! और ये सब वोट चोरी का नतीजा है !
वोट चोरी अब एक साबित हो चुकी सच्चाई है।
ECI के अपने आंकड़ों के मुताबिक, 10 करोड़ से अधिक भारतीयों के वोट देने के संवैधानिक अधिकार पर खतरा मंडरा रहा है।
ECI ने नए मतदाताओं के लिए बाधाएं खड़ी करने के उद्देश्य से Form 6 में गैरकानूनी बदलाव किए। साथ ही, मतदाताओं के नाम चुन-चुनकर हटाने के लिए Form 7 के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग को भी बढ़ावा दिया है।
CEC ने ECINet का इस्तेमाल करके मतदाता सूची पर नियंत्रण को केंद्रीकृत कर दिया है और इस दौरान सभी कानूनी सुरक्षा प्रावधानों को दरकिनार किया है।
पूरा देश आक्रोशित है। जनता में भारी गुस्सा है। दमन के बावजूद विरोध प्रदर्शन जारी हैं।
प्रधानमंत्री का पूरा तंत्र अब हताशा और घबराहट में लोगों का ध्यान भटकाने और असल मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहा है। इसके लिए वह वही कर रहा है जो उसके DNA में है-झूठ फैलाना।
लेकिन वह इसमें सफल नहीं होगा। PM-HM की जोड़ी पूरी तरह एक्सपोज हो चुकी है और देश की जनता उन्हें जवाबदेह ठहराएगी।
Trump के दबाव में Compromised Modi अमेरिका से भारी मात्रा में महंगी LPG खरीद रहे हैं.
भारत में अमेरिकी राजदूत Sergio Gor के मुताबिक, भारत सबसे ज्यादा LPG अमेरिका से खरीद रहा है. पिछले एक साल में अमेरिका की हिस्सेदारी 10% से बढ़कर 67% हो गई है.
अमेरिका से आने वाली LPG हमें बहुत महंगी पड़ती है, क्योंकि अमेरिका से दूरी और जहाज किराया बहुत ज्यादा होता है.
इसकी जगह UAE से आने वाली LPG हमें सस्ती पड़ती है और देश के पैसे बचते हैं.
ये सब जानते हुए भी Compromised Modi अमेरिका और Trump के दबाव में देश का नुकसान करवा रहे हैं.
न जाने अमेरिका के पास कौन सी फाइल है, जिसकी वजह से मोदी इतना डर रहे हैं.
अमेरिका से भारत दबाकर LPG खरीद रहा है. खास बात है कि अमेरिका वाला LPG हमें महंगा पड़ रहा है, इसके बाद भी हम खरीद रहे हैं.
कल अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी बताया- भारत को सबसे ज्यादा LPG सप्लाई करने वाला देश अमेरिका बन गया है. एक साल में ये हिस्सेदारी 10% से बढ़कर 67% हो गई है.
हमें UAE से सस्ता LPG मिल सकता है, लेकिन हम अमेरिका वाला महंगा LPG खरीद रहे हैं.
ट्रंप तो "America First" की नीति पर काम कर रहा है. इसलिए हम पर दबाव बनाकर LPG और वेनेजुएला वाला कच्चा तेल बेच रहा है.
हमारे वाला भारत को क्यों नुकसान पहुंचा रहा है. वो क्यों नहीं "India First" बोलकर, तनकर खड़ा हो जाता है.
आखिर डर किस बात का है?
Modi is entangled in Hardip’s provider’s role. Therefore our PM must come out in Indian media openly, and make clear what he did with Hardip. I could go to Court, but it is better for BJP if Modi makes his position himself.
मोदीजी एक मंत्री हरदीप पुरी जेफ्री एपस्टीन को अकेलेमे मिल रहे है?
किसका संदेश लेकर मिले?
ये शुरुवात है,
आगे आगे देखो क्या होने जा रहा है?
@RSSorg रेजीम चेंज होगा!
जय हिंद!
ठाण्यात पूर्णेकर हत्या;
मुंबईत टाइगर श्रॉफ वर गोळीबार!
कायदा आणि सुव्यवस्था पूर्ण कोसळून पडली आहे!
राष्ट्रपती राजवट हाच एकमेव पर्याय आहे!
देवेंद्र फडणवीस हे सगळ्यात अपयशी गृहमंत्री ठरत आहेत!
@PMOIndia@rashtrapatibhvn@Dev_Fadnavis
युवा:— हमें नौकरियां चाहिए।
BJP:— अरे तुम तो पाकिस्तानी हो।
जनता :— देश में महंगाई बढ़ रही है।
BJP:— अरे तुम तो कांग्रेस समर्थक हो।
जनता:— हमें मोदी चाहिए– हमें मंदिर चाहिए।
BJP:— वाह! तुम्ही तो सच्चे देशभक्त हो।
बस आजकल देश में यही चल रहा है।
ग्वालियर, मध्यप्रदेश में शीतला माता मंदिर के पास एक बेकाबू ट्रक द्वारा हुए भीषण हादसे में कई श्रद्धालुओं की मृत्यु की खबर बेहद दुखद है।
इस दुर्घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। दुख की इस घड़ी में उनके साथ हूं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की आशा करता हूं।
कर्नाटक में चुनाव आयोग का कमाल👇
यहां लोग खुद को मरा बताकर, खुद का नाम वोटर लिस्ट से कटवा रहे हैं. लोग Form-7 भरकर कह रहे हैं - “मैं मर गया हूँ, मेरा नाम वोटर लिस्ट से हटा दो.”
खास बात है कि फॉर्म भरने वालों को भी नहीं पता, उन्होंने फॉर्म भरकर ये कांड किया है
है ना कमाल