2020 की घटना
सूरत में दो करोड़ के ड्रग्स के साथ आदिल सलीम नूरानी नाम का एक शांतिदूत पकड़ा गया तब गुजरात के लोगों को पता चला कि अहमदाबाद सूरत और बड़ोदरा में जो कंसार थाल के नाम से बहुत प्रसिद्ध गुजराती रेस्टोरेंट है उसका मालिक ये आदिल सलीम नूरानी है और आप यह देख कर चौक जाएंगे कि इसके हर रेस्टोरेंट में प्रवेश करते ही आपको गणेश जी की प्रतिमा नजर आएगी आदिल सलीम नूरानी रेस्टोरेंट के अलावा सूरत के कामरेज रोड कडोदरा एरिया में पेट्रोल पंप भी है
कंसारा गुजरात में हिंदुओं की एक जाति होती है जो पारंपरिक तरीके से अलग-अलग धातुओं को मिलाकर एक मिश्र धातु जिसे कांसा कहते हैं उस कांसे को हाथों से ही हथौड़े से पीट-पीटकर थाली बनाती है और उस थाली में भोजन करना बहुत अच्छा माना जाता है क्योंकि शास्त्रों में भी कंसार के द्वारा हाथों से बनाई गई मिश्र धातु की थाली में भोजन करना बहुत लाभप्रद बताया गया है
कंसार एक तरह का पारंपरिक व्यंजन होता है जो पूजा पाठ में हिंदू बनाते हैं
अब यह धूर्त अपने रेस्टोरेंट का नाम कसाई थाल हलाल थाल इत्यादि नहीं रखकर अब हिंदुओं के नाम पर रखकर हिंदुओं से पैसा कमा रहे हैं
लेकिन आश्चर्य इस बात का कि यह शांतिदूत वैसे तो मूर्ति पूजा के खिलाफ होते हैं लेकिन जब धंधे की बात आती हो या हिंदुओं को धोखा देने की बात आती हो तब यह अल तकिया अपनाकर एक छद्म आवरण पहन लेते हैं ताकि हिंदू इनके रेस्टोरेंट में खाना खाने जाए
गोधरा कांड पर बनी फिल्म "साबरमति रिपोर्ट" को मिल रहा अद्भुत समर्थन!
सोशल मीडिया पर फ़िल्म को लेकर लिख रहे हैं लोग।
बड़ी संख्या में फ़िल्म को सोशल मीडिया पर मिल रहा है समर्थन।
फ़िल्म में तत्कालीन मीडिया द्वारा फैलाये गए झूठ को उजागर किया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी ट्वीट कर फ़िल्म को दिया है समर्थन और जनता से फ़िल्म देखने की अपील की है।
सूरत पुलिस टीम और गणेश मंडल के आयोजकों के साथ मिलकर, मैंने उसी गणेश पंडाल में गणेशजी की आरती और पूजा की, जहां पत्थरबाजी हुई थी।
जय गणेश!!”
Along with Surat Police Team and Ganesh Mandal organizers, I performed Ganeshji Aarti and Puja at the same Ganesh Pandal where stone-pelting occurred.
Jai Ganesh!!”
वीडियो पता नही कहा की है पर आप कपड़ो से पहचान सकते हो ये महानुभाव लोग कौन हैं
@RailMinIndia@AshwiniVaishnaw
महोदय जितने भी रेलवे पटरी के आस पास झुग्गी झोपड़ी में पड़े है उन्हें हटाओ नही तो किसी दिन ये बहुत बड़ा कांड कर देंगे
#दो_कुत्ते?
एक गांव में एक किसान रहता था।
उसके पास दो बैल और दो कुत्ते थे।
एक बार उसे किसी काम से गांव से बाहर जाना था किंतु उसकी समस्या यह थी कि खेत जोतने का भी समय हो गया था,
और काम पूरा करने के लिए गांव से बाहर भी जाना जरूरी था।
तब किसान ने उस समस्या का समाधान निकाला, उसने अपने बैलों और कुत्तों को बुलाकर कहा कि .
मैं कुछ दिनों के लिए गांव से बाहर जा रहा हूं,
मेरे लौटने तक तुम लोग सारे खेत जोतकर रखना ताकि लौटने पर खेतों में बीज बो सकूं। बैलों और कुत्तों ने स्वीकृति में सिर हिलाया।
किसान चला गया और बैलों ने किसान के कहे अनुसार खेत जोतना शुरू कर दिया, परंतु कुत्ते आवारागर्दी करते हुए सारा-सारा दिन आवारागर्दी करते रहते।
बैलों ने किसान के लौटने से पहले पूरा खेत जोत दिया।
जब कुत्तों ने देखा कि खेतों की जुताई हो गई है और मालिक के लौटने का समय हो गया है
तब कुत्तों ने बैलों से कहा कि तुम दोनों इतने दिनों से खेत जोत रहे हो और काफी थक गए हो इसलिए घर जाकर आराम करो और हम लोग खेतों की रखवाली करेंगे।
कुत्तों की बात मानकर दोनों बैल घर चले गए और खा पीकर आराम करने लगे।
इधर कुत्तों ने सारे खेतों में दौड़-भाग करके अपने पैरों के निशान बना दिए, और खेत की मेंड़ पर बैठकर किसान का इंतजार करने लगे।
थोड़ी देर में किसान वापस गांव आया और सीधा खेतों पर पहुंचा तो देखा दोनों कुत्ते मेंड़ पर बैठे हैं और खेतों की जुताई हो गई है, परंतु बैल कहीं नजर नहीं आ रहे थे।
किसान ने कुत्तों से पूछा कि बैल कहां हैं ?
कुत्तों ने कहा- मालिक आप जबसे गए थे तभी से हम लोग खेत जोत रहे हैं और अभी काम पूरा करके मेंड़ पर बैठकर आपका इंतजार कर रहे हैं,* *जबकि बैल घर से बाहर निकलकर खेतों की ओर झांकने भी नहीं आए, वह घर पर ही आराम से सो रहे हैं।
मालिक ने खेतों में जाकर देखा तो उसे हर तरफ कुत्तों के पैरों के निशान मिले, वह कुत्तों के उपर बहुत प्रसन्न हुआ और कुत्तों के साथ घर लौटा तो देखा कि बैल घर के बाहर बैठे हुए आराम कर रहे थे।
किसान बैलों के उपर बहुत क्रोधित हुआ और बैलों को रस्सी से बांध कर उनकी पिटाई कर दिया और कुत्तों को खाने के लिए दूध रोटी और मांस के टुकड़े दिए और बैलों को खाने के लिए सुखा हुआ भूसा दिया।
गुरुजी कहते थे कि
यह जो
महात्मा गांधी रोड,
नेहरू युनिवर्सिटी
इंदिरा एयरपोर्ट और ऐसे अनेकों जगह नेहरू और गांधी का नाम देखते हो ये कुछ वैसे ही कुत्तों के पैरों के निशान हैं और वे आजादी के बाद
से ही दूध मलाई खा रहे हैं।
जबकि रानी लक्ष्मी बाई, तात्या टोपे,लाला लाजपत राय , वीर सावरकर, महारानी अवंतीबाई लोधी सुभाष चन्द्र बोस, रामप्रसाद बिस्मिल, भगतसिंह, चंद्रशेखर आजाद, खुदीराम बोस.....!
जैसे सात लाख बहत्तर हजार असली सेनानियों
के परिवार को रुखी-सूखी घास ही मिली है ।
बंधुओं, यही है स्वाधीनता संग्राम में गांधी-नेहरू का योगदान।
“तू च*रि#*न है, तेरी क्या इज्जत..”
ये बोलते हुए मुरादाबाद में “डॉ० शहनवाज़”
ने दलित लड़की ( नर्स ) का किया रेप...
सब दलित चिंतक चुप रहेंगे, नोंचने वाला मुल्ला है
मो० शहनवाज़ के हॉस्पिटल में काम करती थी पीड़िता, मेहनाज़ ने पीड़िता को शहनवाज़ के सामने परोसा, पीड़िता “आंटी, आंटी” चिल्लाती रही और मुल्ला दलित बेटी को नोचता रहा...
बाद में शाहनवाज ने अपने दो मुस्लिम वार्ड बॉय बुलाये और बोला आओ तुम भी थोड़ा मज़े ले लो, फिर उन दोनों ने उस मासूम को कई घंटे नोचा.. और मेहनाज़ देखती रही कि एक काफ़िर की बेटी को कैसे रौंदा जा रहा है..
अब भी वक्त है दलित भाइयों, समय रहते इन कौमी दरिंदों से दूर हो जाओ वरना इसी तरह ये तुम्हारी बहन बेटियां नोंचते रहेंगे और तुम्हारे दलित हितैसी बनने वाले नेता इनके नाम पे चुप रहेंगे ✍️
एक महिला के भाई नहीं था रक्षाबंधन के दिन वह राखी, नारियल और मिठाई लाई।।
पति - बोला तुम्हारा कोई भाई तो है नहीं फिर ये सब क्यों लाई हो..?
पत्नी बोली मेरा कोई भाई नहीं है इसलिए मैंने बाजू वाले सलीम भाई को अपना धर्म भाई बनाया है।
पति - बोला ठीक है पर राखी बांधने से पहले तुम सलीम से ये पूंछकर आओ कि शादी से पहले उसकी बीवी उसकी क्या लगती थी??
उस महिला ने सलीम से जाकर पूंछा कि तुम्हारी पत्नी रेहाना शादी से पहले तुम्हारी क्या लगती थी??
सलीम - बोला रेहाना शादी से पहले मेरे चाचा की बेटी मेरी चचेरी बहन थी।।।
पत्नी ने घर आकर अपने पति को बताया,
पति बोला जब उसने अपनी सगी बहन को नहीं छोड़ा तो वह राखी बांधने से तुम्हें छोड़ देगा क्या??
पत्नी को अब सारी बात समझ में आ गई थी....
बात - बात पर जातिवाद फैलाने का आरोप लगाने वाले और हिंदू - मुसलमान भाई - भाई मानने वाले उन सभी सेक्युलर भाई - बहनों को समर्पित है,,, ✍️
Result of voting for CONgress. KA govt has handed over the site of Tumkur Vinayaka Temple to an Islamic trust.
All voices will be suppressed. No media will highlight. Not much outrage will be there, in a day or two it’s a gone case
#SaveVinayakaTemple
https://t.co/6UtUCC2JbM