#Jaipur: राजस्थान सरकार ने नामांतरण पर पुराना नियम फिर किया लागू
27 मई 2025 का परिपत्र तत्काल प्रभाव से निरस्त, रजिस्ट्री के बाद स्वतः नामांतरण व्यवस्था फिर हुई बहाल....
#RajasthanWithFirstIndia#JaipurNews@TonkZiya
सोचो ऐसे ऐसे वक्ता देश में है
मैं तमाम विपक्षी पार्टियों से अनुरोध करूंगा ऐसे प्रवक्ताओं को नियुक्त करे जो वो परिस्थिति झेल कर आये है जो आज देश हकीकत जानना चाहता है।
देश के असली प्रवक्ता यहीं है।
वायरल इरफ़ान से आज मेरी भी मुलाकात हुई.
लल्लनटॉप के वीडियो से उसके बारे में पता चला लेकिन आज उससे मिलकर लगा कि कमाल है ये लड़का.
पूरा वीडियो मेरे यूट्यूब चैनल पर
नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi ने दिल्ली के रहने वाले मोहम्मद इरफ़ान से मुलाकात की।
बड़ी ही साफगोई और ईमानदारी से युवाओं का दर्द और उम्मीदें सामने रखने वाले इरफ़ान में आपको हर वो नौजवान दिखेगा, जो इस सरकार से नाउम्मीद हो चुका है।
हमारा इरफ़ान जैसे हर एक युवा से वादा है- हम साथ मिलकर ऐसा हिंदुस्तान बनाएंगे, जहां मोहब्बत, भाईचारा, सम्मान, समानता और अवसर की कोई कमी नहीं होगी।
📍 दिल्ली
मैं इन भाई को नहीं जानता, इनका क्या नाम है मुझे नहीं पता।
लेकिन इन भाई के चंद मिनटों के विचारों ने स्पष्ट कर दिया कि लोकतंत्र क्या है, संविधान क्या है और भारत देश क्या है।
मैं स्वयं तथा तमाम राजनीतिक दलों, राजनेताओं, नीति निर्माताओं, देश के जिम्मेदार पदों पर बैठे ओहदेदारों से लेकर अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक को यदि किसी एक चीज के पालन की जरूरत है तो वो है देश के संविधान की मूल भावना की। हमारा सच्चा राष्ट्रवाद हमारे संविधान में निहित है।
8वें केंद्रीय वेतन आयोग की बैठक 7 अगस्त से दिल्ली में
आयोग 7 और 10 अगस्त को दिल्ली में कर्मचारी संगठनों से करेगा चर्चा, वेतन संशोधन,पेंशन,भत्ते,फिटमेंट फैक्टर,पदोन्नति...
#8thPayCommission#FirstIndiaNews
#Jaipur: 15 अगस्त से 15 नवम्बर के बीच होंगे पंचायत-निकाय चुनाव !
कल CMO में उच्च स्तरीय मंथन के बाद आज मिलेगा रिपोर्ट को अंतिम रूप, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सहमति के...
#RajasthanWithFirstIndia@BhajanlalBjp@RajCMO
RGHS लाभार्थियों के लिए बड़ी राहत।
13 जुलाई से नई व्यवस्था लागू होगी।
अब OPD में डॉक्टर द्वारा लिखी गई ₹2,000 तक की जांच बिना पूर्व अनुमति सीधे कराई जा सकेगी। ₹2,000 से अधिक की जांच के लिए तय समय में मंजूरी अनिवार्य होगी, देरी होने पर आवेदन स्वतः स्वीकृत माना जाएगा।
इमरजेंसी मामलों में प्री-अथॉराइजेशन की भी आवश्यकता नहीं होगी। जिससे मरीजों को बिना देरी आवश्यक जांच और उपचार मिल सकेगा।
#जयपुर पटवारी तबादला सूची में शैलेश दिगम्बर सिंह का तबादला
तबादला सूची में 609 क्रमांक पर शैलेश दिगम्बर सिंह का नाम, नवोडा को बेरा,पाटोदी, बालोतरा से सोमगांव, तहसील,डीग तबादला, 924 पटवारियों की तबादला सूची में हुआ तबादला, ट्रांसफर सूची में नाम देखकर लोग हुए असमंजस में, शैलेश दिगम्बर सिंह का नाम तबादला सूची में बना चर्चा, डीग-कुम्हेर से विधायक हैं शैलेश दिगम्बर सिंह, क्या नाम एक, पहचान अलग, ट्रांसफर लिस्ट ने बढ़ाई उत्सुकता
@DipuGoyal #LatestNews #RajasthanNews #RajasthanWithZee
ब्यावर के नए तहसीलदार होंगे मोहर सिंह
तहसीलदार हनुत सिंह रावत का ब्यावर से JDA जयपुर हुआ स्थानांतरण, ब्यावर तहसीलदार के पद पर रहते हुए हनुत सिंह ने निपटाए कई रास्ते के विवाद, गोशाला का रिसीवर होने के नाते गोशाला का कराया विकास, गोशाला में बनने वाले नन्दीशाला में रहा महत्वपूर्ण योगदान
#Beawar #RajasthanWithFirstIndia @RajGovOfficial
हनुमान बेनीवाल जी के मामले में सिद्धू मूसेवाले का गाना बिल्कुल फिट बैठा है कि. .....
इंटरव्यूआं चेक कर लई, विचों विच फैन साळे जट्ट दे....
देख के तरक्की जरी जावे ना, ऐवें साले खांदे रहन्दे खार नी...... @hanumanbeniwal@madanrrathore
#Jodhpur: #पीपाड़_सिटी : आरआई-पटवारी की लापरवाही पड़ी भारी, सैकड़ों किसान मुआवजे से वंचित
फसल कटाई प्रयोगों की रिपोर्ट समय पर CCE Agri App पर अपलोड नहीं करने के मामले में भू अभिलेख प्रभारी IAS प्रीतम कुमार ने पीपाड़ तहसीलदार मदनलाल गर्ग को कारण बताओ नोटिस जारी किया वर्ष 2025-26 के रबी सीजन के 9 फसल कटाई प्रयोग लंबित पाए गए, बुचकला क्षेत्र में आरआई और तिलवासनी पटवारी की लापरवाही से संकट
@MRajSaini3 #LatestNews #RajasthanNews #RajasthanWithZee
25 सितंबर के घटनाक्रम को लेकर किए गए दुष्प्रचार के संबंध में:
आज मुझे सब कुछ मिल गया, मैं अति संतुष्ट पॉलिटिशियन हूँ देश का। अब मैं पद के पीछे नहीं हूँ। कोई पद ज़बरदस्ती आकर मुझपर पड़ जाए तो अलग बात है देखो। मैं कोई पद के लिए नहीं हूँ कि पद के लिए मैं ये करूँ, वो करूँ, कुछ नहीं करना मुझे।
तीन-तीन बार मुख्यमंत्री कम नहीं होता देखो। ये तो हमारे नेता लोग समझ नहीं पा रहे हैं मेरी भावनाओं को। मैंने कहा लाइन मेरे से बड़ी खींचो तुम। मेरी लाइन तुम मिटाओ मत, मेरे से बड़ी लाइन खींचो। कौन मुख्यमंत्री बनेगा, नहीं बनेगा, किसी को नहीं मालूम। हम चाहते हैं कि सब मिलकर चलते रहो, चलते रहो। अभी संकट जो मैं कह रहा हूँ देश संकट में है, तो क्यों नहीं तुम आगे आ-आकर के हम सब मिलकर देश की रक्षा करें? कांग्रेस का औरा जो राजस्थान में है, हिंदुस्तान में वो हमें महसूस है, दिल्ली में रैली होती है सबसे अधिक लोग राजस्थान से जाते हैं। हाईकमान इस बात को जानता है। 20-25 साल से मैं देख रहा हूँ। इसलिए कृपा करके सब मतभेद भूलो, सब एक हो जाओ।
और इस मीडिया वालों को, मेजर क्या वो मीडिया जो मुख्य मीडिया है वो मीडिया जो आपका क्या कहलाता है, गोदी मीडिया। अब गोदी मीडिया का गोदी हटे ये उन मीडिया वालों से चाहिए कि अब गोदी हटवा दें वो अपना। वो तब हटवा पाएँगे जब ईमानदारी के साथ में सामाजिक सरोकार रखेंगे, देश हित में बात करेंगे, और सरकार के दबाव में नहीं आएँगे तो जाकर के ये तमगा गोदी मीडिया का हटेगा।
और सोशल मीडिया में मैं कहना चाहूँगा कृपा करके आप सच्चाई पे चलो, और आप सचिन पायलट को नुकसान मत करो। बहुत नुकसान कर चुके हो, बहुत नुकसान कर चुके हो। इतना नुकसान कर दिया आप कल्पना नहीं कर सकते, मैं बराबर सुनता रहता हूँ उनको। अब मैं कहता हूँ अब किसको जाके मैं कहूँ? किसको जाके कहूँ? कोई कुछ बोलता, कोई कुछ बोलता, कोई कुछ बोलता है और कमेंट कर देते हैं हम लोगों पर।
कुछ एबीसीडी पता नहीं उनको, और रिवोल्ट हो गया, रिवोल्ट हो गया। अरे, रिवोल्ट कैसे हो गया? अगर 100 लोगों ने कहा कि हमने साथ दिया हाईकमान का, सरकार हमने बचाई है। हम में से किसी को भी बना देते मुख्यमंत्री, क्या गलत कहा उन्होंने? क्या गलत कहा उन्होंने? और उसको रिवोल्ट बता रहे हैं वो हाईकमान के खिलाफ है, पर मैंने माफी माँगी सोनिया गांधी से फिर भी, मैं उस वक्त विधायक दल का नेता था।
मैं नेता था विधायक दल का, मुझे तीन बार बिना माँगे हुए सोनिया गांधी ने मुझे मुख्यमंत्री पद दिया। 1998 के अंदर, 2008 में सेकंड टाइम मुख्यमंत्री बनाया मुझे सोनिया जी ने, थर्ड टाइम तो मैं 21 पे आया हुआ था। 2013 में मैं 21 पे आया हुआ था, तभी तीसरी बार राहुल गांधी जी ने, सोनिया जी ने, प्रियंका जी ने मिलकर मुख्यमंत्री बनाया।
मैं कांग्रेस प्रेसिडेंट बन रहा था, मैं अनपढ़ नहीं हूँ। मैं पढ़ा-लिखा भी हूँ। ये क्यों भ्रम है मीडिया वालों को? और अनपढ़ आदमी होता तो फिर भी कह देते वो। अनपढ़ कामराज जी थे, तब भी कांग्रेस प्रेसिडेंट थे देश के। मैं अनपढ़ नहीं हूँ। मुझे पता है कांग्रेस प्रेसिडेंट का पद जहाँ गांधी जी अध्यक्ष रहे हों, पंडित नेहरू रहे हों, मोतीलाल नेहरू रहे हों, कौन नहीं रहा? सरदार पटेल रहे हों, उस कांग्रेस प्रेसिडेंट मुझे बना रही हैं सोनिया गांधी और कांग्रेस, तो मैं मना करूँगा? मैं मना करूँगा?
वो तो स्थिति ऐसी बना दी, वो भी एक कॉन्सपिरेसी थी मेरे ख्याल से। मुझे लगता है वो एक बड़ी कॉन्सपिरेसी हुई। अचानक ही ऑब्ज़र्वर आ गए, अचानक ही तमाशा हो गया, बदनाम मैं हो गया।
हिंदुस्तान में लोग समझते हैं अशोक गहलोत जो है, उसको मुख्यमंत्री रहना था, कांग्रेस अध्यक्ष नहीं बनना था, इसलिए रिवोल्ट हुआ। मुझसे कितने नज़दीक आदमी भी देश में हैं, कितने नज़दीक मेरा खुद का मिलने वाला हो, उसके दिमाग में यही बात है कि भाई, अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री रहना था इसलिए रिवोल्ट करवा दिया। अब मैं उनको कैसे समझाऊँ? आज मैं समझा रहा हूँ आपको। अब भी कुछ भला मेरा हो जाए तो आप लोग भला करना, जो मैं बता रहा हूँ आपको। पूरा मुल्क जानता है कि मुझे मुख्यमंत्री रहना था मैंने रिवोल्ट करवा दिया, और वही मैं मीडिया की बात करूँगा।
जिस मीडिया ने बातें फैलाई थी, मैं चुप रहा, और चुप भी मैं इसलिए रहा मुझे सोनिया जी को बताना था कि चाहे ये पायलट के खिलाफ रिवोल्ट था या क्या था, मुझे मतलब नहीं है। आज मैं आया हूँ सिर्फ इसलिए कि मैंने जो है, मैं नेता था विधायक दल का। ऑब्ज़र्वर आए हुए थे एआईसीसी के, एआईसीसी ऑब्ज़र्वर के मायने होते हैं। चाहे वो खड़गे साहब थे चाहे अजय माकन जी थे, और मैं प्रस्ताव पास नहीं करवा पाया।
हालाँकि, मैंने रात को कहा था कि आप अभी इस मीटिंग को बंद करते हैं, कल वापस मीटिंग बुलाकर के अपन बात करेंगे। वो स्थिति बनी नहीं हमारी, इसलिए वो इसलिए जो है, वो नहीं हो पाया प्रस्ताव पास नहीं हो पाया। मैंने जाके सॉरी फील किया मैडम के सामने कि मैं विधायक दल का नेता था। मुझे सब कुछ पार्टी ने दिया है, उसके बाद में भी ये स्थिति बन गई तो मैं माफ़ी चाहता हूँ। ये बात थी।
संत, सनातन और गौमाता के नाम पर सत्ता में आई राजस्थान की भाजपा सरकार आज संतों की तपस्या और आस्था की उपेक्षा कर रही है। राजनीतिक और आर्थिक लाभ के लिए सनातन की भावनाओं को आहत किया जा रहा है।
जयपुर जिले में स्थित दादूपंथ की आस्था के प्रमुख केंद्र भैराणा धाम को औद्योगिक क्षेत्र (रीको) के लिए अधिग्रहण से बचाने हेतु संत समाज पिछले दो महीनों से आंदोलनरत है। भीषण गर्मी में संतजन तपस्या करते हुए इस पवित्र स्थल एवं पर्यावरण की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
27 मई को प्रदेशभर से राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के कार्यकर्ता और सदस्य संतों के सम्मान में भैराणा धाम पहुंचे तथा लोकतांत्रिक तरीके से संत समाज की आवाज सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया। महापंचायत के दौरान सरकार के निर्देश पर आए अधिकारियों के साथ वार्ता हुई, लेकिन प्रथम चरण में सहमति नहीं बन सकी। संतों के निर्देशानुसार जयपुर कूच का निर्णय लिया गया।
इसके बाद सरकार ने पुनः अधिकारियों को वार्ता के लिए भेजा और मध्य रात्रि के बाद हुई बातचीत के दौरान प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और संत समाज की संयुक्त समिति बनाने, भैराणा धाम में प्रस्तावित रीको परियोजना को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने सहित कई बिंदुओं पर जनता, संतों और मीडिया के समक्ष सार्वजनिक सहमति व्यक्त की गई। इसके पश्चात जयपुर कूच स्थगित कर दिया गया।
किन्तु 27 मई से आज 1 जून हो गई मगर सरकार द्वारा किए गए आश्वासनों को अमल में लाने की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई होती दिखाई नहीं दे रही है। सार्वजनिक रूप से किए गए वादों का पालन न करना सरकार की विश्वसनीयता को कमजोर करता है।
मैं राजस्थान सरकार से कहना चाहता हूं कि यदि वह इस मामले में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी को श्रेय नहीं देना चाहती, तो यह उसकी इच्छा है। हमने हमेशा श्रेय से अधिक जनहित को प्राथमिकता दी है। लेकिन संत समाज की भावनाओं का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। जब किसी जनआंदोलन के बाद सरकार सार्वजनिक समझौता करे और फिर अपने वादों से पीछे हट जाए, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए शुभ संकेत नहीं है।
मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp
से कहना चाहता हूं कि 27 मई को हुए समझौते के बाद आपकी सरकार से जुड़े विभिन्न संगठन संतों पर अनैतिक दबाव बनाने और उन्हें भयभीत करने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही, वास्तविक मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के कार्यकर्ताओं के विरुद्ध कथित रूप से झूठे मुकदमे दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा रही है।
सरकार को चाहिए कि वह समय पर संभल जाये और समझौते के अनुरूप तत्काल कार्रवाई करे, संत समाज की भावनाओं का सम्मान करे तथा भैराणा धाम की पवित्रता और पर्यावरण की रक्षा सुनिश्चित करे अन्यथा प्रदेश भर में भैराणा धाम को बचाने के लिए आंदोलन किए जाएंगे और इन आंदोलनों के दौरान किसी भी प्रकार से कानून व्यवस्था बिगड़ती है तो उसकी पूर्ण जिम्मेदारी राजस्थान सरकार की होगी |
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी सत्ता की लाठी और गोली से डरने वाली नहीं है |
@PMOIndia@RajCMO