@yoursnandieni Hinduism suggests women not to go to temple during periods, but it doesn't stop! They never check you while entering. So it is totally your wish to go or don't go! Isn't it??
@dramithmpa रामायण पढनी चाहिये इस महिला को। नारद मोह का प्रसंग जो नहीं पढ़ेगा उसको रामायण समझ नहीं आयेगी। इसीलिये वर्ण व्यवस्था में शूद्र को निम्न दर्जा दिया गया क्योंकि उसकी बुद्धि धर्म ग्रन्थ के गूढ़ रहस्य को समझने में असमर्थ है।
@sahoo_ravikant@ambedkarajay1 केवल कर्म कांड करने वाले को ही ब्राह्मण नहीं कहा जाता, ब्राह्मण पूरी एक प्रजाति है जो बांकी निम्न प्रजाति से ज्यादा विकसित दिमाग और बुद्धि रखते हैं। ब्राह्मण प्रारंभ से ही संख्या में कम रहे तुम हमेशा ज्यादा रहे, फिर भी ब्राह्मण हावी रहा, कभी सोचा ऐसा क्यों?? तुम क्यों नहीं ।
@Riteshk95050394 Every dalit is not ambedkarite!! Dalit of pakistan, bangladesh and nepal are not ambedkarite!! Same way some Dalits are pure hindu not ambedkarite! Ravi is from almora, and there is nil ambedkarite in almora!!
@MESSI73866753@KarishmaAziz_ मैने आज तक किसी बामपंथी को कोई सकारात्मक, सामाजिक काम करते नहीं देखा। किसी पीड़ित की सहायता करते नहीं देखा। कहीं मेडिकल कैंप लगाते नहीं देखा, आर्मी में जाते नहीं देखा। हां देशविरोधी और धर्म विरोधी नारे लगाते देखा है। मुस्लिम देशों में ऐसा वामपंथ क्यों नहीं पनपता?
@IAmNehaBhart एक पाकिस्तानी दलित अपने ब्लॉग में पूछ रहा है कि क्या दलित होने के लिए जय भीम बोलना और उनकी फोटो घर में रखना जरूरी है?? यही सवाल कल नेपाली दलित भी करेंगे। कृपया बताएं कि क्या हर देश के दलित का भगवान भीमराव है।
@K24Nation हर नृत्य मुजरा नहीं होता। भक्ति भाव से नृत्य करना सनातन में जायज है, तुम अपना इस्लामिक दिमाग मत लगाओ यहां। देश में शरिया कानून नहीं है सिर्फ शरिया है तुम लोग के पिछवाड़े के लिए।
@Nehabhartipro ये आंबेडकर वादी सिर्फ प्रोटेस्ट में ही क्यों जाते हैं?? इनको कभी बाढ़ पीड़ितों की सहायता करते कोई सामाजिक कार्य करते, किसी लाचार की मदद करते या कोई भी अच्छा काम करते नहीं देखा। जहां प्रोटेस्ट हो रहा हो वहां ये जरूर पहुंचते है और इनका मुद्दा भी एक ही रहता है हिंदुओं को गाली।
@MukhtarUddin70 क्योंकि हिन्दू शांति से रहते हैं, पाकिस्तान में रहकर देश से गद्दारि नहीं करते। हर जगह अपने धर्म का प्रचार नहीं करने लग जाते। दूसरों को कन्वर्ट करने की कोशिश नहीं करते। दूसरे की धार्मिक क्रिया को शिर्क नहीं बोलते, जय श्री राम का नारा लगाकर फटते नहीं। इसलिए इज्जत मिलती है।
@KarishmaAziz_ ये है भाई पत्रकार और ये है इसकी भाषा। सोशल मीडिया फ्रस्ट्रेशन निकालने के लिए नहीं है करिश्मा, भाषा की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है। भगवान भोलेनाथ तुमको सद्बुद्धि दें । आशीर्वाद है।