कॉकरोच बहुत प्रयास कर रहे हैं देश में फेक नैरेटिव चला कर नेपाल जैसा करवाने का |
लेकिन राष्ट्रवादी पत्रकार इनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंच कर इनकी सिट्टी पिट्टी गायब कर देते हैं संवैधानिक सवाल पूछ कर | 🔥
ये भारत का मालेगांव नहीं, इटली का तुरीन शहर है,
जो भी दिख रहा है वो फिलहाल वर्तमान है,
भविष्य का आंकलन आप स्वतः कीजिए,
यूरोप फिसल चुका है ईसाईयों के हाथों से..
#Europe#Itely#christianity
ये सिख पगड़ी पहनकर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए सुथप्पी नसीर मुहम्मद हैं, जिन्हें पुलिस घसीटकर ले जा रही है।
ये देश के विभिन्न हिस्सों में एक नियमित गतिविधि के रूप में इस तरह के भेष में संलग्न रहते हैं।
दिल्ली पुलिस को भी ध्यान देना चाहिए ऐसे लोगो पर।
क्रांति की वो आवाज़, जो आज भी दिलों में गूंजती है… 🇮🇳
महान क्रांतिकारी शहीद-ए-आज़म भगत सिंह जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन। 🙏
मातृभूमि के लिए उनका साहस, विचार और सर्वोच्च बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
#BhagatSingh#ShaheedBhagatSingh
1947 में 'मेविस्तान' बनाने के लिए मेव मुसलमानों ने देश के ख़िलाफ़ छेड़ा था विद्रोह
अलवर और भरतपुर के हिंदुओं ने सिखाया ऐसा सबक कि मेवों को भागना पड़ा पाकिस्तान
कैसे शुरू हुआ मेवात का कैंसर? @Shh_Shaili से जानिए पूरा इतिहास
"अपराध चाहे कितना भी गंभीर क्यों न हो मृत्यु दंड नहीं होना चाहिए"। भारत समेत दुनिया भर में कुछ लोग ऐसी मांग करते रहते हैं। मानवता की आड़ में दानवता का खेल। देखें पूरा वीडियो: https://t.co/xq2TanSoaK
🚨 HOUTHI CHILD SOLDIERS BEING SHOWCASED DESPITE UN PLEDGE
Despite signing a UN action plan pledging to end the recruitment and use of children in armed conflict, the Iran-backed Houthis are circulating new footage showing armed minors on Yemen’s front lines.
निशाने पर मक्का मदीना 🚨
निशाना लगाने वाले भी मुसलमान...
मक्का समझौते वाले पाकिस्तान की बोलती बंद..
माना जा रहा है कि 2 अरब मुसलमानों का पवित्र स्थल मक्का अब आतंकियों के निशाने पे है...
हूती आतंकियों द्वारा मक्का को तबाह करने का प्रयास ✍️
अमित शाह ने अगले तीन साल यानी 2029 तक भारत को नशामुक्त बनाने का दावा किया है। लेकिन भारत में इतनी ड्रग्स कहां से आ रही है और नशाखोरी के पीछे कौन है? देखें वीडियो: https://t.co/Y5c3YLBpN0
ये वेदिक पश्तून समुदाय है जो कभी धर्मांतरित नहीं हुए।
उनके पारंपरिक कपड़ों और पहनावे का मज़ाक उड़ाया जाता था। कई बार लोग उन्हें मुसलमान समझ लेते थे।
फिर भी उन्होंने अपनी पहचान, अपनी संस्कृति और अपनी भाषा को बचाए रखा।
सम्मान 🙏