ये आलीशान मकान दशकों से सरकारी आरक्षणजीवी और तथाकथित पिछड़ी जाति के नाम पर लाभ ले रहे प्रेम यादव का है
दूसरी झोपड़ी एक ब्राह्मण की है जिसे सरकारी लाभों से ब्राह्मण होने के नाम पर वंचित रखा
उसे क़िताबों में क्रूर बताकर उसका शोषण किया गया
और दबंगों ने उसके पूरे परिवार को मार डाला
अब समझ आया न, क्यों है जातिवार जनगणना की जरूरत!
पहली झलक ही विस्फोटक है:
हिंदू अगड़ी जातियां (ब्राह्मण, भूमिहार, राजपूत, कायस्थ) कुल सिर्फ 11.6%
पिछड़ी (ओबीसी) जातियां 63.1%
अब यह आंकड़ा चाहिए कि बिहार के अफसरों, शिक्षकों, जजों व मीडिया में अगड़ों और पिछड़ों का अनुपात क्या है।
अब यह भी समझ आ जाएगा कि कौन इन आंकड़ों के जारी होने का विरोध कर रहा था!
जिसकी जितनी आबादी उनको उतना हक
ठीक हैं मान लेते हैं
अब हमारा यह कहना हैं जिसकी जितनी आबादी उनको उतना ही टैक्स
जिनकी कम आबादी उनको कम टैक्स
मंजूर हैं डील!!!
मार्केट में GST, VAT, Excise, Income Tax की rate जाति आधार पर कर देनी चाहिए
ब्राह्मण की आबादी सिर्फ 3% तो उनके ऊपर सिर्फ 3% tax लगे
बाकि 97% आरक्षण जिसको लेना हैं ले जाओ औऱ 97% tax भी आपस में समझ लेना
बिहार की जातिगत जनगणना से पता चला है कि वहां OBC + SC + ST 84% हैं।
केंद्र सरकार के 90 सचिवों में सिर्फ़ 3 OBC हैं, जो भारत का मात्र 5% बजट संभालते हैं!
इसलिए, भारत के जातिगत आंकड़े जानना ज़रूरी है। जितनी आबादी, उतना हक़ - ये हमारा प्रण है।
Ravindra Gupta had mortgaged his house for a ₹35 lakh loan for his friend Arun's shop, in Lucknow
Ravindra Gupta passed away in 2015, and Arun was declared bankrupt as well.
Now, the Revenue Department and the police have arrived to take possession of the house.
Ravindra's wife, Seema Gupta, and daughter opposed it. This is how the Police treated them and an FIR has been filed against Seema Gupta and 2 others.
If the loan were $3.5 billion instead of ₹35 lakh, the Gupta family would have been treated differently by the government. In fact, they would have been enjoying themselves in London, attending Harish Salve's parties.
While the government writes off loans for rich individuals like Adani and Mallya, common people are harassed and treated ruthlessly.
Why should the police be allowed to manhandle citizens like this? It's so annoying and outrageous.
via @UtkarshSingh_
दिल्ली केआर संत नगर ईस्ट ऑफ कैलाश के रहनेवालों में पार्किंग को लेकर रोज़ लफड़ा होता रहता है. किसी रोज़ कोई मारा भी जा सकता है. सरदार जी और उनके परिवार की महिलाओं ने सामने वाले और उसकी पत्नी को धो दिया. अगर कोई बराबरी का मिलता तो सोचिए क्या होता.
#Delhi#Parking#Fight
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