'बाल काटना नाई का धर्म नहीं धंधा है, चमड़े की सिलाई करना मोची का धर्म नहीं धंधा है, इसी तरह पूजा पाठ करना करवाना ब्राह्मण का धर्म नहीं धंधा है.' - महात्मा जोतीराव फुले.
''कृपया हमारा स्कूल दूसरे स्कूल में नहीं मिलाया जाए, क्योंकि दूसरा स्कूल 3 किलोमीटर से भी ज़्यादा दूर है, रास्ते में जंगल है, जंगल में जानवर बहुत हैं और यमुना नदी का पानी भी बहुत भरा रहता है..''
औरैया के प्राथमिक विद्यालय के इन बच्चों की पुकार में जो डर है, वो किसी परीक्षा का नहीं… बल्कि उस भविष्य का है जिसे सरकार खत्म करना चाहती है।
इस मार्मिक वीडियो को देखकर भी अगर सरकार का दिल नहीं पसीजा… समझ लीजिए कि उस दिल में इंसानियत की जगह सत्ता का अभिमान बैठा है!
#SaveVillageSchools
💥तानाशाही के खिलाफ पूरा उत्तर प्रदेश खड़ा हो गया है।
💥सरकार को स्कूलों को बंद करने का काला आदेश तो वापस लेना ही होगा। ग़रीबों की शिक्षा पर सीधा डांका डालने की कोशिश है।
💥आखिर गरीबों से बीजेपी को नफरत क्यों?
संविधान का हनन क्यों?
#स्कूल_बचाओ#SaveVillageSchools
प्रदेश में 2 लाख शिक्षकों के पद खाली है फिर भी बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी और सरकार इस बात को मानने को तैयार नहीं है ... क्योंकि वो नहीं चाहते कि हम दोबारा सरकार में आए इसलिए भर्ती नहीं कर रहे है 💯
@snsinghbjp@thisissanjubjp@myogioffice
गरीब मां बाप के अपने बच्चों के लिए क्या सपने होते हैं ,कोई बड़ा आदमी नहीं सोचता।
बच्चों को समय से अवसर मिलें,नौकरी मिले,सभी माता पिता का सपना होता है।
पर उत्तर प्रदेश में तो भर्तियां 5-5-6-6 साल में आती हैं, बच्चों को नौकरी के स्थान पर ओवरएज होते देखना कितना दुखी करता है ,कोई नहीं सोचता।
भर्ती अनाउंस करने के बाद भी बोर्ड कोई फर्क नहीं पड़ता कि अभ्यर्थी का क्या होगा।
#Release_UPSI_UPP_Notification
@upprpb@UPGovt@myogiadityanath@myogioffice @ChiefSecy_UP @Rajeevkrishna69 🙏
सर्व शिक्षा अभियान पूर्व प्रधानमंत्री माननीय अटल बिहारी बाजपेई जी के नेतृत्व वाली सरकार ने पारित किया था सरकार की सोच थी कि 6-14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाए ।इस अभियान के अंतर्गत सरकार ने प्रत्येक गाँव व मजरे में प्राथमिक विद्यालय व प्रत्येक किमी पर उच्च प्राथमिक विद्यालय की स्थापना हेतु भवन सहित तमाम संसाधन उपलब्ध कराए
परंतु आज कम/अपर्याप्त छात्र संख्या के आधार पर विद्यालयों को समाप्त करके अन्य विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराने की योजना तैयार की गई है
परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत जनसंख्या वृद्धि की दर घट रही है दूसरी तरफ़ विभाग ने तमाम अधो मानक विद्यालयों को मान्यता प्रदान कर रखी है तमाम ग़ैर मान्यता के विद्यालय अधिकारियों की मिलीभगत से आज भी संचालित हो रहे है ऐसे में नामांकन कम होना स्वाभाविक है
सरकार ने विधान सभा में सदैव माना है कि छात्र व शिक्षक अनुपात उत्तर प्रदेश में मानक के अनुसार सही है तो फिर विद्यालयों को बंद करने की जरूरत क्या है और यदि सरकार को लगता है कि शिक्षकों की आवश्यकता है तो उसकी कमी नई भर्ती करके करनी चाहिए न कि विद्यालय बंद करके ।
इससे गाँव देहात के तमाम बच्चों से शिक्षा दूर हो जाएगी
लगभग २० हज़ार विद्यालयों का मर्जर पूर्व में करके शिक्षकों की पदोन्नति के अवसर समाप्त कर दिए गए ।वर्ष 2015 से आज तक किसी भी शिक्षक की पदोन्नति नहीं हुई ।इस आदेश से शिक्षकों के हजारों पद समाप्त हो जायेंगे
जिससे कार्यरत शिक्षकों की पदोन्नति नहीं होगी
जो डी एल एड या बीटीसी पास युवक युवतियाँ शिक्षक बनने की उम्मीद में हैं वे शिक्षक नहीं बन पाएंगे
माननीय मुख्यमंत्री जी से अनुरोध है कि इस आदेश को निरस्त करने की कृपा करें।
वैसे भी किसी राज्य में शराब की दुकानों की संख्या में वृद्धि तथा विद्यालयों की संख्या में कमी की नीति आलोचना का कारण बनेगी
जब ग्रामीणों को पता चलेगा कि उनके गाँव का विद्यालय दूसरे गाँव में शिफ्ट किया जा रहा है तो जन आक्रोश लाजिमी होगा ।
#नई_प्राथमिक_शिक्षक_भर्ती
नई प्राथमिक शिक्षक भर्ती: प्रयागराज किसान पिता की बेटी अनुपमा की जुबानी, पिछले 7 सालों से कर रही है नई प्राथमिक शिक्षक भर्ती का इंतजार, नहीं आई बेसिक में कोई भर्ती !💥💯✅
#शिक्षक_भर्ती
💥मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी आप जो बेसिक शिक्षा विभाग का बेडागर्क कर रहे हो.., सरासर अन्याय है।
💥आपके हर वादे झूठे, बेतुके साबित होते है।
प्राथमिक विद्यालयों में लाखों पद सहायक अध्यापकों के रिक्त है मजाल है आप उनको भर दें।
#97000_प्राथमिक_शिक्षक_भर्ती
बुलंदशहर से #शिक्षक_भर्ती के धरने के लिए छात्र सेवकों ने की प्रेस कांफ्रेंस।
शिक्षक भर्ती मुद्दा अब तूल पकड़ चुका है।
कुछ ही दिनों में यह जिला वार होने जा रहा है।
15 लाख परिवार के एकजुट होने का समय आ चुका है।
"जब तक विज्ञापन नहीं
तब तक समापन नहीं।"