mzc रेलवे स्टेशन में स्वच्छता की स्थिति बेहद चिंताजनक दिखाई देती है। दीवारों पर जगह-जगह थूक के निशान, गंदगी और अव्यवस्था यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। इसके अलावा स्टेशन परिसर में नशे की हालत में बैठे लोगों पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। @IRCTCofficial
✨ भागलपुर के बरारी घाट पर गंगा महाआरती का मनमोहक दृश्य। दीपों की जगमगाहट, वैदिक मंत्रोच्चार और मां गंगा की आराधना से सजा यह दिव्य वातावरण भागलपुर की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पहचान को जीवंत करता है।
📍 बरारी घाट, भागलपुर (बिहार)
(श्रेय: अज्ञात)
#Bhagalpur#BarariGhat
भागलपुर के Kahalgaon Island पर जाने को लेकर फॉरेस्ट डिपार्टमेंट द्वारा प्रतिबंध लगाने पर नाविकों ने पूरे आइलैंड को किया साफ!
हाल के एक महीने में कहलगांव में अन्य राज्यों और जिलों से लाखों पर्यटकों का आगमन होने से गंदा हो गया था। नाविकों से अनुरोध है कि वे सफाईप्रहरी का काम करें।
🔸ER में चौथा सबसे अधिक राजस्व देने वाला जंक्शन होने के बावजूद 2014 के बाद से न नई ट्रेनें मिली हैं, न न्यू भागलपुर रेलवे स्टेशन की स्थापना हुई और न ही भागलपुर जंक्शन का पुनर्विकास शुरू हुआ है।
🔸अतः 2009 के अंतरिम बजट में घोषित भागलपुर को रेल डिवीजन बनाकर ECR में शामिल करें।
केवल बधाई पोस्ट ही होगा ?
अभी भागलपुर के विधायकों को CM @samrat4bjp जी से मिलकर नए-नए प्रोजेक्ट लेने के बजाय बधाई संदेश, फीता काटना इत्यादि में ही लगे हुए हैं।
मुझे लग रहा है मैंने @RohitPandey_bjp को वोट देकर गलती तो नहीं कर दी!
भागलपुर के सारे कामचोर विधायक केवल फीता काटने में व्यस्त रहते हैं।
एक तरफ जहां अन्य विधायक CM से मिलकर अपने क्षेत्र के लिए लगातार प्रोजेक्ट अप्रूव करा रहे वहीं ये लोग अबतक कुर्सी तोड़ रहे हैं।
@RohitPandey_bjp@shubhanandmukes@muraripaswanbjp
खाद्य मंत्री @iChiragPaswan जी द्वारा नवगछिया के केले को प्रोसेस करने वाली FPU लगाने का वादा किया गया था लेकिन कुछ नहीं किया इन्होंने अबतक। @Rajeshverma_LJP
Train no.07052 is running late by almost 1 day. My uncle and aunty are traveling on this train and we are unable to contact them for a long time. We are very worried about their safety and current status. Kindly help with an update and assistance at the earliest @drmsecunderabad
एनसीआर में एक और बिहारी मारा गया। 8 पेज के सु/साइड नोट में बेगूसराय के रामपुकार यादव ने लिखा कि उसे “बिहारी” कहकर जलील किया जाता था। यहां तक कहा गया कि “हरियाणा में भैंस 1 लाख 30 हजार की मिलती है और बिहारन 80 हजार में बिकती हैं।”
"मुझे ब्लैकमेल कर मेरे साथ संबन्ध बनाए"
लड़की का इंतजाम करो या पत्नी को बुलाओ...
आत्महत्या से पहले युवक ने 8 पेज का लिखा सु/साइड नोट
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गुरुग्राम के एक छोटे से कमरे में 17 मई की दोपहर जो हुआ, उसने सिर्फ एक परिवार नहीं तोड़ा, बल्कि कई ऐसे सवाल छोड़ दिए जिनका जवाब शायद सिस्टम के पास भी नहीं है। बिहार के बेगूसराय के रहने वाले 31 वर्षीय रामपुकार यादव ने फांसी लगाने से पहले 8 पेज का सुसाइड नोट लिखा। नोट के आखिर में उसने सिर्फ इतना लिखा — “सॉरी ऑल ऑफ यू…”
इन तीन शब्दों के पीछे वो दर्द छिपा था, जिसे वह करीब साढ़े तीन साल तक अंदर ही अंदर सहता रहा।
रामपुकार गुरुग्राम की एक कंपनी में काम करता था। पत्नी और इकलौता बेटा गांव में रहते थे। वह यहां नौकरी करके परिवार का घर चला रहा था और गांव में नया मकान भी बनवा रहा था। परिवार को उम्मीद थी कि मेहनत करने वाला रामपुकार एक दिन सब कुछ ठीक कर देगा, लेकिन किसी को नहीं पता था कि वह रोज अंदर से टूट रहा है।
रामपुकार ने आत्महत्या से पहले 8 पेजों का सुसाइड नोट लिखा था रामपुकार ने अपने सुपरवाइजर देवेंद्र कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने लिखा कि पहले उसे शराब पिलाकर उसके साथ गलत संबंध बनाए गए, फिर लंबे समय तक ब्लैकमेल किया गया। उसने आरोप लगाया कि उससे पैसे मांगे गए, धमकियां दी गईं और मानसिक रूप से लगातार प्रताड़ित किया गया।
लेकिन सिर्फ ब्लैकमेलिंग ही नहीं रामपुकार को उसकी पहचान और गरीबी को लेकर भी अपमानित किया गया। सुसाइड नोट में उसने लिखा कि उसे “बिहारी” कहकर जलील किया जाता था। यहां तक कहा गया कि “हरियाणा में भैंस 1 लाख 30 हजार की मिलती है और बिहारन 80 हजार में बिकती हैं।”
रामपुकार ने अपने नोट में लिखा कि जब उसने विरोध किया तो उससे कहा गया कि “लड़की की व्यवस्था करो, नहीं तो गांव से अपनी पत्नी को बुला लो।” यही बात उसे अंदर से तोड़ गई। उसने अपने मैनेजर, एडमिन और HR तक से मदद मांगी, लेकिन हर जगह उसे सिर्फ समझौता करने की सलाह मिली।
घटना के बाद भी परिवार को इंसाफ की उम्मीद थी, लेकिन परिजनों का आरोप है कि 30 घंटे तक FIR तक दर्ज नहीं हुई। परिवार बार-बार पुलिस से कार्रवाई की मांग करता रहा, लेकिन उन्हें सिर्फ प्रक्रिया और इंतजार का जवाब मिलता रहा। आखिरकार मजबूरी में परिवार शव लेकर गांव लौट आया।
बुधवार को जब रामपुकार का शव बेगूसराय पहुंचा, तो गांव में मातम पसरा हुआ था। मां बेसुध थी, पत्नी बार-बार सिर्फ यही पूछ रही थी — “अगर उसने इतना कुछ लिखा था, तो किसी ने उसे बचाया क्यों नहीं?
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हिंदुओं का दावा है कि जातिवाद नस्लवाद क्षेत्रवाद है ही नहीं ख़त्म हो चुका है फिर ये क्या है?
नासिक टीसीएस पर छाती पीटने वाले यहां चुप रहेंगे।
कांग्रेस और मुसलमानों के नाम पर रोज चूड़ियां तोड़ने वाले भी चुप रहेंगे।
मैं इसीलिए कहता हूं दोष जाति का नहीं है दोष है तो सिर्फ गरीबी का
पूरा परिवार उजड़ गया, पुलिस पैसे खाकर मस्त हो गई किसी को कोई फर्क नहीं।
क्या कोई बिहारी नेता रामपुकार को न्याय दिला पाएगा? उसे प्रताड़ित करने वाला देवेंद्र कब गिरफ्तार होगा? उसकी कंपनी का HR और मैनेजर कब गिरफ्तार होंगे?
@samrat4bjp मुख्यमंत्री जी, समय रहते ऐसे मामलों में कड़ा रुख अपना लीजिये वरना ऐसी घटनाएं आम बात हो जाएंगी। हरियाणा के मुख्यमंत्री से बात करिये, आईपीएस लेवल अधिकारी गुरुग्राम और दिल्ली भेजिए, @DelhiPolice पुलिसवालों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।